डेली संवाद, चंडीगढ़। Punjab News: पंजाब सरकार ने पायल विधानसभा क्षेत्र की मलौद सब-तहसील में रजिस्ट्रियों को लेकर सामने आए विवाद में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए नायब तहसीलदार रघबीर सिंह को निलंबित कर दिया है। इस संबंध में पंजाब के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग वर्मा द्वारा आधिकारिक आदेश जारी किए गए हैं।
पंजाब (Punjab) सरकार के आदेश के अनुसार, निलंबन अवधि के दौरान रघबीर सिंह का मुख्यालय डीसी कार्यालय फाजिल्का निर्धारित किया गया है। यह मामला पहली बार 16 जनवरी को चर्चा में आया था, जब आम आदमी पार्टी के विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा ने सार्वजनिक रूप से मलौद सब-तहसील में हो रही रजिस्ट्रियों की प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे।
रजिस्ट्रियों को नजरअंदाज
विधायक ने आरोप लगाया था कि स्थानीय लोगों की रजिस्ट्रियों को नजरअंदाज कर बाहरी इलाकों से आने वाले लोगों के काम को प्राथमिकता दी जा रही थी, जिससे इलाके के लोगों में भारी नाराजगी थी। मनविंदर सिंह ग्यासपुरा ने बताया था कि उन्हें गुजरात दौरे के दौरान लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि नायब तहसीलदार स्थानीय निवासियों के कार्य लंबित छोड़कर बाहरी क्षेत्रों की रजिस्ट्रियां कर रहे हैं।
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उन्होंने पूरे मामले में गंभीर अनियमितता और भ्रष्टाचार की आशंका जताई थी। विधायक ने तुरंत इस मुद्दे को पंजाब सरकार के उच्च अधिकारियों के सामने उठाया, जिसके बाद प्रशासन सक्रिय हो गया।
रजिस्ट्रियां करने से रोक
मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित नायब तहसीलदार को तत्काल प्रभाव से रजिस्ट्रियां करने से रोक दिया गया था और जांच के आदेश जारी किए गए थे। डीसी के निर्देश पर एसडीएम पायल की टीम ने मौके पर पहुंचकर रिकॉर्ड अपने कब्जे में लिया और दस्तावेजों की जांच शुरू की।
विधायक ग्यासपुरा ने पहले ही चेतावनी दी थी कि जांच में गड़बड़ी सामने आने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अब पंजाब सरकार द्वारा रघबीर सिंह को निलंबित किया जाना उसी कार्रवाई का हिस्सा माना जा रहा है।









