Ravi Pradosh Vrat 2023: इस दिन रखा जाएगा रवि प्रदोष व्रत, जानिए शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

Daily Samvad
4 Min Read
WhatsApp Group Join Now
WhatsApp Channel Join Now

डेली संवाद, चंडीगढ़। Ravi Pradosh Vrat 2023: प्रत्येक माह में दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि के दिन प्रदोष व्रत (Pradosh Vrat) रखा जाता है। इस समय चैत्र माह चल रहा है और इस माह का पहला प्रदोष व्रत 19 मार्च 2023 दिन रविवार को रखा जा रहा है। इस दिन रविवार होने की इसे रवि प्रदोष व्रत कहा जाएगा।

इस दिन व्रत रखकर भगवान भोलेनाथ की पूजा अर्चना की जाती है। रवि प्रदोष व्रत को करने से सुखी जीवन और लंबी आयु प्राप्त होती है। साथ ही शिव जी के आशीर्वाद से रोगों से मुक्ति मिलती है। मान्यता है कि जो व्यक्ति काफी समय से रोग से ग्रसित है, उसे रवि प्रदोष व्रत करना चाहिए।

ये भी पढ़ें: कोल्ड स्टोरेज में बड़ा हादसा, इमारत ढहने से दर्जनों लोग दबे

प्रदोष व्रत वाले दिन व्रत रखकर पूजन करने से भोले भंडारी और माता पार्वती की विशेष कृपा प्राप्त होती है। साथ ही जातकों के जीवन में खुशियां आती हैं। ऐसे में चलिए जानते हैं प्रदोष व्रत का शुभ मुहूर्त, महत्व और संपूर्ण पूजन विधि…

रवि प्रदोष व्रत का शुभ मुहूर्त

हिंदू पंचांग के अनुसार, 19 मार्च 2023 को त्रियोदशी तिथि की शुरुआत सुबह 8 बजकर 8 मिनट पर हो रही है। वहीं इसका समापन 20 मार्च को 4 बजकर 56 मिनट पर होगा। वहीं 19 मार्च को प्रदोष काल में पूजा का समय 6 बजकर 35 से 8 बजकर 55 मिनट तक है।

शुभ योग

इस बार का रवि प्रदोष व्रत 3 शुभ योगों में है। इस दिन सिद्ध योग, साध्य योग और द्विपुष्कर योग बन रहे हैं। सिद्ध योग प्रात: काल से लेकर रात 08 बजकर 07 मिनट तक है। इसके बाद से साध्य योग प्रारंभ हो जाएगा। वहीं द्विपुष्कर योग सुबह 06 बजकर 27 मिनट से 08 बजकर 07 मिनट तक है।

ये भी पढ़ें: गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के इंटरव्यू के बाद दीवानी हुई दिल्ली की दो लड़कियां

रवि प्रदोष व्रत पूजा

रवि प्रदोष व्रत वाले दिन पूजा के लिए प्रदोष काल यानी शाम का समय शुभ माना जाता है।
सूर्यास्त से एक घंटे पहले स्नान करें और व्रत का संकल्प लें।
संध्या के समय पुनः स्नान के बाद शुभ मुहूर्त में पूजन आरंभ करें।
गाय के दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल आदि से शिवलिंग का अभिषेक करें।
फिर शिवलिंग पर श्वेत चंदन लगाकर बेलपत्र, मदार, पुष्प, भांग, आदि अर्पित करें। इसके बाद विधि पूर्वक पूजन और आरती करें।

प्रदोष व्रत का महत्व

प्रदोष व्रत रखने से भगवान भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं। सभी दुखों को दूर करके सुख, शांति, समृद्धि प्रदान करते हैं। मान्यता है कि रवि प्रदोष व्रत को करने से दुख, रोग, दोष आदि दूर हो जाते हैं। साथ ही कष्टों से मुक्ति मिलती है।

जेल में बंद कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के इंटरव्यू पर DGP का बड़ा खुलासा



















Share This Article
Follow:
Daily Samvad एक विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट है, जहां हम देश-दुनिया, राजनीतिक विश्लेषण, प्रदेश, शिक्षा, बिज़नेस, मनोरंजन, खेल, स्वास्थ्य सहित हर क्षेत्र की ख़बरें सरल भाषा में आप तक पहुंचाते हैं। हमारा उद्देश्य है—जनता की आवाज़ बनकर निष्पक्ष पत्रकारिता को आगे बढ़ाना। डेली संवाद ऑनलाइन के महाबीर जायसवाल फाउंडर चीफ एडिटर हैं। वे राजनीति, अपराध, देश-दुनिया की खबरों पर दमदार पकड़ रखते हैं। उन्होंने पत्रकारिता करियर की शुरुआत राजनीति की खबरों से की, जबकि उनके पास, अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग से लेकर एडिटर तक 25 साल से अधिक पत्रकारिता का अनुभव है। वे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भारत सरकार के कैबिनेट मंत्री गजेंद्र शेखावत के Media Consultant भी रहे हैं। उन्होंने इलाहाबाद की यूनिवर्सिटी से मास कॉम्यूनिकेशन, बीए और एमए की डिग्री हासिल की है। संपर्क नंबर: +91-98881-90945 ईमेल: mmmmediahouse@gmail.com
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *