कश्मीर में ‘लव जिहाद’: 2 सिख लड़कियों के धर्मांतरण पर श्रीनगर से दिल्ली तक बवाल, सिरसा बोले – घाटी में अल्पसंख्यकों पर ‘इस्लामी अत्याचार’

Daily Samvad
10 Min Read
Punjab Government
WhatsApp Group Join Now
WhatsApp Channel Join Now

नई दिल्ली/श्रीनगर। कश्मीर में दो सिख लड़कियों के धर्म परिवर्तन और निकाह का मामला तूल पकड़ चुका है। सिख समुदाय के लोग कश्मीर से लेकर नई दिल्ली तक प्रदर्शन कर रहे हैं। इनका आरोप है कि कश्मीर में आए दिन धर्म कभी अपहरण, कभी दबाव बनाकर तो कभी बहला-फुसलाकर लड़कियों का धर्म परिवर्तन करवाया जा रहा है। हालांकि, लड़कियों का पक्ष अब तक सामने नहीं आया है और इस बीच हाई कोर्ट ने उन्हें सुरक्षा मुहैया करवाई है।

दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी (SGPC) के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा अगले ही दिन कश्मीर चले गए और वहां विशाल जुलूस निकाला। सिखों ने हिंदू समुदाय से भी घाटी में अल्पसंख्यकों पर ‘इस्लामी अत्याचार’ के खिलाफ लड़ाई में मदद की मांगी की है। वो हिंदुओं को याद दिला रहे हैं कि कैसे महाराष्ट्र समेत अन्य जगहों से हिंदुओं की वापसी में सिखों ने मदद की है।

दो बच्चियों को गन पॉइंट पर अगवा किया

मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि दो बच्चियों को गन पॉइंट पर अगवा किया गया। उनका निकाह पढ़ा गया। 50-50 साल के आदमी के साथ पढ़ा गया। उसके बाद कोर्ट के अंदर बच्चियों के मां-बाप तक को जाने नहीं दिया गया। हमारे नौजवानों ने जब इकट्ठे होकर प्रदर्शन किया, तब रात को साढ़े 10 बजे एक बेटी कोर्ट में से निकालकर हमारे हवाले की गई। दूसरी बेटी को अभी भी हमारे हवाले नहीं किया गया। यह जबरन निकाह किया गया है। यह लव जिहाद है।

सीएए प्रोटेस्ट के दौरान कश्मीर की बेटियां जगह-जगह फंसी हुई थीं, हमने टिकटें देकर उनको सुरक्षित घरों तक पहुंचाया। पर आज यह मौलाना और मुफ्ती क्यों चुप हैं? उनको यह निकाह पढ़ते हुए शर्म नहीं आई। जिनके 10-10 बच्चे हैं उनके साथ शादी करवाई गई। हम केंद्र की सरकार से आग्रह करते हैं कि तुरंत इस मामले में कार्रवाई की जाए।

आखिर कश्मीर में क्या हुआ

दरअसल, कश्मीर के बड़गाम जिले और राजधानी श्रीनगर के महजूर नगर इलाके में अलग-अलग सिख युवतियों का धर्म परिवर्तन करवा दिया गया है। आरोप है कि बड़गाम की 18 वर्षीय युवती को बहलाया-फुसलाया गया है। बड़गाम के गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी के अध्यक्ष संतपाल सिंह ने बताया कि 18 साल की सिख लड़की को लालच देकर फंसाया गया और फिर उसका धर्म परिवर्तन किया गया। उस लड़की की दिमागी हालत ठीक नहीं थी।

वहीं, श्रीनगर के महजूर नगर इलाके में 22 वर्षीय सिख लड़की का धर्म परिवर्तन कराया गया। बताया जाता है कि लड़की अपने मुस्लिम दोस्त के शादी समारोह में शिरकत करने गई और लापता हो गई। अकाली दल के नेता मनजिंदर सिंह सिरसा इन घटनाओं के बीच रविवार को कश्मीर पहुंचे और वहां प्रदर्शन की अगुवाई की। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि कश्मीर में सिख युवतियों के धर्म परिवर्तन करवाने की घटनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि चार सिख युवतियों का धर्म परिवर्तन करवाया जा चुका है।

