पंजाब सरकार ओट क्लीनिकों से ‘टेक होम डोज़’ सर्विस की शुरुआत करने को तैयार : सिद्धू

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डेली संवाद, चंडीगढ़
ओ.ओ.ए.टी. (आऊटपेशैंट ओपियाड असिस्टड ट्रीटमेंट) क्लीनिकों और सरकारी नशा-छुड़ाऊ केन्द्रों में इलाज प्रणाली में और सुधार लाने के लिए राज्य सरकार ‘टेक होम डोज़’ सर्विस की शुरुआत करने के लिए पूरी तरह तैयार है जो नशा-छुड़ाऊ प्रोग्राम के अधीन बिल्कुल मुफ़्त है। यह जानकारी स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री स. बलबीर सिंह सिद्धू ने आज यहाँ जारी एक प्रैस बयान में दी।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा 35 सरकारी नशा- छुड़ाऊ केंद्र और 181 ओ.ओ.ए.टी. क्लीनिक चलाए जा रहे हैं जिनमें राज्य भर के 1,00,000 से अधिक मरीज़ों को नशा- छोडऩे सम्बन्धी इलाज मुहैया करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा यह देखने में आया है कि डेढ़ साल के मुकम्मल इलाज के कोर्स के लिए कई मरीज़ों को रोज़मर्रा के इलाज के लिए ओ.ओ.ए.टी. क्लिनिकों में आना काफ़ी मुश्किल होता है। इससे नशा छुड़ाऊ प्रोग्रामों के अधीन चलाई जा रही सुविधाएं भी प्रभावित होती हैं।

रोज़मर्रा के 500 से 600 मरीज़ ओ.ओ.ए.टी. कलीनिकों में इलाज के लिए आते हैं

स्वास्थ्य मंत्री ने आगे कहा कि यह चिंता का विषय है कि रोज़मर्रा के 500 से 600 मरीज़ ओ.ओ.ए.टी. कलीनिकों में इलाज के लिए आते हैं और टेक होम डोज़ की व्यवस्था उपलब्ध न होने के कारण ज़्यादातर मरीज़ इलाज के लिए यहाँ आना छोड़ देते हैं। इन सभी तथ्यों की समीक्षा करने के उपरांत ओ.ओ.ए.टी. क्लीनिकों में इलाज प्रणाली को और मज़बूती देने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा नशा -छुड़ाऊ प्रोग्राम के अधीन बुपरीनौरफिन -नालौकसोन की सहायता से होम डोज़ सर्विस शुरू करने का फ़ैसला लिया गया है। जि़क्रयोग्य है कि विश्व भर में नशा छोडऩे के इलाज के लिए बुपरीनौरफिन -नालौकसोन दवा का प्रयोग बड़े स्तर पर होता है जिसको विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा प्रमानित भी किया गया है।

स. बलबीर सिंह सिद्धू ने कहा कि सरकारी संस्थाओं के अलावा निजी मनोरोग चिकित्सा क्लीनिकों को भी जल्द ही टेक होम डोज़ सर्विस मुहैया करवाने की आज्ञा दे दी जायेगी। इस प्रक्रिया के लिए निजी मनोरोग चिकित्सा क्लीनिकों को ओ.ओ.ए.टी. क्लीनिकों के सैंट्रल रजिस्ट्री ऑनलाइन पोर्टल पर रजिस्टर करवाना जरूरी होगा। उन्होंने आगे कहा कि निजी केन्द्रों में 1.5 लाख से अधिक मरीज़ों का इलाज किया जा रहा है और हमें आशा है कि यह नयी प्रणाली मरीज़ को नशा छोडऩे के लिए और प्रेरित करेगी और इससे सरकारी और निजी नशा- छुड़ाऊ केन्द्रों में मरीज़ों के आने की संख्या भी बढ़ेगी।

नौजवानों को नशो के बुरे प्रभावों संबंधी जागरूक कर रहे हैं

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इलाज प्रणाली पर लगातार काम कर रही है और बड्डी प्रोग्राम के वालंटियर रोज़मर्रा की शिक्षा संस्थाओं और गाँवों में जाकर नौजवानों को नशो के बुरे प्रभावों संबंधी जागरूक कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार के अथक प्रयासों स्वरूप लाखों मरीज़ अपनी मजऱ्ी से इलाज करवाने के लिए ओ.ओ.ए.टी. क्लीनिकों में आ रहे हैं। उन्होंने आगे स्पष्ट करते हुए बताया कि एस.ओ.पी. (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजऱ) प्राईवेट मनोरोग माहिरों और निजी नशा -छुड़ाऊ केन्द्रों के लिए दवा की परिसक्रिप्शन सम्बन्धी एक ही तरह की नीति को लागू किया गया है।

उन्होंने कहा कि बड़े स्तर पर लोक हित को देखते हुए टेक होम डोज़ सर्विस में विस्तार किया गया है जिसके अंतर्गत प्राईवेट मनोरोग माहिरों और निजी नशा -छुड़ाऊ केन्द्रों की परिसक्रिप्शन पर जल्द सरकारी नशा- छुड़ाऊ केन्द्रों और ओ.ओ.ए.टी. क्लीनिकों की फार्मेसी से बुपरीनौरफिन -नालौकसोन की 10 गोलियों का पत्ता 60 रुपए के निर्धारित मूल्य में उपलब्ध होगा जो कि निजी नशा- छुड़ाऊ केन्द्रों से मिलने वाली दवा से लगभग 10 गुणा सस्ता है। इससे मरीज़ों पर ख़र्च का अतिरिक्त बोझ भी घटेगा और अधिक से अधिक मरीज़ इलाज करवाने के लिए प्रेरित होंगे।

परिसक्रिप्शन की सहायता से होम डोज़ मुफ़्त होगी

सिद्धू ने कहा कि सरकारी नशा- छुड़ाऊ केन्द्रों से इकट्टी की गई रकम राज्य मानसिक स्वास्थ्य अथॉरिटी के पास जमा करवाई जायेगी। यह राशि नशा- छुड़ाने और पुनर्वास सेवाओं को मज़बूती देने के लिए प्रयोग में लाई जायेगी। उन्होंने कहा कि पंजाब हैल्थ सिस्टम कोर्पोरेशन इस दवा की खरीद और सप्लाई को यकीनी बनाएगा।

मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकारी मनोरोग के माहिरों द्वारा दी गई परिसक्रिप्शन की सहायता से होम डोज़ मुफ़्त होगी और निजी मनोरोग माहिरों द्वारा दी गई परिसक्रिप्शन की डोज़ भी सरकारी कीमतों के अनुसार होगी। उन्होंने दोहराया कि सभी मनोविज्ञानक (चाहे वह सरकारी या निजी हों) बुपरीनौरफिन -नालौकसोन की दवाओं की परिसक्रिप्शन के लिए सैंट्रल रजिस्ट्री ऑनलाइन पोर्टल पर रजिस्टर करवाना ज़रूरी होगा। यह दवा सिफऱ् ऑनलाइन पोर्टल के ज़रिये ही उपलब्ध होगी।

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