
डेली संवाद, लखनऊ
प्रदेश सरकार के नियोजन विभाग और दीन दयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय गोरखपुर की ओर से तीन दिवसीय “पूर्वांचल का सतत विकास, मुददे, रणनीति एवं भावी दिशा” विषय पर आयोजित मेगा राष्ट्रीय वेबिनार के शनिवार को समापन समारोह को मुरादाबाद से वर्चुअली सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि क्षेत्रीय विषमता हमेशा प्रगति में बाधक होती है।
प्रदेश के विकास के लिए चार आर्थिक जोन पूर्वांचल, पश्चिमांचल, मध्यांचल व बुंदेलखंड में बांट कर दो पूर्वांचल और बुंदेलखंड विकास बोर्ड का गठन किया गया ताकि आर्थिक विषमताओं को दूर किया जा सके। पूर्वांचल के विकास के लिए सभी संस्थानाओं व विभागों को मिलकर टीम भावना से काम करना होगा। वेबिनार में विद्वानों के जो सुझाव आएं हैं, उन पर मिलकर मंथन करना होगा।
पूर्वांचल के विकास के लिए बनेगी उच्च स्तरीय कमेटी
पूर्वी उत्तर प्रदेश विकास के लिए सभी अच्छे सुझावों के मद्देनजर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति या वित्त मंत्री श्री सुरेश खन्ना की अध्यक्षता में कैबिनेट उप-समिति गठित की जाएगी। यह समिति अगले 3 महीनों में कार्य योजना की रणनीति प्रस्तुत करेगी। यह योजना 1 अप्रैल, 2021 से शुरू होगी और अगले 3 वर्षों में लागू की जाएगी । कार्ययोजना के क्रियान्वन के लिए योजना विभाग द्वारा एक प्रभावी निगरानी तंत्र भी स्थापित किया जाएगा।
इंसेफेलाइटिस पर पाया काबू
मुख्यमंत्री ने कहा कि इंसेफेलाइटिस के चलते चार दशकों में पचास हजार से अधिक मौतें हुईं। राज्य के 38 जिले इससे प्रभावित थे। 2017 में सरकार ने इसकी रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग को नोडल बनाकर कई विभागों को इसमें शामिल किए। सबके प्रयास से तीन साल में इस पर काबू पाया गया। बिना अतिरिक्त बजट के। इसी रणनीति को कोरोना रोकथाम में भी इस्तेमाल किया गया। जिसकी सराहना डब्लूएचओ ने भी की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम भगवान बुद्ध के अप्प दीपो भव मंत्र का सही पालन नहीं कर पाए। प्रकृति की कृपा कहीं अधिक है तो कहीं कम लेकिन पूर्वांचल भाग्यशाली है, जो प्राकृति से काफी समृद्ध है। प्रथम मानव की सृष्टि पूर्वांचल में हुई। सभ्यता की सबसे प्राचीन भूमि होने के बाद भी हम सबसे पिछड़े रहे, अपने को गरीब समझते रहे।मुख्यमंत्री ने कहा कि मैने पूर्वी उत्तर प्रदेश के सभी जनपदों को दौरा किया है। मुझे कहीं भी जल की कमी नहीं नजर आई। मानवीय सभ्यता के जो मुख्य कारक थे, वह यहां सबसे अधिक मात्रा में मौजूद हैं।
सिख तालमेल कमेटी के सदस्यों ने बन्द करवाए रिलायंस के शोरूम
मुख्यमंत्री ने कहा कि सर्विस सेक्टर में यहां अपार संभावनाएं है। 6 बौद्ध पर्यटन स्थलों में 5 पूर्वी क्षेत्र में है। हमें पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अच्छे होटलों की चेन बनाना होगी। टूरिस्ट गाइड तैयार करना होंगे। आवागमन के लिए सुविधा बढ़ाना होगा। कुशीनगर व अयोध्या में अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अडडे बनाए जा रहे हैं। पूर्वांचल एक्सप्रेस वे पूर्वी क्षेत्र की अर्थव्यवस्था की ‘बैक बोन’ बनेगा। इससे लगे औद्योगिक गलियारे में पूर्वांचल के युवाओं को वहीं रोजगार मिलेगा।
नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन के लिए बनाएं कमेटी
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई शिक्षा नीति पूरे देश में व्यापक परिवर्तन का आधार बनने जा रही है। सभी शैक्षिक संस्थान एक कमेटी का गठन करें और इसके लिए एक कार्ययोजना को तैयार करें। शासन की योजनाओं को कैसे प्रभावी बनाया जाए और उसे युवाओं तक कैसे पहुंचाया जाए। इसकी कार्ययोजना भी तैयार करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्वांचल के विकास की पहल गोरखपुर विश्वविद्यालय ने की है। विकास के लिए सभी संस्थानों और विभागों को एक साथ जुड़ना होगा। तब इसके सार्थक परिणाम देखने को मिलेंगे। नकारात्मक सोच की वजह से पूर्वांचल में गरीबी व पिछड़ापन देखने को मिला है। ऐसे लोगों को दूध से मक्खी की तरह निकालना होगा।









