डेली संवाद, चंडीगढ़/जालंधर/कपूरथला। IKG PTU News: आई.के. गुजराल पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी ((आई.के.जी पी.टी.यू) जालंधर-कपूरथला ने अपना 30वां फाउंडेशन-डे (स्थापना दिवस) जोश के साथ मनाया। साल 1997 में पंजाब राज्य की पहली टेक्निकल यूनिवर्सिटी के तौर पर बनी “पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी” ने आज अपने सफर के 29 साल पूरे कर लिए।
इस मौके पर यूनिवर्सिटी के अब तक के सफर को याद किया गया। यूनिवर्सिटी ने अगला उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को अधिक कोर्सेस के साथ जोड़ना एवं स्टूडेंट्स को माहिर बनाना तय किया। यूनिवर्सिटी फाउंडेशन-डे सेलिब्रेशन से पूर्व श्री सुखमनी साहिब का पाठ करवाया गया एवं पावन कीर्तन का सिमरन किया गया।
प्रोग्राम की शुरुआत ज्ञान ज्योति जलाकर की
कुलपति (वाइस-चांसलर) प्रो. (डॉ.) सुशील मित्तल ने बतौर चीफ गेस्ट उपस्थिति दर्ज करवाई। यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डॉ. नवदीपक संधू एवं अलग-अलग विभाग के डीन एवं सीनियर अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। कल्चरल प्रोग्राम की शुरुआत ज्ञान ज्योति जलाकर की गई। सेरेमनी को यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स ने “देह सिवा बर मोहि है…” शबद से भक्ति का रंग दिया।
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रजिस्ट्रार डॉ. नवदीपक संधू के स्वागत शब्दों के बाद कुलपति प्रो. (डॉ.) सुशील मित्तल ने फाउंडेशन डे स्पीच सांझी की। कुलपति प्रो. (डॉ.) सुशील मित्तल ने कहा कि यूनिवर्सिटी का उदेश्य ज़्यादा से ज़्यादा कोर्स को ए आई – बेस्ड बनाना एवं स्टूडेंट्स को इंडस्ट्री के लिए तैयार तथा टेक्नोलॉजी में काबिल बनाना है। उन्होंने डिस्टेंस एजुकेशन के ज़रिए यूनिवर्सिटी को मिली ख्याति के दौर को याद किया। उन्होंने जल्द ही इसका रिप्लेसमेंट लाने का प्रस्ताव रखने की चर्चा की। उन्होंने पूरे यूनिवर्सिटी स्टाफ की ईमानदार कोशिशों की तारीफ़ की।
ये रहे मौजूद
इस मौके पर एक किताब “इंडियन नॉलेज सिस्टम थ्रू लाइब्रेरीज़ – मैन्युस्क्रिप्ट टू ए.आई” का विमोचन किया गया। यूनिवर्सिटी की डिप्टी लाइब्रेरियन डॉ. मधु मिड्डा द्वारा इस पुस्तक को लिखा गया है। सम्मान सत्र में यूनिवर्सिटी की भंगड़ा टीम (गुरु नानक देव इंजीनियरिंग कॉलेज लुधियाना) को सम्मानित किया गया, जिसने अलग-अलग स्तर पर अलग-अलग यूनिवर्सिटी में हुए यूथ फेस्टिवल में नाम कमाया है। प्रोग्राम का मुख्य आकर्षण भांगड़ा परफॉर्मेंस रही। धन्यवाद प्रस्ताव डीन अकादमिक प्रोफेसर (डॉ) यादविंदर सिंह बराड़ ने रखा।
मंच संचालन डिप्टी रजिस्ट्रार (पब्लिक रिलेशन्स) रजनीश शर्मा ने किया। प्रोग्राम के आखिर में “गुरु का लंगर” अटूट वरताया गया। डीन डॉ. बलकार सिंह, डॉ. आर.पी.एस. बेदी, डॉ. प्रवीण बंसल, डॉ. सतवीर सिंह, डॉ. गौरव भार्गव, कंट्रोलर एग्जामिनेशन डॉ. परमजीत सिंह, फाइनेंस ऑफिसर डॉ. सुखबीर सिंह वालिया एवं अन्य अधिकारी, फैकल्टी मेंबर एवं स्टाफ इसमें मौजूद रहे।







