डेली संवाद, जालंधर। Jalandhar BSF Headquarter Blast News Update: जालंधर में सीमा सुरक्षा बल (BSF) मुख्यालय के पास हुए धमाके के मामले में हिरासत में लिए गए युवक गुरप्रीत उर्फ कृष को पूछताछ के बाद पुलिस ने छोड़ दिया है। युवक ने दावा किया कि धमाका इतना जोरदार था कि उसे अभी भी एक कान से सुनाई नहीं दे रहा और उसकी एक टांग ठीक से काम नहीं कर रही। गुरप्रीत ने कहा कि अगर उस वक्त उसके पिता का फोन न आया होता तो शायद वह आज जिंदा नहीं होता।
जालंधर (Jalandhar) में बीएसएफ हेडक्वार्टर के बाहर बुधवार रात करीब 8 बजे हुए इस धमाके के बाद इलाके में हड़कंप मच गया था। घटना उस समय हुई जब फ्लिपकार्ट में डिलीवरी बॉय के तौर पर काम करने वाला 20 वर्षीय गुरप्रीत अपनी स्कूटी पर बीएसएफ हेडक्वार्टर के पास एक रिटर्न पार्सल लेने पहुंचा था।
अचानक उसकी स्कूटी के पास जोरदार धमाका हुआ और स्कूटी जलकर राख हो गई। शुरुआती जांच में पुलिस को घटनास्थल से आईईडी विस्फोट के संकेत मिले, जिसके बाद मामले की गंभीरता बढ़ गई। फिलहाल इस पूरे मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) कर रही है।
“मैं सिर्फ पार्सल लेने गया था”
गुरप्रीत ने बताया कि वह पिछले काफी समय से उस इलाके में डिलीवरी और रिटर्न पार्सल का काम करता आ रहा है। घटना वाले दिन भी वह फ्लिपकार्ट ऐप पर मिले ऑर्डर के अनुसार पार्सल लेने बीएसएफ गेट के पास पहुंचा था। उसने स्कूटी रोककर ग्राहक को कॉल की और मेल चेक करने लगा कि पार्सल किसका है।
इसी दौरान उसके घर से फोन आ गया। गुरप्रीत के मुताबिक वह फोन सुनते हुए स्कूटी से लगभग 100 मीटर दूर चला गया। तभी अचानक जोरदार धमाका हो गया। उसने कहा-
“अगर उस समय पापा का फोन न आया होता तो मैं स्कूटी के बिल्कुल पास खड़ा होता और शायद बच नहीं पाता।”
धमाके के बाद 15 मिनट तक नहीं रहा होश
गुरप्रीत ने बताया कि विस्फोट इतना तेज था कि उसे 10 से 15 मिनट तक कुछ सुनाई नहीं दिया। स्कूटी के टुकड़े उड़कर उसकी पीठ पर लगे जिससे वह घायल हो गया। धमाके के बाद वह घबरा गया और जान बचाने के लिए बीएसएफ कैंपस की तरफ भागा।
वहां मौजूद जवानों ने उसे रोक लिया और प्राथमिक उपचार के लिए बीएसएफ अस्पताल ले गए। युवक के अनुसार उस समय वह सदमे में था और लगातार रो रहा था। उसने बताया कि अभी भी उसे एक कान से ठीक से सुनाई नहीं दे रहा और मानसिक रूप से वह काफी परेशान है।
पुलिस ने लंबी पूछताछ के बाद छोड़ा
घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस ने गुरप्रीत को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ की। उसकी मोबाइल लोकेशन, कॉल रिकॉर्ड, फ्लिपकार्ट ऐप हिस्ट्री और घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई।
गुरप्रीत ने कहा कि वह पूरी तरह निर्दोष था और इसी वजह से डरकर भागने की बजाय बीएसएफ कैंपस की ओर गया। जांच के दौरान पुलिस को ऐसा कोई सबूत नहीं मिला जिससे उसकी संलिप्तता साबित हो सके। इसके बाद उसे छोड़ दिया गया।
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युवक ने पंजाब पुलिस और जालंधर पुलिस कमिश्नर का धन्यवाद करते हुए कहा कि पुलिस ने उससे सख्ती नहीं की बल्कि परिवार की तरह व्यवहार किया। उसने बताया, “मैं लगातार रो रहा था और घरवालों से बात करवाने की मांग कर रहा था। पुलिस अधिकारियों ने मुझे भरोसा दिलाया कि अगर मैं निर्दोष हूं तो डरने की जरूरत नहीं।”
“रातभर खाना नहीं खाया”
गुरप्रीत ने बताया कि हिरासत के दौरान वह इतना डरा हुआ था कि पूरी रात कुछ खा नहीं पाया। पुलिसकर्मी उसे खाना देते रहे लेकिन सदमे की वजह से उसकी भूख खत्म हो चुकी थी।
उसने कहा कि उसके पिता बीएसएफ से रिटायर हैं और परिवार पहले से आर्थिक तंगी से गुजर रहा है। उसकी मां दिल की मरीज हैं और उन्हें पहले हार्ट अटैक भी आ चुका है। गुरप्रीत ने बताया कि वह घर का इकलौता कमाने वाला सदस्य है और धमाके में उसकी स्कूटी पूरी तरह तबाह हो गई।
सरकार से नौकरी और मुआवजे की मांग
गुरप्रीत ने सरकार से मांग की है कि उसकी खराब हुई सामाजिक छवि को सुधारा जाए। उसने कहा कि धमाके और हिरासत के बाद लोग उसे शक की नजर से देख रहे हैं।
उसने सरकार से अपील की कि उसे सरकारी नौकरी दी जाए ताकि वह अपने परिवार की आर्थिक मदद कर सके। साथ ही धमाके में नष्ट हुई स्कूटी का मुआवजा भी देने की मांग की।
पाकिस्तानी डॉन शहजाद भट्टी का वीडियो वायरल
इस बीच शहजाद भट्टी का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है। वीडियो में भट्टी ने अमृतसर और जालंधर में हुए धमाकों पर दुख जताते हुए कहा कि “चढ़दा पंजाब” और “लहिंदा पंजाब” दोनों उसके लिए एक जैसे हैं और पंजाब में हिंसा की घटनाएं दुखद हैं।
हालांकि उसने यह भी कहा कि भारत में होने वाली हर घटना का आरोप उस पर लगा दिया जाता है। वीडियो में उसने केंद्र सरकार और राजनीतिक माहौल को लेकर भी विवादित टिप्पणियां कीं।
फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां धमाके के हर पहलू की जांच कर रही हैं। पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि बीएसएफ मुख्यालय के पास आईईडी कैसे पहुंचा और इसके पीछे कौन लोग शामिल हो सकते हैं। इलाके की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
