डेली संवाद, जालंधर। DIPS News: डिप्स संस्थानों में विश्व पुस्तक दिवस बड़े हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों में पढ़ने की आदत को प्रोत्साहित करने तथा पुस्तकों के महत्व को समझाने के लिए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने भाषण प्रतियोगिता एवं पोस्टर मेकिंग गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लिया। विद्यार्थियों ने अपने विचारों के माध्यम से यह दर्शाया कि पुस्तकें केवल कागज़ के पन्ने नहीं, बल्कि ज्ञान, कल्पना और प्रेरणा का अनमोल खजाना हैं। रंग-बिरंगे पोस्टरों और प्रभावशाली भाषणों के माध्यम से बच्चों ने पढ़ने के महत्व को बेहद सुंदर तरीके से प्रस्तुत किया।

पुस्तकें हमारी सच्ची मित्र हैं
इस अवसर पर यह संदेश दिया गया कि पुस्तकें हमारी सच्ची मित्र हैं। एक पुस्तक खोलें और अपने मन के द्वार खोलें। इस आयोजन ने छात्रों में रचनात्मकता को बढ़ावा दिया और उन्हें पढ़ने के प्रति प्रेरित किया।
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डिप्स संस्थानों के एम.डी. तरविंदर सिंह ने अपने संदेश में कहा कि पढ़ने की आदत व्यक्ति के व्यक्तित्व को निखारती है और उसे जीवन में आगे बढ़ने की दिशा देती है। आज के डिजिटल युग में भी पुस्तकों का महत्व कम नहीं हुआ है, बल्कि यह हमारे ज्ञान और सोच को गहराई प्रदान करती हैं।”
पुस्तकें हमें सही मार्गदर्शन देती हैं
सी.ए.ओ. रमणीक सिंह ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि हर दिन कुछ नया पढ़ना और सीखना हमें सफलता के और करीब ले जाता है। पुस्तकें हमें सही मार्गदर्शन देती हैं और हमारी सोच को सकारात्मक बनाती हैं।”
वहीं सी.ए.ओ. जशन सिंहने कहा कि पुस्तकें हमें कल्पना की उड़ान देती हैं और हमारे अंदर छिपी प्रतिभा को उजागर करती हैं। सभी विद्यार्थियों को नियमित रूप से पढ़ने की आदत विकसित करनी चाहिए। इस प्रकार, विश्व पुस्तक दिवस का यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक सिद्ध हुआ।










