डेली संवाद, चंडीगढ़/लुधियाना। Punjab Weather: पंजाब सहित पूरे उत्तर भारत (North India) में कड़ाके की ठंड ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। हालात ऐसे बन गए हैं कि पहाड़ी इलाकों की तुलना में मैदानी क्षेत्र अधिक ठंडे हो गए हैं। ठंडी हवाओं, घने कोहरे और गिरते तापमान के कारण लोग दिनभर घरों में दुबकने को मजबूर हैं।
पंजाब (Punjab) के बठिंडा (Bathinda) जिले में न्यूनतम तापमान गिरकर 0.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो पिछले चार वर्षों में सबसे कम दर्ज किया गया तापमान है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, पंजाब (Punjab) के छह जिलों में न्यूनतम तापमान तीन डिग्री सेल्सियस से नीचे रिकॉर्ड किया गया।

पंजाब के शहरों में तापमान
मौसम विभाग के मुताबिक अमृतसर (Amritsar) में तापमान 1.1 डिग्री, फरीदकोट में 1.8, गुरदासपुर में 2.0, नवांशहर में 2.4, रूपनगर में 2.9 और लुधियाना में 3.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अमृतसर में शनिवार रात भी न्यूनतम तापमान 1.2 डिग्री सेल्सियस रहा था, जो यह दर्शाता है कि ठंड लगातार अपना असर बढ़ा रही है।
पंजाब (Punjab) के साथ-साथ हरियाणा (Haryana) में भी ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। हरियाणा के रेवाड़ी जिले में न्यूनतम तापमान माइनस 1.5 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया, जिससे यह उत्तर भारत के सबसे ठंडे इलाकों में शामिल हो गया। वहीं पहाड़ी राज्यों की बात करें तो शिमला में न्यूनतम तापमान 5.3, मसूरी में 4.6 और जम्मू में 3.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

घना कोहरा और शून्य दृश्यता
रविवार रात से ही पंजाब (Punjab) के अधिकतर जिलों में घना कोहरा छाया रहा, जो सोमवार सुबह तक बना रहा। कई स्थानों पर दृश्यता बेहद कम हो गई। अमृतसर और आसपास के इलाकों में दृश्यता शून्य से 20 मीटर तक सिमट गई, जिससे सड़क, रेल और हवाई यातायात प्रभावित हुआ।
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सुबह के समय वाहनों की रफ्तार थम सी गई और कई जगहों पर लोग हेडलाइट जलाकर चलने को मजबूर हुए। हालांकि कुछ इलाकों में दिन के समय सूर्य के दर्शन हुए, लेकिन ठंडी हवाओं के कारण धूप बेअसर रही। लोग अलाव और हीटर का सहारा लेते नजर आए। स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ा।

रेड अलर्ट जारी, अभी राहत के आसार नहीं
मौसम विभाग ने अगले दो से तीन दिनों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। विभाग का कहना है कि शीतलहर और तेज हो सकती है तथा तापमान में और गिरावट आने की संभावना है। इसका असर आगामी त्योहारों पर भी देखने को मिलेगा। लोहड़ी और मकर संक्रांति जैसे पर्व इस बार कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बीच मनाए जाएंगे।
विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ और उत्तरी हवाओं के कारण ठंड का यह प्रकोप बढ़ा है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने, अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने और ठंड से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है।
उत्तर भारत में भयानक ठंड
कुल मिलाकर, पंजाब (Punjab) समेत उत्तर भारत इस समय शीतलहर की चपेट में है और आने वाले कुछ दिन ठंड के लिहाज से और भी चुनौतीपूर्ण साबित हो सकते हैं।







