डेली संवाद, मोगा। Punjab News: पंजाब के मोगा (Moga) में सरकारी बस में सीट को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। बस के मोगा बस अड्डे से रवाना होने के कुछ देर बाद एक महिला वकील और कंडक्टर के बीच सीट को लेकर बहस हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि महिला को बस से नीचे उतरने के लिए कहा गया।
बस से नीचे उतरने के बाद महिला वकील के साथ कुछ महिलाओं ने कथित तौर पर मारपीट कर दी। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें मौके पर हंगामा होता दिखाई दे रहा है।
सीट को लेकर शुरू हुआ विवाद
सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को थाने बुलाया। बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया और पुलिस को कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई। कंडक्टर निर्भय सिंह के अनुसार, घटना 5 सितंबर की शाम की है। बस के मोगा से रवाना होने के बाद महिला सीट को लेकर लगातार बहस कर रही थी।
कंडक्टर का आरोप है कि महिला ने बस में सवार दो लड़कियों को लेकर भी आपत्तिजनक बातें कहीं। इसके बाद उसने महिला को बस से नीचे उतरने के लिए कहा। इसी बात को लेकर विवाद और बढ़ गया।

कंडक्टर ने दाढ़ी खींचने का लगाया आरोप
कंडक्टर का आरोप है कि महिला ने उसकी दाढ़ी खींचने की कोशिश की। इसके बाद महिला बस से उतरकर जाने लगी। इसी दौरान कुछ यात्री भी बस से नीचे उतर आए और महिला को रोक लिया।
मौके पर मौजूद लोगों ने विवाद शांत करवाने की कोशिश की और महिला से कंडक्टर से माफी मांगकर मामला खत्म करने के लिए कहा। हालांकि, इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच दोबारा बहस शुरू हो गई। इसके बाद आरोप है कि कुछ महिलाओं ने महिला वकील के साथ मारपीट शुरू कर दी। कुछ देर तक मौके पर हंगामा चलता रहा।
लेडी वकील बोली- सीट मांगने पर गलत भाषा का इस्तेमाल किया
दूसरी तरफ महिला वकील ने कंडक्टर के आरोपों को गलत बताया है। महिला के अनुसार, उसने बस में बैठने के लिए सिर्फ सीट मांगी थी, लेकिन सीट मांगने पर उसके साथ गलत भाषा का इस्तेमाल किया गया। महिला ने आरोप लगाया कि उसकी उंगलियों पर चोटें आई हैं और बिना गलती के उसे बस से नीचे उतारकर उसके साथ मारपीट की गई।
दाढ़ी खींचने के आरोप पर महिला ने कहा कि यदि उसने ऐसा किया है तो कंडक्टर इसके सबूत पेश करे। महिला का कहना है कि उसके खिलाफ झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं।
पुलिस के पहुंचने से पहले हुआ हंगामा
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को थाने बुलाया गया। पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया।
समझौते के बाद किसी भी पक्ष की ओर से पुलिस को शिकायत नहीं दी गई। इसलिए फिलहाल मामले में कोई FIR दर्ज नहीं हुई है।