Film Emergency Dispute: कंगना रनौत की फिल्म का विदेश में भी विरोध, स्क्रीनिंग को रोका; एक्टर ने कही ये बातें

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डेली संवाद, अमृतसर। Film Emergency Dispute: बॉलीवुड एक्टर व हिमाचल के मंडी से BJP सांसद कंगना रनौत (Kangana Ranaut) की बहुप्रतीक्षित फिल्म इमरजेंसी की रिलीज डेट कई बार पोस्टपोन हुई। आखिरकार फिल्म 17 जनवरी को रिलीज हो गई।

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फिल्म का भारत के साथ विदेश में भी इसका विरोध किया गया है। दरअसल, फिल्म इमरजेंसी का UK में खालिस्तानी समर्थकों ने विरोध किया। फिल्म की स्क्रीनिंग के दौरान खालिस्तानी समर्थक थिएटर में घूस गए और भारत के खिलाफ नारे लगाने लगे। इस दौरान उन्होंने खालिस्तान जिंदाबाद के भी नारे लगाए।

Khalistan supporters protesting against Kangana Ranaut's film Emergency at a UK theatre.
Khalistan supporters protesting against Kangana Ranaut’s film Emergency at a UK theatre.

सिखों की छवि खराब

खालिस्तानी समर्थकों ने फिल्म की स्क्रीनिंग रोकने की कोशिश की। इससे सिनेमा हॉल में तनावपूर्ण माहौल बनाया। जिसके बाद वहां मौजूद लोगों ने उनका विरोध किया और उन्हें वहां से जाना पड़ा।

उधर, पंजाब में भी इस फिल्म का विरोध हो रहा है। 17 जनवरी को सिनेमाघरों के बाहर सिख संगठनों ने प्रदर्शन किया था। PVR ग्रुप के 70 से 80 थिएटरों पर ये फिल्म दिखाई जानी थी, विरोध के बाद इन थिएटरों पर फिल्म नहीं लगी।

शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने फिल्म में सिखों की छवि खराब करने और इतिहास को गलत तरीके से पेश करने का आरोप लगाया है।

Letter written by SGPC.
Letter written by SGPC.

फिल्म पर रोक के लिए SGPC ने CM को लिखा था लेटर

करीब 4 दिन पहले SGPC के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को फिल्म पर बैन लगाने के लिए पत्र लिखा था। उन्होंने पत्र में लिखा था कि ‘इमरजेंसी’ को पंजाब में बैन किया जाए। फिल्म में 1975 के आपातकाल के दौरान सिखों और उनके संघर्ष को जैसा दिखाया गया है, वह इतिहास से मेल नहीं खाता और सिखों की गलत छवि बना रहा है।

धामी का आरोप है, फिल्म में सिखों के बलिदान और योगदान को नजरअंदाज किया गया। उन्हें नकारात्मक दिखाया गया। सिखों की भावनाओं का सम्मान करते हुए पंजाब में फिल्म रिलीज रोकी जाए।’ उन्होंने कहा था कि यदि यह फिल्म रिलीज होती है, तो सिख समुदाय में आक्रोश और गुस्सा पैदा होगा।

SGPC को फिल्म के इन सीन पर आपत्ति

फिल्म में 1975-77 के दौरान इंदिरा गांधी के पीएम रहते हुए लगाए गए आपातकाल के समय की घटनाओं को दिखाया गया है। खासतौर पर इसमें सिखों के खिलाफ हुई ज्यादतियों, गोल्डन टेंपल पर सेना की कार्रवाई और बाकी घटनाओं को दिखाया गया है। SGPC का दावा है कि फिल्म में इन घटनाओं को गलत रूप में पेश किया है।

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लॉ स्टूडेंट भेज चुका कंगना को नोटिस

पंजाब का एक लॉ स्टूडेंट सफल हरप्रीत सिंह की तरफ से कंगना को कानूनी नोटिस भेजा गया है, जिसमें पूरे पंजाब व सिख कम्युनिटी से माफी मांगने की मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर वे लीगल नोटिस का जवाब नहीं देतीं, तो इस मामले में कानून का सहारा लेंगे।

कंगना कह चुकी- कला और कलाकार का उत्पीड़न

पंजाब में फिल्म के विरोध के बाद कंगना ने X (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट डाली थी। उन्होंने लिखा- ‘यह पूरी तरह से कला और कलाकार का उत्पीड़न है। मैं सभी धर्मों का सम्मान करती हूं।

चंडीगढ़ में पढ़ाई और बड़े होने के बाद मैंने सिख धर्म को करीब से देखा और उसका पालन किया है। यह मेरी छवि खराब करने और मेरी फिल्म इमरजेंसी को नुकसान पहुंचाने के लिए सरासर झूठ और दुष्प्रचार है।’



















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मानसी जायसवाल, डेली संवाद ऑनलाइन में डिजिटल कंटेंट राइटर हैं। वे लोकल खबरों पर दमदार पकड़ रखते हैं। वह 5 सालों से अधिक समय से Daily Samvad (Digital) में पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता करियर की शुरुआत डेली संवाद से की। उन्होंने पंजाब के जालंधर के खालसा कालेज से एमए की डिग्री हासिल की है।
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