सिरसा ने कहा, बच्चियों को गन पॉइंट पर उठाकर उनसे जबरन धर्म बदलवाया जाता है और 50-50 साल के बुड्ढों के साथ निकाह करवा दिया जाता है। उन्होंने कहा कि जिन मुसलमानों के साथ बच्चियों की शादी करवाई जाती है, वो पहले से ही दो-तीन शादियां की होती हैं।

‘लव जिहाद’ पर मुल्ले-मौलवियों को चेतावनी

सिरसा के नेतृत्व में स्थानीय लोगों ने सड़क जाम कर विरोध-प्रदर्शन किया और मार्च निकाला। इस मौके पर सिरसा ने आक्रोश भरे लहजे में स्थानीय मुल्ले-मौलवियों को चेतावनी दी कि वो अपने समुदाय के लोगों को सिखों से नजर हटाने को कहें क्योंकि इस तरह की घटनाएं बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। उन्होंने साफ कहा है कि यह सीधा-सीधा लव-जिहाद का मामला है। उनकी अगुवाई में हुए प्रदर्शन के दौरान लव-जिहाद के खिलाफ नारे लगाए गए।

उधर, बड़गाम एसजीपीसी के अध्यक्ष संतपाल सिंह ने भी कहा कि कोई प्रेम-प्यार का मामला नहीं है, यह स्पष्ट तौर पर लव-जिहाद है। वहीं, सिख समूह देश की राजधानी दिल्ली में भी विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी में मान सिंह रोड से जम्मू-कश्मीर हाउस तक मार्च किया।

अदालत पर भी आरोप

सिरसा ने कश्मीर में अदालत से लेकर प्रशासन तक, सभी को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि अदालत भी मुसलमानों का ही पक्ष ले रही है। उन्होंने बताया कि कोर्ट को घेर के रखा तो रात साढ़े 10 बजे पुलिस ने मजबूरन बच्ची को वापस कर दिया। उन्होंने कहा, ‘यह कोई नया मामला नहीं है, यह हर दिन हो रहा है।

स्थानीय सिख कह रहे हैं कि उनके साथ इतनी ज्यादती हो रही है कि घर छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं। केंद्र सरकार से आग्रह है कि अंतरधार्मिक विवाह के कानून को लागू किया जाए ताकि इस तरह की घटना पर रोक लग सके। ऐसी घटनाओं को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है।’

उधर, संतपाल सिंह ने प्रशासन पर धोखेबाजी का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि मामले में एसपी ने लिखित में आश्वासन दिया था कि लड़की को खोज कर परिवार को दिया जाएगा, लेकिन कोर्ट का आदेश भी उनके खिलाफ आ गया। उन्होंने बताया कि जज ने मुस्लिम पक्ष के हक में फैसला दिया और लड़की को उसे ही सौंप दिया, जो एक तरह का अन्याय है। बहरहाल, कोर्ट ने युवती को सुरक्षा मुहैया कराने का आदेश दिया है।

क्या लड़की ने मर्जी से धर्म बदलकर किया निकाह?

