डेली संवाद, नई दिल्ली/अमृतसर। Punjab Amritsar Gagandeep Randhawa Suicide Case: पंजाब में वेयरहाउस के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर गगनदीप सिंह रंधावा (Gagandeep Singh Randhawa) सुसाइड केस में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। इस मामले में आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के पूर्व मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर (Laljit Singh Bhullar) को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। अमृतसर पुलिस ने फतेहगढ़ साहिब पुलिस के सहयोग से मंडी गोविंदगढ़ से उन्हें हिरासत में लिया।
पंजाब (Punjab) के अमृतसर (Amritsar) के डीसीपी रविंदर पाल (DCP Ravinderpal) ने बताया कि आरोपी को कोर्ट में पेश किया जाएगा और आगे की कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के तहत की जाएगी। हालांकि, गिरफ्तारी के बाद भुल्लर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर पोस्ट डालकर दावा किया कि उन्होंने खुद सरेंडर किया है। वहीं, इस घटनाक्रम के बाद राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने भुल्लर का इस्तीफा भी मंजूर कर लिया है।

सीबीआई को केस सौंप दूंगा
इस बीच, मृतक गगनदीप सिंह रंधावा के परिवार ने पोस्टमॉर्टम के लिए सहमति दे दी है। उनकी पार्थिव देह फिलहाल अमृतसर के अस्पताल में रखी गई है। पुलिस अधिकारियों ने परिवार के साथ बंद कमरे में बैठक कर मामले की जांच को लेकर चर्चा की। डीसीपी ने रंधावा का मोबाइल फोन भी जांच के लिए मांगा, यह कहते हुए कि उसमें अहम सबूत हो सकते हैं, लेकिन परिवार ने इसे देने से इनकार कर दिया और मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो से कराने की मांग दोहराई।
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मामले ने अब राजनीतिक तूल भी पकड़ लिया है। कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने लोकसभा में यह मुद्दा उठाया, जिसके बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि यदि पंजाब के सांसद लिखित अनुरोध देते हैं, तो वह इस केस को CBI को सौंपने के लिए तैयार हैं। इसके बाद कांग्रेस के कई सांसदों के साथ-साथ शिरोमणि अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने भी जांच CBI को सौंपने की मांग को लेकर पत्र भेजा है।

अफसर ने किया था सुसाइड
इस केस में इससे पहले एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था, जिसमें 21 मार्च की सुबह रंधावा अपने घर के आंगन में टहलते नजर आए। फुटेज में वह कुछ देर सोचते हुए दिखाई देते हैं, फिर अचानक सल्फास की गोलियां खाकर पानी पी लेते हैं। इसके बाद उन्होंने मोबाइल पर एक वीडियो बनाकर आरोप लगाया था कि वह मंत्री लालजीत भुल्लर से परेशान होकर यह कदम उठा रहे हैं।
रंधावा की पत्नी उपिंदर कौर ने पहले ही सरकार को अल्टीमेटम दिया था कि जब तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक पोस्टमॉर्टम और अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। अब गिरफ्तारी के बाद परिवार ने पोस्टमॉर्टम के लिए हामी भर दी है। फिलहाल, इस मामले में पुलिस जांच जारी है और पूरे प्रदेश की नजरें इस हाई-प्रोफाइल केस पर टिकी हुई हैं।







