
देहरादून। उत्तराखंड एंटी टेररिज्म स्क्वॉयड (एटीएस) के जवान अब किसी भी घटना से निपटने में पूरी तरह से सक्षम हो गए हैं। पुलिस कर्मियों को आधुनिक हथियार चलाने का प्रशिक्षण भी मिला है। ऐसे पहली बार हुआ है, कि जब केंद्र सरकार की किसी सुरक्षा एजेंसी ने प्रदेश पुलिस के जवानों को इतनी कड़ी ट्रेनिंग दी है।
महाकुंभ मेले में होने वाली किसी भी आकस्मिक घटना से निपटने के लिए अब एनएसजी (नेशनल सिक्योरिटी गार्ड) कमांडो के साथ ही उत्तराखंड एटीएस के जवान भी पूरी तरह से तैयार हो गए हैं। एटीएस के बेस कैंप में 13 से 27 मार्च तक एटीएस के जवानों को एनएसजी के कमांडो ने प्रशिक्षण दिया है। प्रशिक्षण के दौरान एटीएस के जवानों को टारगेट हिट करना बताया गया।
किसी भी कमरे में घुसकर बंधकों को रिहा कराना, बिल्डिंग को चारों तरफ से कवर करने के बाद उसके अंदर उतरना और साथी को सपोर्ट करते हुए सीढ़ियों से बिल्डिंग के ऊपर तक जाना। इसके साथ ही आधुनिक हथियार चलाने का प्रशिक्षण भी दिया गया। सशस्त्र प्रशिक्षण केंद्र के उप प्राचार्य सुरजीत सिंह पंवार ने कहा कि अब प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके जवान अन्य जवानों को प्रशिक्षण देंगे।
स्मृति चिन्ह देकर किया सम्मानित
पुलिस महानिरीक्षक कुंभ मेला संजय गुंज्याल ने एनएसजी टीम के स्क्वाडन कमांडर एसएस सत्या व उनकी टीम को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। एसटीएस के प्रभारी इंस्पेक्टर नीरज कुमार ने बताया कि एनएसजी की ट्रेनिंग के दौरान काफी कुछ सीखने को मिला है। कुल चार टीमों को प्रशिक्षण दिया गया है। ऑपेरशन के दौरान इस्तेमाल होने वाले सूचनात्मक चिन्हों के बारे में भी एनएसजी के कमांडो ने उत्तराखंड एटीएस के जवानों को सिखाया। उन्हें बताया किऑपरेशन के दौरान जरा सी भी लापरवाही पूरी टीम के लिए खतरा बना सकती है। इसलिए कुछ खास संकेतों का ऑपरेशन में ध्यान रखना पड़ता है।










