पंजाब में 22 आईएएस, आईएफएस और पीसीएस अफसरों की हुई तैनाती, जाने वजह

Daily Samvad
6 Min Read
WhatsApp Group Join Now
WhatsApp Channel Join Now
⏱️ 6 मिनट पढ़ने का समय|📝 741 शब्द|📅 30 Jul 2020

पंजाब में 22 आईएएस, आईएफएस और पीसीएस अफसरों की हुई तैनाती, जाने वजह

पंजाब में 22 आईएएस, आईएफएस और पीसीएस अफसरों की हुई तैनाती, जाने वजह

डेली संवाद, चंडीगढ़
कोविड -19 के हर पॉजिटिव मरीज़ को मानक इलाज मुहैया करवाने के लिए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की तरफ से 22 आई.ए.एस., आई.एफ.एस. और पी.सी.एस. अधिकारियों को कोविड पेशेंट ट्रेकिंग अफ़सर (सी.पी.टी.ओज़) के तौर पर तैनात किया गया है।

इस सम्बन्धी जानकारी देते हुये पंजाब के मुख्य सचिव श्रीमती विनी महाजन ने बताया कि राज्य में कोविड के अधिक रहे मामलों के मद्देनजऱ राज्य सरकार की तरफ से इन अधिकारियों को सी.पी.टी.ओज़. के तौर पर तैनात किया गया है। यह अधिकारी मरीज़ों के पोजिटिव पाये जाने के समय से इलाज तक उनको ट्रैक करेंगे जिससे जि़ला स्तर पर तालमेल और तेज़ी से प्रतिक्रया को यकीनी बनाया जा सके।

[ads2]

सी.टी.पी.ओज़ के तौर पर अपनी भूमिका निभाएंगे

यह अधिकारी अपनी मौजूदा ड्यूटियों के अलावा सी.टी.पी.ओज़ के तौर पर अपनी भूमिका निभाएंगे और सम्बन्धित डिप्टी कमिश्नरों को रिपोर्ट करेंगे। उन्होंने बताया कि मिस पल्लवी, आई.ए.एस, मुख्य प्रशासक अमृतसर विकास अथॉरिटी, श्री आदित्या डचलवाल आई.ए.एस, अतिरिक्त डिप्टी कमिशनर (जनरल) बरनाला, श्री परमवीर सिंह आई.ए.एस, अतिरिक्त डिप्टी कमिशनर (विकास), बठिंडा, मिस. पूनम सिंह, पी.सी.एस, सब डिविजऩल मैजिस्ट्रेट, फरीदकोट, श्री हरभजन सिंह, जि़ला बाल सुरक्षा अफ़सर, फतेहगढ़ साहिब को तैनात किया गया है।

इसी तरह श्री बरिन्दर सिंह, जि़ला सामाजिक न्याय और सशक्तिकरन अफ़सर, फाजिल्का, श्री कंवरदीप सिंह आई.एफ.एस., श्री सकतार सिंह बल्ल, पी.सी.एस., उप मंडल मैजिस्ट्रेट, गुरदासपुर, श्री बलबीर राज सिंह, पी.सी.एस., कमिशनर म्युंसिपल कारर्पोेशन, हुशियारपुर, मिस. नवनीत कौर बल्ल, पी.सी.एस., अस्टेट अफ़सर जालंधर विकास अथॉरिटी, जालंधर, श्री पवित्र सिंह, पी.सी.एस., उप मंडल मैजिस्ट्रेट, फगवाड़ा, श्री सन्दीप कुमार आई.ए.एस, अतिरिक्त डिप्टी कमिशनर (विकास), लुधियाना को भी लगाया गया है।

ये अधिकारी भी तैनात

श्री सागर सेतिया, आई.ए.एस, उप मंडल मैजिस्ट्रेट बुढलाडा, श्री कुलदीप कुमार, जि़ला रजिस्ट्रार सहकारी सभाएं, मोगा, श्री गगनदीप सिंह, पी.सी.एस., अतिरिक्त सहायक कमिशनर (सिखलाई अधीन), श्री मुक्तसर साहिब, मिस. निधी कुमुद बांबाह, पी.सी.एस, उप मंडल मैजिस्ट्रेट धारकलां, मिस. प्रीति यादव, आई.ए.एस, अतिरिक्त डिप्टी कमिशनर (विकास), पटियाला को भी तैनात किया गया है।

श्रीमती मोनिका यादव, आईएफऐस, जि़ला वन अफ़सर (वन्य जीवन) रूपनगर, श्रीमती रवजोत ग्रेवाल, आईपीएस, एसपी (ग्रामीण), एसएएस नगर, श्री आदित्या उप्पल, आईएएस अतिरिक्त डिप्टी कमिशनर (जनरल), एस.बी.एस. नगर, मिस. विद्या सागरी, आईएफएस, मंडल वन अफ़सर, संगरूर और श्री अमनप्रीत सिंह, अतिरिक्त सहायक कमिशनर (सिखलाई अधीन), तरन तारन को अपने जिलों के लिए सीपीटीओ के तौर पर नियुक्त किया गया है।

