Punjab News: सीमा पार से चल रही आपराधिक सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए सुरक्षा की दूसरी कतार को किया मजबूत

‘गैंगस्टरों ते वार’ अभियान के तहत पंजाब पुलिस ‘सुरक्षा की दूसरी कतार’—एक गहरी, तकनीक-आधारित सुरक्षा व्यवस्था—को तेजी से मजबूत कर रही है, जिसका उद्देश्य सीमा पार से जुड़े आपराधिक नेटवर्क को जड़ से खत्म करना है।

Muskaan Dogra
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Gaurav Yadav IPS DGP Punjab
Highlights
  • ‘गैंगस्टरों ते वार’ अभियान में सुरक्षा की दूसरी कतार
  • 585 स्थानों पर 2291 सीसीटीवी कैमरों से निगरानी
  • गांव स्तर की सुरक्षा कमेटियां और स्थानीय नेटवर्क शामिल
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डेली संवाद चंडीगढ़ Punjab News: पंजाब की गैंगस्टरों के खिलाफ लड़ाई अब केवल मुठभेड़ों और गिरफ्तारियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह अब राज्य की सीमाओं तक फैल चुकी है, जहां एक शांत लेकिन बेहद रणनीतिक जंग लड़ी जा रही है।

‘गैंगस्टरों ते वार’ अभियान के तहत पंजाब पुलिस ‘सुरक्षा की दूसरी कतार’—एक गहरी, तकनीक-आधारित सुरक्षा व्यवस्था—को तेजी से मजबूत कर रही है, जिसका उद्देश्य सीमा पार से जुड़े आपराधिक नेटवर्क को जड़ से खत्म करना है। जहां सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) अंतरराष्ट्रीय सीमा की रक्षा करता है, वहीं पंजाब पुलिस यह सुनिश्चित कर रही है कि यदि कोई तस्करी की सामग्री राज्य में प्रवेश कर भी जाए, तो वह आगे न बढ़ सके।

2291 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए

सीमावर्ती पट्टी के 585 स्थानों पर 2291 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिससे संवेदनशील गांवों और रास्तों पर निगरानी का एक मजबूत जाल बिछाया गया है। इसके अलावा, सीमावर्ती जिलों के 41 थानों को भी सीसीटीवी कवरेज के दायरे में लाया गया है, जिन्हें निगरानी और त्वरित कार्रवाई के लिए तैयार किया गया है।

जमीनी स्तर पर अब अधिक सख्त और अप्रत्याशित तरीके से रियल-टाइम खुफिया जानकारी के आधार पर नाके लगाए जा रहे हैं। वाहनों की जांच अब रूटीन नहीं रही, बल्कि लक्षित और सूचना-आधारित हो गई है। विशेष रूप से उन जिलों में एंटी-ड्रोन निगरानी को तेज किया गया है, जहां ड्रोन के जरिए हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी के मामले सामने आए हैं।

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अमृतसर देहाती के एसएसपी सुहैल कासिम मीर ने कहा, “सुरक्षा की दूसरी कतार वह स्थान है जहां आपराधिक श्रृंखला को तोड़ा जाता है। जहां पहली परत सीमा को सील करती है, वहीं दूसरी कतार हमारे क्षेत्र में किसी भी उल्लंघन को तुरंत रोक देती है। हमारे नाके अब साधारण चेक पोस्ट नहीं रहे, बल्कि खुफिया जानकारी के आधार पर लगाए जाते हैं और पूरी तरह सत्यापित सूचना के आधार पर स्थापित किए जाते हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “गांव स्तर की रक्षा कमेटीयों और स्थानीय नेटवर्क अब सुरक्षा ढांचे का हिस्सा बन चुके हैं, जिससे जमीनी गतिविधियों पर नजर बनी रहती है। हम लगातार ढांचा, निगरानी प्रणाली, तैनाती और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत कर रहे हैं, ताकि यह परत आपराधिक गतिविधियों को रोकने और तुरंत समाप्त करने में मददगार साबित हो।”

पुलिसिंग में गहराई ला रहे

पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने कहा कि दूसरी परत की मजबूती राज्य की एंटी-गैंगस्टर रणनीति का केंद्र है। उन्होंने कहा, “हम पुलिसिंग में गहराई ला रहे हैं। हमारा ध्यान पूरे नेटवर्क—सीमा पार से सप्लाई से लेकर अंतिम डिलीवरी तक—को तोड़ने पर केंद्रित है। सुरक्षा की दूसरी कतार यह सुनिश्चित करती है कि यदि कोई कोशिश भी की जाती है, तो उसे शुरुआती चरण में ही पहचान लिया जाए और तुरंत विफल कर दिया जाए।”

पंजाब की पुलिस व्यवस्था पर नजर रखने वालों के लिए यह एक स्पष्ट बदलाव का संकेत है। यह बदलाव दर्शाता है कि अब अपराध होने के बाद कार्रवाई करने की बजाय, उसे पहले ही रोकने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।

हर संदिग्ध वाहन की पहचान

नशीले पदार्थों और हथियारों को गिराने वाले हर ड्रोन को रोकना, हर संदिग्ध वाहन की पहचान करना और सीसीटीवी के माध्यम से हर गतिविधि पर नजर रखना उस पूरे नेटवर्क को कमजोर करता है, जो गैंगस्टरों की सहायता करता है, जो अक्सर विदेशों से इन गतिविधियों को संचालित करते हैं।

इस पहल का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि सीमावर्ती गांव अब कमजोर कड़ी नहीं रहे, बल्कि पुलिसिंग के साझेदार बन रहे हैं। स्थानीय खुफिया जानकारी को धीरे-धीरे पुलिस प्रणाली में शामिल किया जा रहा है। गांव स्तर की निगरानी और सामुदायिक नेटवर्क अब अहम सूचनाएं प्रदान कर रहे हैं, जिससे सुरक्षा की दूसरी परत और मजबूत हो रही है।

सोच-समझकर बनाई रणनीति

यह रणनीति चरणबद्ध, सोच-समझकर बनाई गई और बेहद प्रभावी है। पहले सवाल होता था कि गोली किसने चलाई, लेकिन अब सवाल है—हथियार वहां तक पहुंचा कैसे? ‘गैंगस्टरों ते वार’ अभियान में तेजी आने के साथ, पंजाब की सुरक्षा की दूसरी कतार —एक अदृश्य दीवार, जो न केवल खतरे को रोकती है बल्कि उसके पीछे के नेटवर्क को भी समाप्त करती है—अब एक अहम मोर्चा बनकर उभर रही है।



















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मुस्कान डोगरा, डेली संवाद ऑनलाइन में डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। वे क्राइम, राजनीति और लोकल खबरों पर दमदार पकड़ रखते हैं। वह 4 सालों से अधिक समय से Daily Samvad (Digital) में पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता करियर की शुरुआत डेली संवाद से की। उन्होंने हरियाणा के महर्षि दयानंद युनिवर्सिटी से मास कॉम्यूनिकेशन की डिग्री हासिल की है।
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