पराली जलाने वालों किसानों के खिलाफ पंजाब सरकार ने लिया बड़ा कठोर फैसला, पढ़ें

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  • पंचायती जमीनों में पराली जलाने वाले किसान भविष्य में जमीन लेने के हक से वंचित होंगे
  • कृषि सचिव ने ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग को पत्र लिख कर प्रस्ताव को अमल में लाने के लिए कहा

डेली संवाद, चंडीगढ़

आती सर्द ऋतु के दौरान राज्य में साफ- सुथरा और प्रदूषण मुक्त वातावरण यकीनी बनाने के मद्देनजर राज्य के कृषि विभाग ने पंचायती जमीनों में धान की पराली को आग लगाने वाले किसानों को भविष्य में पंचायती जमीन लेने के हक से वंचित करने की मांग करते हुये इसको अमल में लाने के लिए ग्रामीण विकास और पंचायत विभाग के पास पहुंच की है।

आज यहां यह प्रगटावा करते हुये कृषि सचिव काहन सिंह पन्नू ने बताया की राज्य में लगभग 1. 37 लाख एकड़ जमीन कृषि अधीन है जिस कारण इन जमीनों में पराली को खुले में आग लगाने के गैर-सेहतमंद रुझान को प्रभावशाली ढंग के साथ नकेल डाली जा सकती है। उन्होंने कहा की विभाग द्वारा वायु ( प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण) एक्ट- 1981 के अंतर्गत सरकार द्वारा जारी किये आदेशों की यथावत पालना करवायी जाये।

कृषि सचिव ने इस संबंधी जरूरी हिदायतें जारी करने के लिए पंचायत विभाग को पत्र भी लिखा है जिससे पंचायती जमीनें जोत रहे किसानों को इस प्रस्ताव संबंधी अवगत करवाया जा सके की यदि उन्होंने धान की फसल काटने के बाद खेतों में पराली  जलाने का कदम उठाया तो पंचायती जमीन की बोली की प्रक्रिया में हिस्सा लेने के हक से वंचित कर दिया जायेगा।

राज्य में श्री गुरु नानक देव जी के 550 साला प्रकाश पर्व को समर्पित समागमों का जिक्र करते हुये श्री पन्नू ने कहा की जब गुरपर्व के मौके पर गुरु साहिब के चरण छू प्राप्त गुरुद्वारा साहिबान में विश्व भर से लाखों की संख्या में संगत नतमस्तक होने के लिए पंजाब आयेगी तो यह हम सभी का पहला फर्ज बनता है कि उनको साफ- सुथरा और सेहतमंद वातावरण मुहैया करवाना यकीनी बनाया जाये।

उन्होंने कहा की इस ऐतिहासिक और पवित्र मौके के सत्कार में और बेशकीमती प्राकृतिक खजानों की सुरक्षा के लिए गुरु साहब जी के फलसफे पर चलते हुये किसानों को पराली जलाने के रुझान का त्याग करना चाहिए क्योंकि इससे हमारे वातावरण, जमीन की शक्ति के साथ- साथ मानवीय स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा खड़ा होता है।

पंचायती जमीनें ठेके पर लेकर जोत कर रहे किसानों को फसलों के अवशेष जलाने के दुष्प्रभावों संबंधी अवगत करवाने की जरूरत पर जोर देते हुये श्री पन्नू ने ग्रामीण विकास और पंचायत विभाग को कहा कि किसानों को इस रुझान से रोकने के लिए जोरदार मुहिम शुरू करनी चाहिए।

श्री पन्नू ने यह भी बताया की राज्य के कृषि विभाग ने सुपर स्टरा मैनेजमेंट सिस्टम लगवाएं से बिना चलने वाली कम्बाईनों को जब्त करने के आदेश पहले ही दिए हुए हैं। उन्होंने कहा की राज्य में स्टरा मैनेजमेंट सिस्टम के बिना किसी भी कम्बाइन को चलाने की इजाजत नहीं दी जायेगी क्योंकि इस सिस्टम से पराली का टुकड़ा होकर खेतों में बिखर जाता है जिससे किसान पराली जलाये बिना अगली फसल बीज सकते हैं।



















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