
डेली संवाद, चंडीगढ़
बन्दिशों को आसान करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने बुधवार को ऐलान किया कि विदेशों से आने वाले अब घरेलू एकांतवास में रह सकते हैं, बशर्ते उनके पास 96 घंटों तक का कोविड नेगेटिव सर्टिफिकेट हो। भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के मुताबिक विदेशी यात्री हवाई अड्डे पर पहुँचते ही अपना टैस्ट करवाएंगे और अगर उनकी रिपोर्ट नेगेटिव आती है तो वह घर में एकांतवास पर रह सकते हैं। उन्होंने कहा कि कोविड मामलों में इस समय पर पंजाब देश में 17वें स्थान पर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि झूठे और गुंमराह करने वाले प्रचार के कारण टैस्टों में आई गिरावट के बाद पुलिस द्वारा राज्य में अफ़वाहें फैलाने वालों के विरूद्ध आरंभ की गई कार्यवाही के कारण रोज़ाना कोविड टैस्ट करवाने वालों की संख्या फिर 28000 के करीब पहुँच गई है। उन्होंने बताया कि कल 28,688 टैस्ट हुए और जल्द ही यह संख्या 30000 के पार होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का ध्यान लोगों की जान बचाने पर है, जिसके लिए जल्दी टेस्टिंग ज़रूरी है।
समाज विरोधी तत्व पंजाब को बदनाम कर रहे हैं
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज विरोधी तत्व पंजाब को बदनाम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मरने वाले कोविड मरीज़ों के अंगों को निकालने का दावा पूरी तरह झूठा और तर्कहीन है। उन्होंने ऐसे असामाजिक तत्वों के खि़लाफ़ सख्त कार्यवाही की चेतावनी दी। पार्टी के विधायकों और मंत्रियों के साथ कोविड की समीक्षा करने के लिए क्रमवार मीटिगें की जा रही हैं, वीडियो कॉन्फ्ऱेंसों के अंतर्गत कांग्रेसी विधायकों के तीसरे ग्रुप को संबोधन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हमें ऐसे प्रचार का मुकाबला प्रभावशाली तरीके से करना होगा।’’
उन्होंने मंत्रियों और विधायकों को कहा कि वह ज़मीनी हकीकतें देखने के लिए आने वाले तीन दिनों में अपने जि़लों और हलकों का दौरा करें। उन्होंने कहा कि अगले दो हफ़्तों में राज्य में महामारी के शिखर छूने की संभावना के चलते चुने हुए नुमायंदों और अधिकारियों के लिए ज़रूरी है कि वह एकसाथ मिलकर इस संकट का मुकाबला करें।
आप के वर्कर पंजाब में भ्रम फैला रहे हैं
कोविड संबंधी पंजाब में गलत जानकारी फैलाने के लिए मुहिम शुरू करने पर आम आदमी पार्टी को आड़े हाथों लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली जहाँ ‘आप’ की सरकार है, में कम आबादी होने के बावजूद महामारी के आंकड़े बहुत बुरे हैं। उन्होंने कहा कि ‘आप’ वालों ने इसको मुकाबले का विषय बनाया हुआ है, जो हैरान कर देने वाला है। उन्होंने कहा कि ऐसा और कहीं भी नहीं घट रहा और यहाँ तक कि कांग्रेस पार्टी पूरे मुल्क में कोविड के विरुद्ध लड़ाई में राज्य सरकारों के साथ सहयोग कर रही है, जबकि इसके उलट ‘आप’ और अकाली दल वाले पंजाब सरकार के यत्नों को पटरी से उतारने की कोशिशों कर रहे हैं।
कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने विधायकों को पंचायतों के साथ मिलकर अफ़वाहें फैलाने वालों की शिनाख्त करने और पार्टी वर्करों को सक्रिय करने के लिए कहा, जिससे कोविड संबंधी नकारात्मक प्रचार के फैलाव को रोका जा सके। विधायकों ने निराधार सोशल मीडिया मुहिमों के विरुद्ध पुलिस की सख्त कार्यवाही की माँग की, क्योंकि जो इन मुहिमों का स्पष्ट मनोरथ राज्य सरकार को बदनाम करना है। सभी विधायक चाहते हैं कि मुख्यमंत्री द्वारा सोशल मीडिया पर नकली आई.डी. बनाकर पंजाब के अक्स को चोट पहुँचाने और राज्य सरकार और विधायकों के चरित्र को ठेस पहुँचाने वालों के साथ कड़े हाथों निपटो जाए।
मास्क न पहनने वालों पर होगी सख्ती
मुख्यमंत्री ने इस बात पर चिंता ज़ाहिर की कि लोग दिशा-निर्देशों का उल्लंघन कर रहे हैं और महामारी के सातवें महीने में भी मास्क पहनने और सामाजिक दूरी बरकरार रखने जैसे कदम नहीं उठा रहे। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग न सिर्फ अपनी जान को जोखि़म में डाल रहे हैं बल्कि अपने परिवारों को भी ख़तरे में डाल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सिफऱ् राजनीतिज्ञों का ही फज़ऱ् नहीं है बल्कि नागरिक के नाते हम सबका भी फर्ज बनता है कि लोगों के दरमियान संदेश फैलाया जाए।
सदस्यों ने ख़ास कर गाँवों में भोगों आदि पर जाने के लिए व्यक्तियों की संख्या पर लगाई बन्दिशों के उल्लंघन को रोकने के लिए सख़्त कदम उठाए जाने का सुझाव दिया। महामारी के फैलाव को रोकने के लिए धार्मिक संस्थाओं को इस कार्य में शामिल करने का सुझाव दिया गया। कुछ विधायकों ने आइसोलेशन वार्डों में सी.सी.टी.वी. लगाने की माँग की जिससे मरीज़ अपने परिवारों और दोस्तों के साथ बातचीत कर सकें और कोविड मरीज़ों के रिश्तेदारों को अपने खर्च पर खरीदी गई पी.पी.ई. किटें पहन कर आइसोलेशन वार्डों में जाने की आज्ञा देने की बात भी कही गई।









