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Amit Shah: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बोले- पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों को मार दिया जाता है, 3 पीड़ित परिवारों से मिले गृह मंत्री

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पंजाब दौरे के दौरान गुरदासपुर, संगरूर और मानसा में तीन पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। लुधियाना में उन्होंने CM भगवंत मान से गुलजार और बिक्रमजीत मामलों की जांच भी CBI को सौंपने की मांग की और पंजाब में नशे के कारोबार को लेकर सरकार पर निशाना साधा।

Amit Shah: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बोले- पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों को मार दिया जाता है, 3 पीड़ित परिवारों से मिले गृह मंत्री
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डेली संवाद, लुधियाना। Amit Shah in Punjab: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार, 20 अक्टूबर को पंजाब दौरे के दौरान आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर जमकर निशाना साधा। गुरदासपुर, संगरूर और मानसा में तीन पीड़ित परिवारों से मुलाकात करने के बाद लुधियाना में उन्होंने पंजाब में नशे की समस्या, नशा विरोधी कार्यकर्ताओं की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए।

अमित शाह ने आरोप लगाया कि पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान से परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड के अलावा संगरूर के गुलजार की आत्महत्या और गुरदासपुर के बिक्रमजीत हत्याकांड की जांच भी CBI को सौंपने की मांग की।

'नशे के खिलाफ लड़ने वालों को मार दिया जाता है'

अमित शाह ने कहा कि वह पंजाब में राजनीतिक एजेंडा लेकर नहीं, बल्कि दुखी परिवारों को सांत्वना देने आए थे। इसके बावजूद उनके खिलाफ गाली-गलौज और अपशब्दों का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि उन्हें कुछ भी कहने से कोई फर्क नहीं पड़ता। जरूरत पंजाब में चिट्टे के कारोबार को खत्म करने की है।

गृह मंत्री ने पंजाब सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि दिल्ली में अभिव्यक्ति की आजादी की बात करने वाले लोग पंजाब में काले झंडे दिखाने वालों के साथ मारपीट करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में नशे का विरोध करने वालों को आत्महत्या करने या अपनी जान गंवाने जैसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है।

झोटा हत्याकांड की जांच CBI करेगी

मानसा में नशा विरोधी एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की हत्या का मामला भी अमित शाह के दौरे के केंद्र में रहा। झोटा के परिवार से मुलाकात के दौरान उन्होंने इंसाफ का भरोसा दिया।

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मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार सुबह झोटा हत्याकांड की जांच CBI को सौंपने का ऐलान किया था। अमित शाह ने कहा कि इस मामले में जो भी आरोपी होगा, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसे तलाश कर कानून के सामने लाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि CBI की टीम बुधवार, 21 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे मानसा पहुंचेगी। झोटा के पिता भीम सिंह के अनुसार, अमित शाह ने परिवार को एक-दो दिन में इंसाफ मिलने की उम्मीद भी दिलाई।

गुलजार और बिक्रमजीत के परिवार से भी मिले

अमित शाह ने अपने पंजाब दौरे में तीन परिवारों से मुलाकात की। इनमें दो अन्य मामले भी शामिल रहे, जिनमें परिवार न्याय की मांग कर रहे हैं।

गुरदासपुर: अमित शाह ने बिक्रमजीत के परिवार से करीब 15 मिनट तक मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने बिक्रमजीत की मां सुरजीत कौर के पैर छुए और परिवार को CBI जांच तथा इंसाफ का भरोसा दिया। परिवार की ओर से उनकी भांजी को नौकरी देने की मांग भी रखी गई।

संगरूर: गृह मंत्री ने गुलजार के परिवार से मुलाकात की। परिवार के अनुसार, गुलजार ने AAP मंत्री हरपाल चीमा से सवाल पूछने के मामले में कथित तौर पर परेशान किए जाने के बाद आत्महत्या कर ली थी। अमित शाह ने परिवार को दो से तीन महीने में इंसाफ मिलने का आश्वासन दिया और कहा कि वह गुलजार के भोग में भी शामिल होंगे।

गुलजार के बेटे प्रभजोत ने बताया कि उनके पिता की अस्थियां अभी सुरक्षित रखी हुई हैं। परिवार का कहना है कि जब तक उन्हें इंसाफ नहीं मिलता, तब तक अस्थियां विसर्जित नहीं की जाएंगी।

मानसा: अमित शाह ने परविंदर सिंह झोटा के परिवार से मुलाकात की। झोटा की 13 अक्टूबर को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह कथित तौर पर मेडिकल स्टोर पर नशीले पदार्थों की बिक्री का विरोध कर रहे थे।

भगवंत मान से दो और मामले CBI को सौंपने की मांग

अमित शाह ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से संगरूर के गुलजार आत्महत्या मामले और गुरदासपुर के बिक्रमजीत हत्याकांड की जांच भी CBI को सौंपने की मांग की। उन्होंने कहा कि झोटा मामले में जांच CBI को सौंपने का फैसला अच्छा कदम है।

अब बाकी दोनों मामलों में भी ऐसा ही किया जाना चाहिए। शाह ने पंजाब सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि राज्य सरकार इन मामलों में न्याय सुनिश्चित नहीं कर पा रही है, तो उसे जांच केंद्रीय एजेंसी को सौंप देनी चाहिए।

पंजाब में PIT-NDPS के तहत कार्रवाई पर उठाए सवाल

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अमित शाह ने PIT-NDPS कानून के तहत कार्रवाई का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि पिछले एक साल में देशभर में इस कानून के तहत 929 मामले सामने आए, जबकि पंजाब में इस प्रावधान के तहत एक भी व्यक्ति को नहीं पकड़ा गया।

उन्होंने सवाल किया कि जब पंजाब नशे की समस्या से सबसे अधिक प्रभावित राज्यों में शामिल है, तो यहां इस कानून के तहत कार्रवाई क्यों नहीं हुई।

'20 हजार करोड़ रुपये की ड्रग्स पकड़ी गई'

अमित शाह ने गुजरात और महाराष्ट्र के बंदरगाहों के जरिए ड्रग्स आने को लेकर लगाए जाने वाले आरोपों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दावा किया कि अब तक 20 हजार करोड़ रुपये की ड्रग्स पकड़ी जा चुकी है।

उन्होंने सवाल उठाया कि क्या नशे की खेपों को पकड़ना बंद कर दिया जाना चाहिए, ताकि वे पुड़िया बनकर पंजाब के युवक-युवतियों तक पहुंचें।

शाह ने आरोप लगाया कि पंजाब में नशे के कारोबार को राजनीतिक संरक्षण मिले बिना इतने बड़े स्तर पर चलाना संभव नहीं है। उन्होंने राज्य सरकार से इस दिशा में ठोस कार्रवाई करने की मांग की।

'तीन महीने में नशा खत्म करने का वादा किया था'

अमित शाह ने कहा कि पंजाब सरकार ने तीन महीने में नशा खत्म करने का वादा किया था, लेकिन अब भी नशे का कारोबार जारी है। उन्होंने दावा किया कि नशे के खिलाफ कार्रवाई के बजाय नशे का विरोध करने वालों को ही गंभीर परिणाम भुगतने पड़ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि पंजाब की स्थिति को लेकर उन्हें जो जानकारी मिली है, वह चिंताजनक है। गृह मंत्री ने सवाल उठाया कि जिन परिवारों ने अपने बेटे, भाई या पति को खोया है, उन्हें न्याय दिलाने के लिए राज्य सरकार क्या कर रही है।