डेली संवाद, जालंधर/लुधियाना/मेलबर्न। Australia deportation Punjabi youths: ऑस्ट्रेलिया से डिपोर्ट किए गए 9 पंजाबी युवक अपने-अपने घर पहुंच चुके हैं। इनमें लुधियाना जिले के खन्ना क्षेत्र के गांव मुशकाबाद का रहने वाला रंजीत सिंह भी शामिल है। रंजीत के घर पहुंचने के बाद परिवार ने चुप्पी साध ली है और बताया जा रहा है कि वह अभी मानसिक रूप से बात करने की स्थिति में नहीं है। गांव के लोग भी इस मामले पर खुलकर कुछ कहने से बच रहे हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लुधियाना (Ludhiana) के रंजीत सिंह को 2024 में ऑस्ट्रेलिया (Australia) में ड्रग्स से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उसे लगभग 6 महीने तक इमिग्रेशन डिटेंशन सेंटर में रखा गया। इससे पहले भी उसे भारत भेजने की कोशिश की गई थी, लेकिन उसने सहयोग नहीं किया।
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अंततः ऑस्ट्रेलिया (Australia) प्रशासन ने उसे जबरन डिपोर्ट कर दिया। दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचने के बाद खन्ना पुलिस उसे अपने साथ लेकर आई और फिर परिवार के हवाले कर दिया। बताया जा रहा है कि रंजीत ने पुलिस को जानकारी दी है कि उसी डिटेंशन सेंटर में 4-5 अन्य पंजाबी युवक भी बंद हैं और उन्हें भी जल्द भारत भेजा जा सकता है।
डिपोर्ट किए गए युवक एक ही डिटेंशन सेंटर में थे
ऑस्ट्रेलिया (Australia) सरकार ने जिन 9 लोगों को भारत भेजा है, वे सभी योंगा हिल इमिग्रेशन डिटेंशन सेंटर में रखे गए थे। इन सभी के खिलाफ अलग-अलग तरह के आपराधिक मामले दर्ज थे। शुरुआत में कई लोगों को जमानत मिली, लेकिन उन्होंने बार-बार जमानत की शर्तों का उल्लंघन किया। इसके बाद उन्हें हिरासत में लेकर डिटेंशन सेंटर में शिफ्ट कर दिया गया। आईए जानते सभी 9 लोगों के बारे में, जिन्हें ऑस्ट्रेलिया सरकार ने जबरन भारत भेज दिया है।
जसवंत सिंह पर गंभीर आरोप
जसवंत सिंह पर ड्रग्स, हथियार रखने, नशे में ड्राइविंग और चोरी जैसे गंभीर आरोप लगे थे। उसे 2016 में टूरिस्ट वीजा पर ऑस्ट्रेलिया (Australia) भेजा गया था। बाद में उसने स्टडी वीजा के लिए आवेदन किया, जो खारिज हो गया। इसके बाद उसे ब्रिज वीजा मिला। 2020 से 2023 के बीच वह कई बार जेल गया और करीब दो साल डिटेंशन सेंटर में रहा।
अंग्रेज सिंह के खिलाफ फ्रॉड और ड्रग केस
अंग्रेज सिंह पर धोखाधड़ी, ड्रग्स, ट्रेसपासिंग और चोरी की संपत्ति रखने जैसे आरोप थे। उसने कानूनी सहायता लेने से भी इनकार कर दिया था। वह 2019 में स्पाउस वीजा पर ऑस्ट्रेलिया (Australia) गया था, लेकिन 2025 में तलाक के बाद उसे डिटेंशन सेंटर भेज दिया गया।
सतिंदरजीत सिंह शेरगिल पर घरेलू हिंसा के आरोप
मैलबार्न में रहने वाले सतिंदरजीत सिंह शेरगिल पर घरेलू हिंसा, हमला और अदालत के आदेशों का उल्लंघन करने के कई मामले दर्ज हैं। वह 2019 में टूरिस्ट वीजा पर गया था और बाद में स्टडी वीजा प्राप्त किया।
हरप्रीत सिंह सिद्धू ड्रग तस्करी में शामिल
हरप्रीत सिंह सिद्धू पर मेथामफेटामाइन रखने, ड्रग तस्करी, धोखाधड़ी और चोरी जैसे गंभीर आरोप हैं। वह 2014 में स्टडी वीजा पर पर्थ गया था, लेकिन वीजा खत्म होने के बाद उसका एक्सटेंशन रिजेक्ट हो गया। वह करीब तीन साल तक डिटेंशन सेंटर में रहा।
जगजीत सिंह सिद्धू पर वाहन चोरी के मामले
जगजीत सिंह सिद्धू पर वाहन चोरी, फर्जी दस्तावेजों का उपयोग और चोरी की संपत्ति रखने के आरोप हैं। वह 2009 में स्टडी वीजा पर ऑस्ट्रेलिया (Australia) गया था और सजा काटने के बाद उसे डिटेंशन सेंटर में रखा गया।
जसप्रीत सिंह पर कई आरोप, दोष सिद्ध नहीं
जसप्रीत सिंह पर दुकान में चोरी, ड्रग्स रखना, हमला और घरेलू हिंसा के आरोप हैं। हालांकि अभी तक इन मामलों में दोष सिद्ध नहीं हुआ है। वह 2014 में स्टडी वीजा पर गया था और बाद में प्रोटेक्शन वीजा लिया।
कंवलजीत सिंह पर चोरी और हथियार रखने के आरोप
कंवलजीत सिंह पर ड्रग्स रखना, महंगी चोरी, वाहन चोरी और सार्वजनिक स्थान पर चाकू रखने जैसे गंभीर आरोप दर्ज हैं। उसके वीजा की जानकारी स्पष्ट नहीं है।
रंजीत सिंह का केस
रंजीत सिंह पर हेरोइन और मेथामफेटामाइन रखने, चोरी और बार-बार जमानत का उल्लंघन करने के आरोप हैं। वह 2014 में स्टडी वीजा पर ऑस्ट्रेलिया गया था, जिसे बाद में 2025 तक बढ़ाया गया। दिसंबर 2024 में उसे डिटेंशन सेंटर भेजा गया।
हरप्रीत सिंह पर सबसे गंभीर आरोप
हरप्रीत सिंह पर पुलिस पर हमला, स्टॉकिंग, धमकी और एक बच्चे से जुड़े यौन अपराध जैसे गंभीर आरोप हैं। वह 2008 में स्टडी वीजा पर ऑस्ट्रेलिया गया था और बाद में एक स्थानीय महिला से शादी की थी। तलाक के बाद 2025 में उसे डिटेंशन सेंटर में रखा गया।
इस पूरे मामले ने एक बार फिर विदेश जाने वाले युवाओं के सामने आने वाली चुनौतियों और जोखिमों को उजागर किया है। गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल होने और वीजा नियमों का उल्लंघन करने के गंभीर परिणाम सामने आए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि युवाओं को विदेश जाने से पहले सही जानकारी और कानूनी प्रक्रिया का पालन करना बेहद जरूरी है, ताकि इस तरह की स्थिति से बचा जा सके।











