डेली संवाद, अमेरिका। US Visa: अमेरिका (America) में विदेशी छात्रों के लिए पढ़ाई और रहन-सहन को लेकर एक अहम बदलाव किया जा सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार F-1 और J-1 वीजा धारकों के लिए नए नियम लागू करने की तैयारी में है।
इस नियम के लागू होने के बाद छात्रों को अमेरिका (America) में रहने की अवधि सीमित कर दी जाएगी, जिससे कई छात्र अपने कोर्स को पूरा करने में परेशानी का सामना कर सकते हैं। वर्तमान में ‘ड्यूरेशन ऑफ स्टेटस’ (D/S) सिस्टम के तहत विदेशी छात्रों को तब तक अमेरिका में रहने की अनुमति है, जब तक वे फुल-टाइम कोर्स कर रहे हैं।
चार साल के लिए रहने की अनुमति
इसका मतलब यह है कि अगर किसी छात्र का कोर्स 4 साल का था लेकिन वह 5वें साल में भी पढ़ाई कर रहा है, तो उसे कोई समस्या नहीं होती। लेकिन प्रस्तावित नियम लागू होने के बाद, अधिकांश छात्रों को केवल चार साल के लिए अमेरिका में रहने की अनुमति दी जाएगी। इसके बाद छात्रों को डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) के साथ वीजा रिन्यू करवाना होगा।
यह भी पढ़ें: Japnoor Travels के सतनाम सिंह पर 45 लाख रुपए ठगी का आरोप, किसानों ने दफ्तर घेरा
विशेषज्ञों के अनुसार, इसका सबसे बड़ा असर मास्टर्स और पीएचडी स्टूडेंट्स पर पड़ेगा। पीएचडी और रिसर्च-आधारित कोर्स अक्सर 5 से 8 साल तक चलते हैं, इसलिए छात्रों को अपने कोर्स के बीच में ही वीजा एक्सटेंशन करवाना होगा। इसी तरह STEM (साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथ्स) फील्ड के छात्र भी प्रभावित होंगे, क्योंकि ग्रेजुएशन के बाद OPT या STEM-OPT के लिए अप्लाई करने से पहले उन्हें अपने वीजा को रिन्यू करना होगा।
रोकना पड़ सकता बीच में कोर्स
दोहरी डिग्री (Dual Degree) या लंबी मेडिकल ट्रेनिंग करने वाले छात्र भी इस बदलाव से प्रभावित होंगे। मेडिकल छात्र जो कंबाइंड बैचलर-मास्टर प्रोग्राम या लंबी मेडिकल ट्रेनिंग कर रहे हैं, उन्हें भी इस चार साल की सीमा के कारण कोर्स बीच में रोकना पड़ सकता है।
स्टडी अब्रॉड एक्सपर्ट रितिका गुप्ता का कहना है कि प्रस्तावित नियम लागू होने की स्थिति में भारतीय छात्रों सहित दुनियाभर के छात्रों में भ्रम और चिंता बढ़ सकती है। उन्होंने बताया कि विशेष रूप से मास्टर्स और रिसर्च स्टूडेंट्स के लिए यह नियम चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है।
अंतिम चरण में समीक्षा
इस नियम का अंतिम निर्णय अमेरिकी व्हाइट हाउस के ‘ऑफिस ऑफ मैनेजमेंट एंड बजट’ (OMB) द्वारा किया जाएगा। फिलहाल यह प्रस्ताव RIN: 1653-AA95 के तहत OMB के ऑफिस ऑफ इंफॉर्मेशन एंड रेगुलेटरी अफेयर्स में समीक्षा के अंतिम चरण में है।
विदेशी छात्रों के लिए यह बदलाव न केवल पढ़ाई के शेड्यूल को प्रभावित करेगा, बल्कि अमेरिका में काम करने के अवसरों पर भी असर डाल सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि छात्र इस बदलाव के संभावित प्रभावों को देखते हुए पहले से ही तैयारी शुरू करें और वीजा एक्सटेंशन के विकल्पों पर ध्यान दें।
