Ludhiana: लुधियाना के मेयर पति मुश्किल में, महिला प्रिंसीपल ने लगाए अश्लील मैसेज भेजने और उत्पीड़न का आरोप, जांच शुरू 

लेडी प्रिंसिपल ने अपनी शिकायत में बताया कि करीब 7 साल पहले रवि आनंद उनके स्कूल में ऑटो ड्राइवर के रूप में काम करता था। वह बच्चों को स्कूल लाने और छोड़ने का काम करता था।

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Ludhiana Mayor Husband case
Highlights
  • मेयर इंद्रजीत कौर के पति रवि आनंद उर्फ लक्की पर आरोप
  • अश्लील चैट और उत्पीड़न के आरोप
  • पुलिस ने दो स्तरों पर जांच शुरू की
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डेली संवाद, लुधियाना। Ludhiana Mayor News: पंजाब के लुधियाना की मेयर इंद्रजीत कौर के पति रवि आनंद उर्फ लक्की पर एक महिला ने अश्लील मैसेज भेजकर यौन उत्पीड़न की कोशिश करने काआरोप लगाया है। जिससे मेयर के पति गंभीर आरोपों के चलते कानूनी शिकंजे में घिरते नजर आ रहे हैं। मेयर के पति पर एक महिला प्रिंसिपल द्वारा लगाए गए अश्लील चैट और उत्पीड़न के आरोपों के बाद पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।

पंजाब (Punjab) के लुधियाना (Ludhiana) का यह मामला न केवल व्यक्तिगत उत्पीड़न का है बल्कि इसमें सत्ता के दुरुपयोग और दबाव बनाने जैसे गंभीर पहलू भी सामने आ रहे हैं। पुलिस ने इस केस को गंभीरता से लेते हुए डबल लेयर जांच शुरू की है, जिसमें साइबर सेल और एसीपी स्तर की जांच शामिल है।

डबल जांच: साइबर सेल और एसीपी दोनों कर रहे जांच

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने दो स्तरों पर जांच शुरू की है। एक तरफ साइबर सेल चैटिंग, व्हाट्सएप मैसेज, कॉल रिकॉर्डिंग और आईपी एड्रेस की तकनीकी जांच कर रहा है। वहीं दूसरी ओर पूरे मामले की जांच एसीपी नॉर्थ को सौंपी गई है।

पुलिस की योजना के अनुसार, लेडी प्रिंसिपल का मोबाइल फोन कब्जे में लेकर उसकी फॉरेंसिक जांच की जाएगी। इसके जरिए यह पता लगाया जाएगा कि कथित चैट और कॉल वास्तव में रवि आनंद द्वारा ही किए गए हैं या नहीं।

साथ ही दोनों पक्षों के वॉइस सैंपल भी लिए जाएंगे ताकि कॉल रिकॉर्डिंग में मौजूद आवाज की पुष्टि की जा सके।

लेडी प्रिंसिपल ने दर्ज कराई शिकायत

पीड़ित लेडी प्रिंसिपल ने डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (इन्वेस्टिगेशन) हरपाल सिंह के समक्ष अपनी लिखित शिकायत दर्ज कराई है।

शिकायत में उन्होंने विस्तार से बताया कि रवि आनंद ने उन्हें अश्लील मैसेज भेजे, बार-बार “हॉट” और “सेक्सी” बातें कीं और निजी तस्वीरों की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी ने लगातार उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया और अनुचित प्रस्ताव दिए।

लेडी प्रिंसिपल का कहना है कि उनके पास इस मामले से जुड़े और भी सबूत हैं, जिन्हें वे जांच एजेंसियों को सौंपेंगी।

साइबर क्राइम थाने में बयान, मोबाइल सौंपने पर विचार

लेडी प्रिंसिपल साइबर क्राइम थाने में पेश होकर अपना बयान दर्ज करवा चुकी हैं। हालांकि, अभी तक उन्होंने अपना मोबाइल पुलिस को नहीं सौंपा है।

उन्होंने कहा कि वे पहले अपने वकील से सलाह लेंगी, उसके बाद ही मोबाइल जांच के लिए देंगी। पुलिस ने उनसे मोबाइल मांगा है ताकि तकनीकी जांच को आगे बढ़ाया जा सके।

पुराना संबंध: ऑटो ड्राइवर से शुरू हुई कहानी

लेडी प्रिंसिपल ने अपनी शिकायत में बताया कि करीब 7 साल पहले रवि आनंद उनके स्कूल में ऑटो ड्राइवर के रूप में काम करता था। वह बच्चों को स्कूल लाने और छोड़ने का काम करता था।

इस दौरान उनकी पत्नी इंद्रजीत कौर ने एक महिला को ब्याज पर पैसे दिलवाए थे। बाद में पैसे वापस न मिलने पर विवाद हुआ और इसी विवाद के चलते रवि आनंद को स्कूल से निकाल दिया गया।

प्रिंसिपल का आरोप है कि उस समय भी पैसे पूरी तरह वापस नहीं किए गए थे।

मेयर बनने के बाद फिर संपर्क में आए

जब इंद्रजीत कौर मेयर बनीं, तो लेडी प्रिंसिपल अपने स्टाफ के साथ उन्हें बधाई देने गईं। उसी दौरान उनकी रवि आनंद से दोबारा मुलाकात हुई।

