Skip to content

Punjab News: अस्पताल में भर्ती अलीशेर हादसे के पीड़ितों का जाना हाल-चाल, मंत्रियों ने दिया हर संभव मदद का भरोसा

पंजाब के कैबिनेट मंत्रियों बरिंदर कुमार गोयल और डॉ. बलबीर सिंह ने आज यहां सरकारी राजिंदरा अस्पताल में उपचाराधीन लहरागागा विधानसभा क्षेत्र के गांव अलीशेर के घायल मनरेगा कर्मियों का हाल-चाल जाना।

Punjab News:  अस्पताल में भर्ती अलीशेर हादसे के पीड़ितों का जाना हाल-चाल, मंत्रियों ने दिया हर संभव मदद का भरोसा
Share Facebook X WhatsApp Telegram Email
View in ePaper

डेली संवाद, चंडीगढ़/पटियाला। Punjab News: पंजाब के कैबिनेट मंत्रियों बरिंदर कुमार गोयल और डॉ. बलबीर सिंह ने आज यहां सरकारी राजिंदरा अस्पताल में उपचाराधीन लहरागागा विधानसभा क्षेत्र के गांव अलीशेर के घायल मनरेगा कर्मियों का हाल-चाल जाना।

दोनों मंत्रियों ने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार इस दुख की घड़ी में पीड़ितों के साथ खड़ी है।

बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाई

उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की और उपचार कर रहे डॉक्टरों को निर्देश दिए कि सभी मरीजों को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं तथा उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी न आने दी जाए।

यह भी पढ़ें: पंजाब में 3000 करोड़ के GST घोटाले का पर्दाफाश, लोहा कारोबारियों समेत CA का नाम आया सामने

डॉ. बलबीर सिंह और बरिंदर कुमार गोयल ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा इस भीषण हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिवार को 2-2 लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है।

इलाज सरकार द्वारा मुफ्त करवाया जाएगा

इसके साथ ही घायलों का इलाज भी पंजाब सरकार द्वारा मुफ्त करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि अस्पताल में भर्ती मनरेगा कर्मियों और उनके परिवार के सदस्यों के लिए खाने-पीने की व्यवस्था भी की जाएगी।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह और जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने बताया कि यह हादसा 18 अक्टूबर को शाम करीब साढ़े चार बजे जाखल-लहरागागा सड़क पर गांव अलीशेर में हुआ। उस समय मनरेगा कर्मी सड़क किनारे पौधे लगाने और सफाई का काम कर रहे थे।

हादसे में आठ कर्मियों की मौत हो गई

इसी दौरान जब वे पानी पीने के लिए रुके, तो एक तेज रफ्तार कार ने उन्हें टक्कर मार दी। इस हादसे में आठ कर्मियों की मौत हो गई, जबकि 12 अन्य घायल हो गए। इनमें से गंभीर रूप से घायल पांच महिला कर्मियों को सरकारी राजिंदरा अस्पताल, पटियाला में भर्ती करवाया गया, जबकि शेष घायलों का संगरूर के सिविल अस्पताल में उपचार चल रहा है।

मंत्रियों ने बताया कि उपचाराधीन मरीजों की सेहत में सुधार हो रहा है और वे खतरे से बाहर हैं। उन्होंने कहा कि पीड़ितों की सहायता तथा उनके परिवार के सदस्यों की सुविधा के लिए संगरूर जिला प्रशासन द्वारा भी आवश्यक प्रबंध किए गए हैं।

ये रहे उपस्थित

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि लापरवाही के कारण हुए इस हादसे में आठ परिवारों के घरों के चिराग बुझ गए हैं। उन्होंने कहा कि हादसे के लिए जिम्मेदार कार चालक के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

इस अवसर पर मेडिकल कॉलेज के डायरेक्टर-प्रिंसिपल डॉ. आर.पी.एस. सिबिया, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. विशाल चोपड़ा, बीडीपीओ भवानीगढ़ सुखविंदर सिंह टिवाणा, डॉ. परमजीत सिंह राजा और डॉ. विनोद डांगवाल भी उपस्थित थे।