डेली संवाद, चंडीगढ़। Punjab News: पंजाब सरकार द्वारा करप्शन के खिलाफ सख्त एक्शन जारी है। भ्रष्टाचार के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस का रुख अपनाते हुए पंजाब विजिलेंस ब्यूरो (Punjab Vigilance Bureau) ने भ्रष्टाचार के एक मामले में इंप्रूवमेंट ट्रस्ट रोपड़ (Ropar Improvement Trust) में तैनात क्लर्क परवीन कुमार और उसके सह-आरोपी सतीश कुमार जूनियर इंजीनियर को रंगे हाथों गिरफ्तार किया था।
पंजाब (Punjab) विजीलैंस ब्य़ूरो (Punjab Vigilance Bureau) द्वारा की गई इस कार्रवाई में ट्रायल खत्म होने के बाद आज सक्षम कोर्ट ने उन्हें दोषी ठहराया और दोनों को 4 साल की जेल और 20,000 रुपये का जुर्माना लगाया। आज यहां इस बात का खुलासा करते हुए, विजिलेंस ब्यूरो (Punjab Vigilance Bureau) के एक आधिकारिक प्रवक्ता ने किया।

15000 मांगी थी रिश्वत
पंजाब विजीलैंस ब्यूरो (Punjab Vigilance Bureau) के प्रवक्ता ने बताया कि आरोपी जूनियर इंजीनियर और क्लर्क ने शिकायतकर्ता से उसकी प्रॉपर्टी की सेल डीड रजिस्टर करवाने के बदले 15000 रुपये की रिश्वत मांगी थी। उन्होंने आगे बताया कि शिकायतकर्ता ने रिश्वत किस्तों में दी थी और रिश्वत की आखिरी किस्त देने से पहले विजिलेंस ब्यूरो से संपर्क किया था।
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उसकी शिकायत पर कार्रवाई करते हुए, विजीलैंस ब्यूरो (Punjab Vigilance Bureau) ने जाल बिछाया और इंप्रूवमेंट ट्रस्ट रोपड़ के ऑफिस में छापा मारा गया और सरकारी अधिकारियों/गवाहों की मौजूदगी में सह-आरोपी परवीन कुमार के पास से 7500 रुपये की रिश्वत की रकम बरामद की गई और सह-आरोपी सतीश कुमार को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।