ताजा मामले को लेकर यह भी कहा जा रहा है कि सिख लड़की ने दबाव में नहीं बल्कि मर्जी से धर्म परिवर्तन करके निकाह किया है। इस पर, सिख समुदाय का कहना है कि कोर्ट लड़की को एक सप्ताह के लिए परिवार को सौंप दे। अगर एक सप्ताह बाद भी लड़की परिवार के साथ नहीं रहकर कथित शौहर के पास जाना चाहेगी तो उसे कोई नहीं रोकेगा। सिखों ने आरोप लगाया कि कोर्ट ने कोरोना प्रॉटोकॉल के बहाने लड़की के परिवार वालों को तो अंदर जाने से रोक दिया, लेकिन मुस्लिम परिवार अंदर चले गए। सिख समुदाय का आरोप है कि कोर्ट भी निष्पक्षता का सबूत नहीं दे रहा है।

कश्मीर में पाकिस्तान का पैटर्न

सिख युवतियों के धर्म परिवर्तन और निकाह की ताजा घटनाओं से स्थानीय समुदाय भी काफी आक्रोश में है। उसका कहना है कि मुस्लिम समुदाय इस तरह की घटनाओं को बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने हमारे सहयोगी न्यूज चैनल टाइम्स नाउ से बातचीत में कहा कि कश्मीर में पाकिस्तान जैसी घटनाएं हो रही हैं। नारेबाजी कर रहे एक व्यक्ति ने कहा कि पाकिस्तान में मुसलमान जिस तरह से हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों का धर्म परिवर्तन करवा रहे हैं, वही पैटर्न कश्मीर में भी चल पड़ा है।

उन्होंने आर्टिकल 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर की मुख्य धारा के राजनीतिक दलों के गुपकर गठबंधन के नेताओं पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अभी अगर जम्मू में किसी मुसलमान लड़की का धर्म परिवर्तन करवा दिया जाता तो ‘गुपकर गैंग’ तुरंत छाती पीटने लगता, लेकिन अभी गैंग का एक भी नेता मुंह नहीं खोल रहा है।

सिरसा ने कहा- शाह ने दिया आश्वासन

सिरसा ने कश्मीर में धर्म परिवर्तन के मामले पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी बात की। उन्होंने ट्वीट कर बताया कि श्रीनगर में सिख लड़कियों जबरन धर्म परिवर्तन और निकाह के मामले पर गृह मंत्र अमित शाह से बात की। उन्होंने आश्वस्त किया कि उनकी हालात पर करीबी नजर है। उन्होंने उपराज्यपाल (मनोज सिन्हा) से इस मामले में डीटेल रिपोर्ट ली है।

सिरसा ने बताया, ‘अमित शाह ने अल्पसंख्य सिख लड़कियों की घाटी में सुरक्षा का आश्वासन दिया है और कहा कि लड़कियां जल्द ही अपने परिवारों के पास लौट जाएंगी। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के सिख प्रतिनिधिमंडल से जल्द ही मिलने का वक्त दिया है ताकि जमीनी हकीकत से वाकिफ होकर अल्पसंख्यकों की चिंताओं को दूर किया जा सके।



















Share This Article
Follow:
Daily Samvad एक विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट है, जहां हम देश-दुनिया, राजनीतिक विश्लेषण, प्रदेश, शिक्षा, बिज़नेस, मनोरंजन, खेल, स्वास्थ्य सहित हर क्षेत्र की ख़बरें सरल भाषा में आप तक पहुंचाते हैं। हमारा उद्देश्य है—जनता की आवाज़ बनकर निष्पक्ष पत्रकारिता को आगे बढ़ाना। डेली संवाद ऑनलाइन के महाबीर जायसवाल फाउंडर चीफ एडिटर हैं। वे राजनीति, अपराध, देश-दुनिया की खबरों पर दमदार पकड़ रखते हैं। उन्होंने पत्रकारिता करियर की शुरुआत राजनीति की खबरों से की, जबकि उनके पास, अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग से लेकर एडिटर तक 25 साल से अधिक पत्रकारिता का अनुभव है। वे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भारत सरकार के कैबिनेट मंत्री गजेंद्र शेखावत के Media Consultant भी रहे हैं। उन्होंने इलाहाबाद की यूनिवर्सिटी से मास कॉम्यूनिकेशन, बीए और एमए की डिग्री हासिल की है। संपर्क नंबर: +91-98881-90945 ईमेल: mmmmediahouse@gmail.com
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *