डेली संवाद, लुधियाना। Punjab News: पंजाब रोडवेज की बीएस-6 मॉडल की वाल्वो बसों (Volvo Bus) पर 14 दिसंबर तक दिल्ली में प्रवेश करने पर रोक लगा दी है। यदि कोई दिल्ली (Delhi) में बस लेकर जाएगा तो उसे 20 हजार रुपए तक जुर्माना लगाया जा सकता है। बढ़ रहे प्रदूषण के कारण यह फैसला दिल्ली सरकार ने लिया है।
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दरअसल, पंजाब से दिल्ली के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCT) में बीएस-6 मानकों से कम डीजल से चलने वाले वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने के बाद अब दिल्ली एयरपोर्ट के लिए अपनी वोल्वो बस सेवाओं को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। इस निलंबन के कारण कई यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा रहा हैं, खासकर उन यात्रियों को दिक्कत आ रही है जो एयरपोर्ट के लिए आरामदायक और सीधे मार्ग के लिए वोल्वो बसों पर निर्भर हैं।

लुधियाना से रोजाना चलती थी 12 वोल्वो बस
लुधियाना डिपो में पंजाब रोडवेज के महाप्रबंधक नवराज बातिश ने मीडिया को बताया कि वोल्वो बस सेवाओं को निलंबित करने का कारण पुरानी बीएस-IV मॉडल की बस हैं, जिन्हें अब 14 दिसंबर तक दिल्ली में प्रवेश करने की अनुमति नहीं है।
बातिश ने कहा कि निलंबन से डिपो को हर दिन लगभग 4.5 लाख रुपए के राजस्व का नुकसान हो रहा है। लुधियाना डिपो से इस मार्ग पर 12 वोल्वो बसें चलाती है, जो प्रतिदिन लगभग 240 यात्रियों को सेवा प्रदान करती हैं, जिस कारण यात्री अब बड़ी बाधाओं का सामना कर रहे हैं।
हालांकि, उन्होंने आगे कहा कि पंजाब रोडवेज की सामान्य बसें इस प्रतिबंध से प्रभावित नहीं हैं और रोजाना की तरह चलती रहती हैं। इसके अलावा, पीआरटीसी की वोल्वो और सामान्य बस सेवाओं को भी प्रतिबंध से छूट दी गई है, क्योंकि किलोमीटर योजना के तहत उनकी नई बीएस-6 बसें शामिल की गई हैं।

दिल्ली एयरपोर्ट पर अक्सर आने-जाने वाले सचिन ने कहा कि मुझे पहले कभी ऐसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। मुझे तुरंत फ्लाइट पकड़नी थी, लेकिन जब मैं बस स्टैंड पर पहुंचा, तो मुझे निलंबन के बारे में पता चला। अब, मुझे आखिरी समय में विकल्प तलाशने पड़ रहे हैं।
सरकार को फैसला लेने से पहले…
पंजाब रोडवेज/पनबस/पीआरटीसी कंट्रेक्ट यूनियन के महासचिव शमशेर सिंह ने कहा कि सरकार को ऐसी नीति लागू करने से पहले यात्रियों के लिए ऑप्शनल समाधानों पर विचार करना चाहिए था। यह बेहद निराशाजनक है, खासकर तब, जब दिल्ली और पंजाब दोनों में एक ही पार्टी की सरकार है।

वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए लिया गया फैसला
गौरतलब है कि दिल्ली परिवहन विभाग ने शहर में गंभीर वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए 15 नवंबर को प्रतिबंध लगाया था। ये प्रतिबंध ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (जीआरएपी) चरण-3 का हिस्सा हैं, जिसके तहत इलेक्ट्रिक और सीएनजी बसों को छोड़कर बीएस-3 और बीएस-4 डीजल वाहनों और अखिल भारतीय पर्यटक परमिट वाले वाहनों को 14 दिसंबर तक दिल्ली में प्रवेश करने से रोक दिया गया है। इसके तहत उल्लंघन करने वालों पर 20,000 रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।


