Punjab News: भगवंत मान सरकार की ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के तहत घुटना प्रत्यारोपण की 4,600 सर्जरी

पंजाब में अब यह जंग धीरे-धीरे राहत में बदल रही है, क्योंकि घुटनों के दर्द से पीड़ित हजारों मरीज भगवंत मान सरकार की ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के तहत जीवन बदल देने वाली सर्जरी करवा रहे हैं।

Muskaan Dogra
4 Min Read
Bhagwant Mann
Highlights
  • मुख्यमंत्री सेहत योजना से घुटने की सर्जरी मुफ्त उपलब्ध
  • हजारों मरीजों को अब चलने-फिरने में मिली राहत
  • सिर्फ तीन महीनों में 4,600 घुटना प्रत्यारोपण सर्जरी
WhatsApp Group Join Now
WhatsApp Channel Join Now

डेली संवाद, चंडीगढ़। Punjab News: पंजाब में अब यह जंग धीरे-धीरे राहत में बदल रही है, क्योंकि घुटनों के दर्द से पीड़ित हजारों मरीज भगवंत मान सरकार की ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के तहत जीवन बदल देने वाली सर्जरी करवा रहे हैं। यह योजना आधुनिक इलाज को मुफ्त और व्यापक रूप से उपलब्ध बना रही है।

उम्रदराज़ सुखविंदर कौर के लिए यह इलाज तुरंत राहत लेकर आया। उन्होंने कहा, “दो-तीन साल से मेरे घुटनों में दर्द था। कुछ दिन तो मैं चल भी नहीं पाती थी। अब सर्जरी के बाद मैं बहुत खुश हूं। स्वास्थ्य कार्ड ने मुझे मेरी ज़िंदगी वापस दे दी है। अब मैं बिना दर्द के चल सकूंगी।”

ज़िंदगी सीमित चलने-फिरने और दर्द में बीती

67 वर्षीय परमजीत कौर के लिए कुछ समय पहले तक चलना लगभग असंभव हो गया था। एक कमरे से दूसरे कमरे तक जाना भी दर्दनाक था और कुछ मिनट खड़े रहना भी मुश्किल था। लगभग एक साल तक उनकी ज़िंदगी सीमित चलने-फिरने और दर्द में बीती, जिसका मुख्य कारण ऑस्टियोआर्थराइटिस था।

यह भी पढ़ें: Japnoor Travels के सतनाम सिंह पर 45 लाख रुपए ठगी का आरोप, किसानों ने दफ्तर घेरा

उनकी ज़िंदगी में बदलाव तब आया जब उनके बेटे जसविंदर सिंह को सोशल मीडिया के जरिए इस योजना के बारे में पता चला। उन्होंने बताया, “मुझे मुख्यमंत्री सेहत योजना के बारे में ऑनलाइन जानकारी मिली। मैंने कुछ ही दिनों में दस्तावेज तैयार किए। रजिस्ट्रेशन के बाद सर्जरी हो गई। डॉक्टर बहुत सहयोगी थे और अब मेरी माता जी काफी बेहतर महसूस कर रही हैं।”

4,600 घुटना प्रत्यारोपण सर्जरी

आज परमजीत कौर उन हजारों लोगों में शामिल हैं, जिन्हें घुटना प्रत्यारोपण के मुफ्त इलाज के जरिए फिर से चलने-फिरने की आज़ादी मिली है। सिर्फ तीन महीनों में, मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत लगभग 4,600 घुटना प्रत्यारोपण सर्जरी की जा चुकी हैं। यह उन मरीजों की बढ़ती संख्या को दर्शाता है, जो पहले महंगे इलाज के कारण सर्जरी टालते रहते थे।

डॉक्टरों का कहना है कि अस्पतालों में यह बदलाव साफ दिखाई दे रहा है। बरनाला सिविल अस्पताल के ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. करन चोपड़ा ने कहा, “हम घुटना और कूल्हा प्रत्यारोपण के मामलों में तेजी देख रहे हैं। ज्यादातर मरीज ऑस्टियोआर्थराइटिस से पीड़ित होते हैं, जो कार्टिलेज को नुकसान पहुंचाता है और जकड़न व तेज दर्द पैदा करता है।”

संख्या 120 से 130 तक पहुंची

उन्होंने बताया कि घुटना प्रत्यारोपण सर्जरी में खराब हो चुके जोड़ को धातु और प्लास्टिक के हिस्सों से बदला जाता है, जिससे चलने-फिरने में सुधार आता है और दर्द कम होता है। उन्होंने कहा, “पहले हम महीने में लगभग 80 सर्जरी करते थे, अब यह संख्या 120 से 130 तक पहुंच गई है।”

इस बढ़ोतरी का सबसे बड़ा कारण है—इलाज का सस्ता और आसानी से उपलब्ध होना। पहले एक घुटना बदलने की लागत 50,000 से 1 लाख रुपये तक होती थी, जिसके कारण लोग वर्षों तक सर्जरी टालते रहते थे। डॉ. चोपड़ा ने कहा, “पहले लोग खर्च के कारण हिचकिचाते थे। अब आधार, वोटर आईडी और स्वास्थ्य कार्ड के जरिए इलाज पूरी तरह कैशलेस है। मरीजों को कोई भुगतान नहीं करना पड़ता।”

पंजाब में जो बदलाव दिखाई दे रहा है, वह केवल सर्जरी की संख्या में बढ़ोतरी नहीं है, बल्कि दर्द के प्रति सोच में बदलाव है—जहां अब खर्च के कारण इलाज टाला नहीं जाता और चलने-फिरने की आज़ादी अब दूर नहीं रही। अस्पतालों में अब लाचारी की आवाज़ों की जगह फिर से चलते कदमों की आहट सुनाई देने लगी है।



















Share This Article
Follow:
मुस्कान डोगरा, डेली संवाद ऑनलाइन में डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। वे क्राइम, राजनीति और लोकल खबरों पर दमदार पकड़ रखते हैं। वह 4 सालों से अधिक समय से Daily Samvad (Digital) में पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता करियर की शुरुआत डेली संवाद से की। उन्होंने हरियाणा के महर्षि दयानंद युनिवर्सिटी से मास कॉम्यूनिकेशन की डिग्री हासिल की है।
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *