Friday the 13th: डर और रहस्य की तारीख, क्यों शुक्रवार13 को माना जाता है अशुभ?

Daily Samvad
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डेली संवाद, नई द‍िल्‍ली। Friday the 13th: हर महीने की कोई न कोई तारीख खास होती है। हालांक‍ि जब बात 13 तारीख की आती है, तो इस द‍िन के बारे में सोचकर ही लोगों की रूह कांप जाती है। ऊपर से शुक्रवार का द‍िन हो तो लोग सतर्क हो जाते हैं। ये द‍िन और इस तारीख को लोग अनलकी मानते हैं। आपने देखा होगा क‍ि बड़े-बड़े इमारतों में भी 13 नंबर का न तो कोई फ्लोर होता है, न ही ल‍िफ्ट में ये नंबर ल‍िखा हाेता है। यहां तक क‍ि होटलों में भी 13 नंबर का काेई कमरा नहीं होता है।

Friday the 13th
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कहां से आया यह अंधविश्वास?

कुछ इसे सिर्फ अंधविश्वास कहते हैं, तो कुछ मानते हैं कि इस दिन वाकई कुछ अनहोनी हो सकती है। लेकि‍न क्‍या आपको मालूम है क‍ि शुक्रवार का 13वां दिन इतना बदनाम क्यों है? क्या कभी इस दिन कुछ बड़ा और बुरा हुआ है? अगर आप नहीं जानते तो हम आपको इसके पीछे का सच बताने जा रहे हैं। पश्चिमी संस्कृति में यह लंबे समय से चली आ रही अंधविश्वास है कि यह दिन अशुभ होता है और कुछ लोगों को लगता है कि जब यह आता है तो बुरी चीजें हो सकती हैं।

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कोई नहीं जानता कि यह अंधविश्वास कहां से आया, लेकिन 13 नंबर और शुक्रवार (Friday the 13th) दोनों का ही दुर्भाग्य लाने का लंबा इतिहास रहा है। दरअसल, इतिहास में कई बार ऐसा हुआ है जब शुक्रवार 13 को दिल दहला देने वाली घटनाएं हुईं हैं। इसमें हजारों लोगाें की मौतें हुईं हैं। युद्ध शुरू हुए, Natural Disaster हुए। वहीं दुन‍िया के कई न‍ियम भी बदल गए। यही कारण है क‍ि लोगों में इस द‍िन को लेकर डर का माहाैल देखने को म‍िलता है।

द‍िल दहला देने वाली हुईं घटनाएं

सबसे पुराना रिकॉर्ड साल 1307 का रहा है। इस साल फ्रांस के राजा फिलिप IV ने 13 अक्टूबर को “नाइट्स टेम्पलर” नाम की ताकतवर धार्मिक सेना को एक साथ पूरे देश में गिरफ्तार करवा दिया था। इस दौरान कई लोगों को मौत के घाट उतार द‍िया गया। वहीं कुछ लोगों को जिंदा जलवा द‍िया गया और उनकी प्रॉपर्टी जब्त कर ली गई। बस तभी से शुक्रवार 13 को अशुभ माना जाने लगा।

दूसरा क‍िस्‍सा 13 सितंबर 1940 काे हुआ था। इस द‍िन जर्मन विमानों ने लंदन के बकिंघम पैलेस पर बम गिरा द‍िए थे, इस दौरान मौके पर ब्रिटिश रॉयल फैम‍िली मौजूद थी। हालांक‍ि कोई हताहत नहीं हुआ था। लेक‍िन ये हमला बेहद डरावना था।

तीसरा क‍िस्‍सा 13 अक्टूबर 1972 का सुनने को म‍िलता है। इस द‍िन दो बड़े प्‍लेन क्रैश हुए। पहला उरुग्वे का विमान एंडीज पर्वत में जाकर गिरा। इस हादसे में ज‍िनकी ज‍िंदगी बच गई थी, उन्‍होंने मरे हुए यात्रियों के शव को खा खाकर अपना जीवन गुजारा क‍िया। वहीं, रूस में एरोफ्लोट फ्लाइट 217 दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इस हादसे में 174 लोगों की मौत हाे गई थी।

13 नवंबर 1970 को बांग्लादेश में भयंकर भोलानदी तूफान आया। ये अब तक का सबसे खतरनाक Natural Disaster था। इसमें पांच लाख लोगों की जानें गई थीं।वहीं 13 जनवरी 1939 को ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया स्‍टेट में ‘ब्लैक फ्राइडे’ नाम की आग लगी, जिसमें 71 लोगों की मौत हो गई थी। 2012 में 13 जनवरी को क्रूज जहाज कोस्टा कॉनकोर्डिया इटली के पास चट्टानों से टकरा गया, जिसमें कई लोगों की मौत हुईं थीं। ऐसे में कप्‍तानों ने यात्र‍ियों की च‍िंता छोड़ खुद की जान बचाई थी।

Ahmedabad Plane Crash
Ahmedabad Plane Crash

ये हादसे भी दर्दनाक

ऐसे कई दर्द भरे और खौफनाक इति‍हास रहे हैं ज‍िसने इस द‍िन को मनहूस बना द‍िया। इसमें अमेरिका का स्टॉक मार्केट क्रैश (1989), ट्यूपैक की हत्या (1996), कैनसस में बाढ़ (1951) और 13 साल के लड़के पर 1:13 बजे बिजली गिरना (2010) शाम‍िल है। ऐसे में इस बात से पीदे नहीं हटा जा सकता क‍ि इतिहास में शुक्रवार का 13वां दिन सिर्फ अंधविश्वास नहीं, बल्कि कई बार सच में डरावना साबित हुआ है।

वर्तमान समय 2025 में कल यानि 12 जून दिन गुरूवार को अहमदाबाद में AIR India का बोइंग 787 ड्रीमलाइनर प्लेन क्रैश हो गया। इसमें 12 क्रू मेंबर समेत 242 लोग सवार थे। हादसे में केवल एक यात्री के जिंदा बच सका बाकि सबकी की मृत्यु हो गयी। वही आज 13 जून 2025 दिन शुक्रवार को बालीवुड की प्रसिद्ध अभिनेत्री करिश्मा कपूर (Karisma Kapoor) के पूर्व पति बिजनेसमैन और सोना कॉमस्टार कंपनी के चेयरमैन संजय कपूर (Sanjay Kapoor) का इंग्लैंड में निधन हो गया।

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मानसी जायसवाल, डेली संवाद ऑनलाइन में डिजिटल कंटेंट राइटर हैं। वे लोकल खबरों पर दमदार पकड़ रखते हैं। वह 5 सालों से अधिक समय से Daily Samvad (Digital) में पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता करियर की शुरुआत डेली संवाद से की। उन्होंने पंजाब के जालंधर के खालसा कालेज से एमए की डिग्री हासिल की है।
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