कुछ समय बाद, जब प्रिंसिपल के पति बीमार हुए और अस्पताल में भर्ती थे, तब रवि आनंद ने उनसे संपर्क किया और मदद की पेशकश की।

पति की मृत्यु के बाद भी वह सांत्वना देने उनके घर आया और लगातार संपर्क बनाए रखा।

मदद के बहाने बढ़ी बातचीत, फिर शुरू हुई अश्लीलता

प्रिंसिपल के अनुसार, शुरुआत में बातचीत सामान्य थी, लेकिन धीरे-धीरे रवि आनंद ने अश्लील मैसेज भेजने शुरू कर दिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी ने बार-बार उनकी “फिगर फोटो” और निजी तस्वीरों की मांग की। जब उन्होंने इनकार किया, तो आरोपी ने उन्हें परेशान करना शुरू कर दिया।

नगर निगम के जरिए दबाव बनाने का आरोप

लेडी प्रिंसिपल ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जब उन्होंने फोटो भेजने से मना किया, तो रवि आनंद ने नगर निगम के अधिकारियों को उनके संस्थान पर भेजना शुरू कर दिया।

कभी नक्शे के नाम पर, कभी अन्य कारणों से अधिकारी बार-बार उनके पास आते और उन्हें परेशान करते।

जब उन्होंने इस बारे में रवि आनंद से पूछा, तो उसने कथित तौर पर कहा कि “अगर मेरी बात मान लो तो ये सब बंद हो जाएगा।”

लॉन्ग ड्राइव और निजी मुलाकात के प्रस्ताव

शिकायत में यह भी कहा गया है कि आरोपी ने कई बार उन्हें लॉन्ग ड्राइव पर चलने के लिए कहा और निजी मुलाकात के प्रस्ताव दिए।

उसने मैसेज में लिखा कि “मैडम घर पर नहीं हैं, मैं अकेला हूं, चलो बाहर चलते हैं।”

प्रिंसिपल का कहना है कि उन्होंने कभी इन मैसेज का जवाब नहीं दिया।

बेटे की सलाह पर जुटाए सबूत

लगातार बढ़ती परेशानी के बाद जब उनके बेटे को इस बारे में पता चला, तो उसने उन्हें सबूत इकट्ठा करने की सलाह दी।

इसके बाद प्रिंसिपल ने आरोपी के कुछ मैसेज का जवाब देना शुरू किया और स्क्रीनशॉट व स्क्रीन रिकॉर्डिंग के जरिए सबूत जुटाए।

उन्होंने बताया कि आरोपी मैसेज भेजने के बाद तुरंत “डिलीट एवरीवन” कर देता था, ताकि कोई सबूत न रहे। लेकिन उन्होंने स्क्रीन रिकॉर्डिंग के जरिए इन मैसेज को सुरक्षित कर लिया।

मैसेंजर कॉल का इस्तेमाल, रिकॉर्डिंग से बचने की कोशिश

  • प्रिंसिपल ने बताया कि रवि आनंद सामान्य फोन कॉल नहीं करता था, बल्कि सिर्फ मैसेंजर कॉल का इस्तेमाल करता था।
  • उसे शक था कि सामान्य कॉल रिकॉर्ड हो सकती हैं, इसलिए वह तकनीकी रूप से सावधानी बरतता था।
  • लेकिन प्रिंसिपल ने स्क्रीन रिकॉर्डिंग के जरिए कॉल और चैट का डेटा सुरक्षित कर लिया।

मेयर का बयान: निष्पक्ष जांच हो

इस पूरे मामले पर मेयर इंद्रजीत कौर पहले ही प्रतिक्रिया दे चुकी हैं।

उन्होंने कहा है कि अगर कोई शिकायत है तो उसकी पूरी जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

वहीं, आरोपी रवि आनंद इस मामले के सामने आने के बाद से सार्वजनिक रूप से चुप हैं और किसी भी कार्यक्रम में नजर नहीं आ रहे।

आगे क्या होगा?

पुलिस अब इस मामले में तकनीकी और कानूनी दोनों स्तरों पर जांच आगे बढ़ा रही है। मोबाइल फॉरेंसिक, वॉइस सैंपल और डिजिटल सबूत इस केस में अहम भूमिका निभाएंगे।

अगर आरोप सही साबित होते हैं, तो यह मामला न केवल व्यक्तिगत अपराध बल्कि राजनीतिक प्रभाव और सत्ता के दुरुपयोग का भी बड़ा उदाहरण बन सकता है।

लुधियाना का यह मामला कई गंभीर सवाल खड़े करता है—क्या सत्ता के करीब होने से कोई व्यक्ति कानून से ऊपर हो जाता है? क्या महिलाओं की शिकायतों को समय पर और निष्पक्ष तरीके से सुना जाता है?

फिलहाल, सभी की नजर पुलिस जांच पर टिकी है। लेडी प्रिंसिपल को न्याय मिलेगा या नहीं, यह आने वाला समय ही बताएगा। लेकिन यह मामला समाज और प्रशासन दोनों के लिए एक बड़ी परीक्षा बन चुका है।





















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