डेली संवाद, चंडीगढ़। Punjab News: जनगणना 2027 में डिजिटल सहभागिता को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, पंजाब के माननीय मुख्यमंत्री सरदार भगवंत सिंह मान जी ने आज राज्य में जनगणना 2027 के पहले चरण “मकान सूचीकरण और मकानों की गणना” प्रक्रिया का औपचारिक उद्घाटन किया।
माननीय मुख्यमंत्री ने संगरुर जिले के अपने पैतृक गांव सतोज़ से आधिकारिक ऑनलाइन जनगणना पोर्टल (se.census.gov.in) के माध्यम से अपनी स्वयं-गणना पूरी की, जो नागरिकों को डिजिटल जनगणना प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
सक्रिय भागीदारी की अपील की
इस प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराने में मनजीत सिंह बराड़, आईएएस, प्रशासनिक सचिव, स्थानीय निकाय विभाग, पंजाब तथा डॉ. नवजोत खोसा, आईएएस, निदेशक, जनगणना संचालन निदेशालय, पंजाब एवं यूटी चंडीगढ़ के साथ श्री राहुल चाबा, आईएएस, उपायुक्त, संगरुर ने सहयोग दिया।
यह भी पढ़ें: Japnoor Travels के सतनाम सिंह पर 45 लाख रुपए ठगी का आरोप, किसानों ने दफ्तर घेरा
निर्धारित डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करते हुए स्वयं-गणना की प्रक्रिया को व्यक्तिगत रूप से अपनाकर, माननीय मुख्यमंत्री जी ने इस पहल की सरलता, सुलभता और नागरिक-केंद्रित दृष्टिकोण का प्रदर्शन किया। उन्होंने पंजाब के सभी निवासियों से जनगणना कार्यों में सक्रिय रूप से भाग लेने और इस तकनीक-आधारित प्रक्रिया को अपनाने का आह्वान किया। उनकी इस सक्रिय भागीदारी ने एक मजबूत उदाहरण प्रस्तुत किया है, जो पूरे राज्य के लोगों को जनगणना 2027 के लिए सटीक और समय पर जानकारी प्रदान करने हेतु प्रेरित करती है।
“स्वयं-गणना” जनगणना महत्वपूर्ण विशेषता
माननीय मुख्यमंत्री जी ने पंजाब (Punjab) के सभी निवासियों से 30 अप्रैल 2026 से 14 मई 2026 तक स्वयं-गणना सुविधा का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की, ताकि एक व्यापक और विश्वसनीय राष्ट्रीय डेटाबेस तैयार किया जा सके, जो प्रभावी योजना निर्माण और नीति निर्धारण के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि जनगणना का सटीक डेटा सुशासन की रीढ़ होता है, जो कल्याणकारी योजनाओं, बुनियादी ढांचे के विकास और संसाधनों के समान वितरण को सुनिश्चित करता है।
“स्वयं-गणना” जनगणना 2027 की एक महत्वपूर्ण विशेषता है, जिसके माध्यम से व्यक्ति अपने जनसांख्यिकीय और सामाजिक-आर्थिक विवरण सुविधाजनक रूप से ऑनलाइन भर सकते हैं। यह पहल पारदर्शिता, दक्षता और डेटा की शुद्धता को बढ़ाती है तथा जनगणना कार्यों के पूर्ण डिजिटलीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह मैनुअल प्रक्रिया पर निर्भरता को कम करती है, डेटा संग्रहण को तेज बनाती है और राष्ट्रीय डेटाबेस की समग्र एकरूपता को मजबूत करती है।
जनता का विश्वास मजबूत होता
इस अवसर पर डॉ. नवजोत खोसा ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री जैसी सम्मानित हस्तियों की भागीदारी से जनगणना प्रक्रिया में जनता का विश्वास मजबूत होता है और समाज के व्यापक वर्ग की सहभागिता को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने आगे कहा कि स्वयं-गणना को व्यापक स्तर पर अपनाना शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में समावेशी और व्यापक कवरेज सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
जनगणना 2027 के पहले चरण, अर्थात मकान सूचीकरण और मकानों की गणना के अंतर्गत घर-घर सर्वेक्षण 15 मई से 13 जून 2026 तक किया जाएगा। इस अभियान के दौरान मकानों की स्थिति, सुविधाओं और संपत्ति से संबंधित 33 प्रश्न पूछे जाएंगे। प्रत्येक मकान की गणना की जाएगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान में कोई भी परिवार छूट न जाए।