निजी अस्पताल में दाखि़ल होने की छूट

मुख्य सचिव ने कहा कि लैब में टैस्ट का नतीजा घोषित होते ही कोविड के हर पॉजिटिव मरीज़ का विवरण हासिल करने के साथ साथ सी.पी.टी.ओ. लेबों के साथ संपर्क यकीनी बनाऐंगे जिससे नतीजे हासिल करने में कोई भी देरी न होने दी जाये और कोविड के पॉजिटिव मरीज़ के साथ तुरंत संपर्क किया जाये। सी.पी.टी.ओ. यह भी यकीनी बनाऐंगे कि हर पॉजिटिव मरीज़ को आर.आर.टीज़ /स्वास्थ्य टीमों के द्वारा नज़दीकी अस्पताल में लाया जाये जिससे उनके स्वास्थ्य सम्बन्धी जांच की जा सके और उसके अनुसार इलाज करवाया जा सके।

यदि किसी व्यक्ति में कोविड -19 का कोई लक्षण नहीं है और वह किसी अन्य बीमारी से पीडि़त नहीं है तो उसे सी.सी.सी.(कोविड केयर सैंटर) या घरेलू एकांतवास भेजा जाता है (यदि वह स्वस्थ्य विभाग की तरफ से निर्धारित मापदंड पूरे करता है)। मरीज़ अपनी इच्छा अनुसार किसी प्रायवेट अस्पताल में दाखि़ल भी हो सकता है। यदि किसी व्यक्ति में कोविड -19 के लक्षण पाये जाते हैं और वह किसी अन्य बीमारी से भी पीडि़त है तो उसे लेवल-2 अस्पताल (सरकारी /प्राईवेट) में भेजा जाता है। यदि मरीज़ की हालत नाजुक है तो उसे तुरंत ही लेवल-3 अस्पताल (सरकारी / प्राईवेट) में भेजा जाता है।

एंबुलेंस सेवाओं की पूरी जानकारी होनी चाहिए

सी.पी.टी.ओज़ की भूमिकाएं और जि़म्मेवारियों संबंधी बताते हुये श्रीमती विनी महाजन ने बताया कि सी.पी.टी.ओज़. को डिप्टी कमिशनर के सलाह से जाने बचाने के लिए ज़रुरी खर्च करने सम्बन्धी फ़ैसला लेने का अधिकार दिया जायेगा। उदाहरण के लिए ज़रूरत पडऩे पर प्राईवेट एंबुलेंस या प्राईवेट अस्पताल का प्रयोग करना। हालाँकि, आम तौर पर सिफऱ् सरकारी ऐंबूलैंसों और सरकारी अस्पतालों का प्रयोग किया जाऐगा।

[ads1]

उन्होंने कहा कि सी.पी.टी.ओ. के पास सी.सी.सी. (कोविड केयर सैंटर), सरकारी अस्पतालों और प्राईवेट अस्पतालों में बैंडों की उपलब्धता सम्बन्धी सूची के साथ साथ स्तर -3 के इलाज के लिए बैडों और वैंटीलेटरों की उपलब्धता की सूची होनी चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि सी.पी.टी.ओ. के पास प्रायवेट और सरकारी एंबुलेंस सेवाओं की पूरी जानकारी होनी चाहिए। सी.पी.टी.ओ. के पास किसी भी एमरजैंसी रैफरल /ज़रूरतों के लिए पड़ोसी जिलों में अपने हमरुतबा के साथ अच्छा तालमेल होना चाहिए।

पिस्तौल की नौक पर 3 मनिट में लूटे 11 लाख, देखें LIVE

https://youtu.be/JssvHBYk8DA

















Share This Article
Follow:
Daily Samvad एक विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट है, जहां हम देश-दुनिया, राजनीतिक विश्लेषण, प्रदेश, शिक्षा, बिज़नेस, मनोरंजन, खेल, स्वास्थ्य सहित हर क्षेत्र की ख़बरें सरल भाषा में आप तक पहुंचाते हैं। हमारा उद्देश्य है—जनता की आवाज़ बनकर निष्पक्ष पत्रकारिता को आगे बढ़ाना। डेली संवाद ऑनलाइन के महाबीर जायसवाल फाउंडर चीफ एडिटर हैं। वे राजनीति, अपराध, देश-दुनिया की खबरों पर दमदार पकड़ रखते हैं। उन्होंने पत्रकारिता करियर की शुरुआत राजनीति की खबरों से की, जबकि उनके पास, अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग से लेकर एडिटर तक 25 साल से अधिक पत्रकारिता का अनुभव है। वे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भारत सरकार के कैबिनेट मंत्री गजेंद्र शेखावत के Media Consultant भी रहे हैं। उन्होंने इलाहाबाद की यूनिवर्सिटी से मास कॉम्यूनिकेशन, बीए और एमए की डिग्री हासिल की है। संपर्क नंबर: +91-98881-90945 ईमेल: mmmmediahouse@gmail.com
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *