Punjab News: आवारा कुत्तों के खतरे से निपटने के लिए तुरंत कार्रवाई की जाए, कैबिनेट मंत्री ने नगर निगम कमिश्नरों को दिए निर्देश

Muskaan Dogra
4 Min Read
Sanjeev Arora
WhatsApp Group Join Now
WhatsApp Channel Join Now

डेली संवाद, चंडीगढ़। Punjab News: उद्योग एवं वाणिज्य, निवेश प्रोत्साहन, बिजली और स्थानीय निकाय मामलों के कैबिनेट मंत्री  संजीव अरोड़ा ने आज नगर निगम कमिश्नरों और अतिरिक्त उपायुक्तों (जी एंड यूडी) को पंजाब भर में आवारा कुत्तों के बढ़ते खतरे से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए तुरंत, समन्वित और परिणाममुखी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

इस मुद्दे को गंभीर सार्वजनिक सुरक्षा और स्वास्थ्य का मामला बताते हुए मंत्री ने कहा कि शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या नागरिकों के दैनिक जीवन को प्रभावित करने वाली बड़ी चुनौती बन गई है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि कुत्तों के काटने, बच्चों और बुजुर्गों पर हमले तथा रिहायशी इलाकों में घूमते आक्रामक झुंडों की घटनाओं ने लोगों में भय और असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है।

जानलेवा बीमारियां हो सकती

अरोड़ा ने कहा कि आवारा कुत्तों का खतरा केवल सुरक्षा का ही नहीं, बल्कि एक बड़ा जनस्वास्थ्य जोखिम भी है, क्योंकि कुत्तों के काटने से रेबीज जैसी जानलेवा बीमारियां हो सकती हैं। उन्होंने आगे कहा कि अक्सर शिकायतें मिलती हैं कि पैदल चलने वाले, दोपहिया वाहन चालक और स्कूल जाने वाले बच्चे आवारा कुत्तों से परेशान हैं, जिससे कई बार हादसे और चोटें भी होती हैं।

Stray Dogs
Stray Dogs

यह भी पढ़ें: Japnoor Travels के सतनाम सिंह पर 45 लाख रुपए ठगी का आरोप, किसानों ने दफ्तर घेरा

मंत्री ने बताया कि आवारा कुत्तों की अनियंत्रित आबादी बढ़ने का मुख्य कारण योजनाबद्ध नसबंदी की कमी और खराब कचरा प्रबंधन है, जिससे उन्हें आसानी से भोजन मिल जाता है। सार्वजनिक स्थानों पर खुले कूड़े के ढेर और खाद्य अपशिष्ट उनके फैलाव का बड़ा कारण हैं।

इस समस्या के व्यापक समाधान के लिए अरोड़ा ने निम्नलिखित निर्देश जारी किए:

  • मानवीय और वैज्ञानिक तरीके से आवारा कुत्तों की आबादी नियंत्रित करने हेतु नसबंदी कार्यक्रमों का तुरंत विस्तार किया जाए।
  • रेबीज और अन्य ज़ूनोटिक बीमारियों की रोकथाम के लिए बड़े स्तर पर टीकाकरण अभियान चलाए जाएं।
  • आक्रामक या घायल पशुओं के प्रबंधन हेतु डॉग शेल्टर और होल्डिंग सुविधाओं को मजबूत किया जाए।
  • आवारा कुत्तों के भोजन स्रोत खत्म करने के लिए कचरे के समय पर निपटान और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली में सुधार किया जाए।
  • नियमित समीक्षा और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए जिला और शहर स्तर पर निगरानी टीमें गठित की जाएं।
  • नागरिकों को सुरक्षित व्यवहार और जिम्मेदार कचरा प्रबंधन के प्रति जागरूक करने के लिए जनजागरूकता अभियान चलाए जाएं।

अरोड़ा ने निर्देश दिए कि इन पहलों को युद्ध स्तर पर लागू किया जाए ताकि ठोस और सकारात्मक परिणाम सामने आ सकें। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्थानीय निकायों, पशुपालन विभाग और गैर-सरकारी संगठनों के साथ मिलकर प्रभावी समन्वय बनाए रखने के लिए भी कहा।

इस मामले में जवाबदेही और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए मंत्री ने सभी नगर निगम कमिश्नरों और एडीसी (जी एंड यूडी) को सात दिनों के भीतर अपने कार्यालय में विस्तृत कार्य योजना रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।





















Share This Article
Follow:
मुस्कान डोगरा, डेली संवाद ऑनलाइन में डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। वे क्राइम, राजनीति और लोकल खबरों पर दमदार पकड़ रखते हैं। वह 4 सालों से अधिक समय से Daily Samvad (Digital) में पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता करियर की शुरुआत डेली संवाद से की। उन्होंने हरियाणा के महर्षि दयानंद युनिवर्सिटी से मास कॉम्यूनिकेशन की डिग्री हासिल की है।
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *