Punjab News: पंजाब में फर्जी STF अफसर और पत्रकार ने मिलकर SDO और JE का किया अपहरण, 7.20 लाख फिरौती लेकर छोड़ा

WhatsApp Group Join Now
WhatsApp Channel Join Now

डेली संवाद, लुधियाना। Punjab News: पंजाब से बड़ी खबर सामने आ रही है। लुधियाना में दो अफसरों को किडनैप कर 7.20 लाख रुपए की फिरौती वसूली गई है। 7.20 लाख रुपए लेने वाले लोग खुद को पंजाब पुलिस का अधिकारी बता रहे थे। कभी  STF का अधिकारी बताते तो कभी खुद को वे पत्रकार बता रहे थे। इस घटना के बाद शहर में हड़कंप मच गया है।

जानकारी के मुताबिक पंजाब (Punjab) के लुधियाना (Ludhiana) में पावरकॉम (PSPCL) के दो अधिकारियों को हथियारों के बल पर बदमाशों ने किडनैप कर लिया। चार बदमाश पुलिस अधिकारी बनकर दाखा स्थित PSPCL दफ्तर पहुंचे और SDO और JE पर हथियार तान दिया। इसके बाद उन्हें अगवा कर लिया। आरोपियों ने दोनों अधिकारियों के परिवारों से फिरौती मांगी।

7.20 लाख रुपए का इंतजाम

डरे-सहमे अधिकारियों ने कुछ ही मिनटों में 7.20 लाख रुपए का इंतजाम कर बदमाशों को दे दिया। फिरौती की रकम मिलने के बाद बदमाश दोनों अधिकारियों को लुधियाना-फिरोजपुर रोड पर पुरानी चुंगी के पास छोड़कर फरार हो गए। इसके बाद पीड़ितों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

यह भी पढ़ें: जालंधर के अरमान अस्पताल में इलाज के दौरान मृत हुई टीचर के परिजनों को इंसाफ की दरकार

इसके बाद पुलिस तुरंत एक्शन में आई। पुलिस ने सेफ सिटी में लगे सीसीटीवी कैमरों से बदमाशों के बारे में सुराग तलाशा। पुलिस ने पहचान कर आरोपियों को ट्रेस करना शुरू किया तो दो लोगों की लोकेशन पटियाला मिली। इसके बाद पुलिस ने दबिश देकर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है। दोनों ने खुद को एसटीएफ अधिकारी बताते हुए यह पूरी वारदात की।

ऐसे रची गई किडनैपिंग की साजिश

पुलिस के मुताबिक पकड़े गए दोनों आरोपियों की पहचान गुरिंदर सिंह और ब्रह्मप्रीत सिंह के रूप में हुई। इन बदमाशों के दो साथियों की भी पहचान हो गई है, जिनके नाम विनय अरोड़ा और अमनदीप सिंह है। इन दोनों की गिरफ्तारी के प्रयास भी पुलिस कर रही है।

पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने सरकारी अधिकारियों से पैसे ऐंठने के लिए पूरी योजना बनाई थी। PSPCL दाखा के सब-डिवीजन ऑफिसर (SDO) जसकिरन प्रीत सिंह ने पुलिस को बताया कि कुछ संदिग्ध प्लास्टिक बोतल प्रोडक्शन यूनिट के लिए बिजली कनेक्शन लेने के बहाने दफ्तर के चक्कर काट रहे थे। नए कनेक्शन की औपचारिकताएं पूछने के बाद वे चले गए।

STF अधिकारी बताया

कुछ देर बाद जब वह उसी परिसर में स्थित XEN रवि कुमार चोपड़ा के दफ्तर में गए तो वहां चार लोग मौजूद थे, जबकि XEN वहां नहीं थे। इसके बाद वे SDO के दफ्तर पहुंचे और उनके ऊपर हथियार तान दिया। बदमाशों ने खुद को एसटीएफ की टीम बताया। अचानक हुई इस अप्रत्याशित घटना से वे घबरा गए।

SDO ने बताया कि आरोपियों ने उनकी कलाई पकड़ी और खुद को स्पेशल टास्क फोर्स (STF) विजिलेंस विंग का अधिकारी बताया। आरोपियों ने दावा किया कि वे उन्हें गिरफ्तार करने के लिए छापा मार रहे हैं, क्योंकि XEN ने किसी से 2 लाख रुपए की रिश्वत मांगी है।

Arrested
Arrested

जेई को भी अगवा किया

SDO ने पुलिस को बताया कि बदमाशों ने जेई को बुलवाया। अचानक इस तरह से उनके साथ हुई घटना से वह डरे हुए थे, उन्होंने तुरंत जूनियर इंजीनियर परमिंदर सिंह को XEN के दफ्तर में बुलाया। आरोपियों ने हथियारों के बल पर दोनों को अगवा कर लिया और एक कोरोला कार में लुधियाना की ओर ले गए। आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी और छोड़ने के बदले पैसे का इंतजाम करने को कहा।

उन्होंने अपने परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों को फोन किया और 7.20 लाख रुपए का इंतजाम किया और आरोपियों को दे दिए। किडनैपर उन्हें लुधियाना में पुरानी चुंगी के पास छोड़कर भाग गए। आरोपियों के जाने के बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी और शिकायत दर्ज कराई।

बदमाशों तक ऐसे पहुंची पुलिस

पुलिस को जब पीड़ितों ने शिकायत दर्ज करवाई, तो पुलिस तुरंत एक्शन में आ गई। पुलिस ने सेफ सिटी में लगे सीसीटीवी कैमरों से बदमाशों के बारे में सुराग तलाशना शुरू किया। पुलिस ने पहचान कर आरोपियों को ट्रेस करना शुरू किया तो दो लोगों की लोकेशन पटियाला मिली। पुलिस ने वहां से गुरिंदर सिंह और ब्रह्मप्रीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस का कहना है कि केस काफी हद तक सुलझा लिया गया है। इन बदमाशों के दो साथियों की भी पहचान हो गई है। फरार साथियों विनय अरोड़ा और अमनदीप सिंह की गिरफ्तारी के प्रयास हो रहे हैं। पकड़े गए आरोपियों से फरार साथियों के संभावित ठिकानों और अन्य जानकारियां हासिल की जा रही हैं।

bribe

आरोपी खुद को पत्रकार भी बताते थे

पुलिस का कहना है कि पटियाला से पकड़े गए गुरिंदर सिंह और ब्रह्मप्रीत सिंह खुद को लोगों के बीच पत्रकार भी बताते हैं। इनके बारे में और जानकारियां जुटाई जा रही हैं। यह देखा जा रहा है कि इन्होंने पहले भी तो इस तरह की घटनाएं नहीं की हैं। साथ ही इनका गिरोह कैसे बना, इसकी भी जांच की जा रही है।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 364 (अपहरण), 170 (लोक सेवक के रूप में प्रतिरूपण), 384 (उगाही), 34 (सामान्य इरादे को आगे बढ़ाने में कई व्यक्तियों द्वारा किया गया कार्य) के तहत मामला दर्ज किया है। बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। पुलिस आज इस मामले में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके खुलासा कर सकती है।



















Leave a Comment