डेली संवाद, चंडीगढ़। Hantavirus Outbreak: हाल ही में अटलांटिक महासागर में चल रहे क्रूज शिप MV Hondius पर हंता वायरस (Hantavirus) के फैलने की खबर ने पूरी दुनिया में चिंता बढ़ा दी है। इस वायरस के कारण एक डच जोड़े समेत तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य यात्रियों की हालत गंभीर बनी हुई है।
हंता वायरस मुख्य रूप से चूहों और उनके मल-मूत्र या लार के संपर्क से फैलता है। विशेषज्ञों का कहना है कि आम तौर पर यह इंसान से इंसान में नहीं फैलता, हालांकि एंडीज वायरस नामक स्ट्रेन में ऐसा संभव है। इस क्रूज शिप पर वायरस के फैलने का तरीका अभी स्पष्ट नहीं हुआ है।
लक्षण और गंभीरता
हंता वायरस के शुरुआती लक्षण आम फ्लू जैसे होते हैं, जिनमें बुखार, सिरदर्द, शरीर में दर्द, पेट की समस्याएं और हल्की खांसी शामिल हैं। कई मामलों में लक्षण नजर नहीं आते, लेकिन गंभीर स्थिति में वायरस फेफड़ों और किडनी को प्रभावित कर सकता है। न्यू वर्ल्ड हंता वायरस तेजी से फेफड़ों में फैलता है, जिससे सांस लेने में गंभीर समस्या आ सकती है।
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विशेषज्ञों के मुताबिक, हंता वायरस सामान्य फ्लू की तुलना में अधिक खतरनाक है। अमेरिका (America) में इसके संक्रमण में मृत्यु दर 30% तक हो सकती है, जबकि एशियाई और यूरोपीय मामलों में यह 14% तक पाई जाती है।
विश्वव्यापी स्थिति
हंता वायरस दुनिया के कई हिस्सों में पाया जाता है। चीन, रूस, दक्षिण कोरिया में हर साल हजारों मामले दर्ज होते हैं, जबकि अमेरिका, फिनलैंड और फ्रांस में सैकड़ों मामले सामने आते हैं। यह वायरस पूरे वर्ष फैल सकता है और जंगल, खेत या पुरानी इमारतों में काम करने वाले लोगों में अधिक देखा जाता है।
फैलाव का तरीका
हंता वायरस आमतौर पर चूहों के मूत्र, मल या लार के संपर्क से फैलता है। यह हवा में उड़ने वाले कणों के माध्यम से भी फेफड़ों तक पहुंच सकता है। काटने या खरोंच के जरिए भी संक्रमण संभव है।
स्वास्थ्य एजेंसियां फिलहाल मामले की जांच कर रही हैं और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि वायरस आमतौर पर इंसान से इंसान में नहीं फैलता, इसलिए फिलहाल महामारी जैसी स्थिति की संभावना कम है।
