डेली संवाद, लुधियाना। Ludhiana News: पंजाब के लुधियाना से बड़ी खबर सामने आ रही है। लुधियाना के विधायकअशोक पराशर पप्पी के करीबी सहयोगी पर नगर निगम में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। थाना डिवीजन नंबर-2 पुलिस ने आरोपी निखिल सभरवाल निवासी अजीत नगर के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। आरोपी पर दो युवकों से नौकरी लगवाने का झांसा देकर करीब 1.70 लाख रुपये ऐंठने का आरोप है।
लुधियाना (Ludhiana) नगर निगम (Municipal Corporation) में नौकरी दिलवाने के नाम पर ठगी की गई है। शिकायतकर्ता रामनदीप सिंह निवासी इस्लाम गंज ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह सिविल अस्पताल के नशा मुक्ति केंद्र में एडहॉक आधार पर कार्यरत है। अक्टूबर 2023 में वह स्थायी नौकरी की उम्मीद लेकर विधायक अशोक पराशर पप्पी के कार्यालय पहुंचा था।
खुद को MLA को PA बताया
उस समय विधायक कार्यालय में मौजूद नहीं थे। इसी दौरान बाहर मौजूद निखिल सभरवाल ने खुद को विधायक का निजी सहायक (PA) बताते हुए उससे बातचीत शुरू की। रामनदीप के अनुसार आरोपी ने दावा किया कि उसकी नगर निगम अधिकारियों तक सीधी पहुंच है और वह उसे निगम में क्लर्क की नौकरी दिलवा सकता है।
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आरोपी की बातों में आकर रामनदीप ने अपने दोस्त प्रभजोत सिंह निवासी जमालपुर अवाना को भी उससे मिलवाया। प्रभजोत सिंह सिविल अस्पताल के ब्लड बैंक में एडहॉक कर्मचारी है। दोनों युवकों का आरोप है कि आरोपी ने नौकरी लगवाने के बदले प्रत्येक से 1.10 लाख रुपये की मांग की।
खाते में डाले पैसे
शिकायत के मुताबिक रामनदीप ने 14 अक्टूबर 2023 को आरोपी के खाते में दो बार में 49-49 हजार रुपये UPI के जरिए ट्रांसफर किए। वहीं प्रभजोत सिंह से आरोपी ने पहले 2 हजार रुपये लिए। इसके बाद 25 मार्च 2024 को 20 हजार रुपये और फिर 22 जून 2024 को 50 हजार रुपये ले लिए।
काफी समय बीतने के बाद भी जब नौकरी नहीं लगी तो दोनों ने आरोपी से अपने पैसे वापस मांगे। आरोप है कि इस पर निखिल सभरवाल ने उन्हें नगर निगम में चयन होने का कथित नियुक्ति पत्र भेज दिया। हालांकि जब दोनों युवकों ने नगर निगम कार्यालय जाकर पत्र की जांच करवाई तो वह पूरी तरह फर्जी निकला। इसके बाद पीड़ितों ने पुलिस को शिकायत दी।
पुलिस ने मामले की जांच के बाद आरोपी के खिलाफ IPC की धारा 420 के तहत केस दर्ज कर लिया है। फिलहाल आरोपी फरार बताया जा रहा है और उसकी तलाश जारी है।
MLA बोले- मैंने खुद केस कराया
वहीं विधायक अशोक पराशर पप्पी ने कहा कि आरोपी उनके जानने वालों में से है और उनके घर के पास रहता है। उन्होंने कहा कि जैसे ही उन्हें आरोपी की कथित धोखाधड़ी की जानकारी मिली, उन्होंने स्वयं भी उसके खिलाफ शिकायत दी थी। विधायक ने स्पष्ट किया कि आरोपी की गतिविधियों से उनका कोई संबंध नहीं है।
बताया जा रहा है कि आरोपी ने अपने फेसबुक अकाउंट पर खुद को विधायक के विधानसभा कार्यालय का इंचार्ज बताया हुआ था। सोशल मीडिया पर उसने विधायक के साथ कई तस्वीरें भी पोस्ट कर रखी थीं, जिनमें जन्मदिन समारोह की तस्वीरें भी शामिल हैं।









