डेली संवाद, जालंधर। Jalandhar News: जालंधर शहर के एक पार्षद ने नगर निगम के खजाने को ही मोटा चूना लगा दिया। नगर निगम के खजाने को तो चूना लगाया ही, एक एनआरआई को भी ठग लिया। बावजूद इसके उक्त एनआरआई की दुकानें नगर निगम के बिल्डिंग ब्रांच ने सील भी कर दिया।
जानकारी के मुताबिक जालंधर (Jalandhar) के एक पार्षद का कारनामा सामने आया है। बस्तियात इलाके के एक पार्षद पर एक एनआरआई ने आरोप लगाया है कि फुटबाल चौक के पास दुकानें बनवाने के लिए उनसे 3.10 लाख रुपए लिए। एनआरआई के मुताबिक एक आर्कीटेक्ट को उक्त पार्षद ने 60 हजार रुपए फीस दिलवाई।
आर्कीटैक्ट को 60 हजार फीस दी
एनआरआई के मुताबिक आर्कीटैक्ट को 60 हजार रुपए फीस दिलवाने के बाद 2.50 लाख रुपए सरकारी फीस जमा करवाने के लिए पार्षद ने कैश लिया। 3.10 लाख रुपए देकर एनआरआई ने दुकानें बनवा दी। मामले का खुलासा उस समय हुआ, जब उक्त एनआरआई को नगर निगम के बिल्डिंग ब्रांच ने अवैध निर्माण को लेकर नोटिस जारी कर दिया।
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यही नहीं, नगर निगम ने नोटिस जारी करने के बाद तीनों दुकानों को सील कर दिया। इसके बाद उक्त एनआरआई ने पार्षद और आर्कीटैक्ट से संपर्क किया और अपना नक्शा और फीस की रसीद मांगी। लेकिन पार्षद और आर्कीटैक्ट उक्त एनआरआई को आजकल का आश्वासन देते रहे।
नगर निगम ने दुकान सील की
इसी दौरान एनआरआई ने अपने एक मित्र के जरिए नगर निगम के बिल्डिंग अफसरों से संपर्क किया तो पता चला कि उक्त दुकानों का कोई नक्शा पास हीं नहीं है। न ही किसी तरह से नगर निगम के खजाने में पैसा जमा करवाया गया है। इसके बाद ब्रांच से लेकर विभाग में हड़कंप मच गया।
अब उक्त एनआरआई ने पार्षद की पार्टी के एक बड़े नेता से पार्षद की शिकायत की है। एनआरआई के मुताबिक उससे पार्षद ने ठगी की है। एनआरआई ने कहा है कि जो भी फीस बनती है, वह जमा करवाने को तैयार है, उसकी दुकानों की सील खोली जाए। उधर, पार्षद द्वारा 3.10 लाख रुपए ठगी की शिकायत पर पार्टी में हंगामा मचा हुआ है। अब देखना यह है कि क्या पार्टी उक्त पार्षद पर एक्शन लेती है?










