डेली संवाद, चंडीगढ़। Punjab News: पंजाब पुलिस द्वारा शुरू किया गया ‘संपर्क अभियान’—जिसके तहत पुलिस कर्मचारी राज्य के निवासियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनते हैं और उनका समाधान करते हैं—अब युवाओं को गैंगस्टरों की ‘अंधेरी दुनिया’ के बारे में जागरूक करने के लिए एक खुला संवाद मंच बनता जा रहा है। इस अभियान के माध्यम से कम्युनिटी पुलिसिंग को बढ़ावा देते हुए नशे की समस्या से निपटने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।
जिलों, गांवों और शहरों के स्तर पर नियमित संवाद से पुलिस को युवाओं के साथ खुलकर बातचीत करने का अवसर मिला है, जिससे उन्हें यह समझाने में सफलता मिली है कि गैंग किस तरह युवाओं को अपने जाल में फंसाकर उनका भविष्य बर्बाद कर देते हैं।
कई युवा शुरुआत में समझ नहीं पाते
पंजाब सरकार के ‘गैंगस्टरों ते वार’ मुहिम से प्राप्त जानकारी के आधार पर पुलिस ने पाया है कि गैंगस्टर युवाओं को जल्दी और आसान तरीके से पैसा कमाने, भौतिक सुख-सुविधाएं हासिल करने या विदेश बसाने के झूठे वादों के जरिए अपराध की ओर आकर्षित करते हैं—जो वास्तव में एक भ्रम होता है और जिसे कई युवा शुरुआत में समझ नहीं पाते।
पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने कहा कि ये सत्र युवाओं को इन गंभीर खतरों की स्पष्ट तस्वीर दिखा रहे हैं, जिसका जमीनी स्तर पर सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल रहा है।
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उन्होंने कहा, “युवा अपने भविष्य का निर्माण करने और राज्य के विकास में योगदान देने में सक्षम हैं, लेकिन वे आसानी से गुमराह हो जाते हैं। इन नेटवर्कों को चलाने वाले लोग अक्सर खुद दूर रहकर भर्ती किए गए युवाओं से अपराध करवाते हैं, जिनके परिणाम उन्हें भविष्य में भुगतने पड़ते हैं। इसलिए जरूरी है कि युवा समय रहते इस जाल को पहचानें और इससे दूर रहें।”

कंवलजीत कौर, जिसने हाल ही में एक सत्र में भाग लिया, ने इसे आंखें खोल देने वाला अनुभव बताया। उसने कहा, “इससे हमें समझ आया कि गैंग कैसे भावुक युवाओं का फायदा उठाते हैं। अंत में नुकसान उसी व्यक्ति को होता है जो इसमें शामिल होता है। ऐसे सत्र जारी रहने चाहिए।”
अपनी बात रखने का अवसर प्रदान
पिछले वर्ष शुरू की गई इस पहल ने गांवों, कस्बों और शहरों के लोगों को पुलिस से जुड़ने, अपनी समस्याएं और चिंताएं साझा करने तथा आसानी से अपनी बात रखने का अवसर प्रदान किया है। समय के साथ यह सीधा संवाद समुदायों में सुरक्षा के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी की भावना भी विकसित कर रहा है।
यह अभियान ‘गैंगस्टरों ते वार’ मुहिम को भी मजबूत कर रहा है, जिसमें लोगों से मिली जानकारी पुलिस को स्थानीय चुनौतियों को बेहतर समझने में मदद कर रही है। वरिष्ठ अधिकारियों और फील्ड कर्मचारियों ने विद्यार्थियों, गांवों के सरपंचों और परिवारों के साथ बातचीत कर न केवल अपराध, बल्कि उसके व्यक्तियों और समाज पर पड़ने वाले गहरे प्रभावों पर भी चर्चा की है।
जैसे-जैसे ये सत्र दूरदराज क्षेत्रों तक पहुंच रहे हैं, लोगों की प्रतिक्रिया में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। कई लोग आगे आकर इस पहल की सराहना कर रहे हैं और ऐसे खतरों के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता को स्वीकार कर रहे हैं।
2800 से अधिक सत्र आयोजित
इस वर्ष जनवरी से अब तक 28 जिलों में 2800 से अधिक ऐसे सत्र आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें सभी आयु वर्ग के लोगों ने भाग लिया। सकारात्मक प्रतिक्रिया से पुलिस को इस प्रयास को और विस्तारित करने के लिए प्रोत्साहन मिला है।
अधिकारियों का मानना है कि यह पहल केवल कानून लागू करने तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों में विश्वास कायम करने और उन्हें बिना डर अपनी बात रखने के लिए प्रेरित करने का भी प्रयास है। लोगों की निरंतर भागीदारी और जागरूकता के साथ यह प्रयास सुरक्षित और सशक्त पंजाब के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रहा है।










