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Punjab News: नीट पेपर लीक और सीबीएसई की खराब कार्यप्रणाली के खिलाफ कांग्रेस का राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन

नीट पेपर लीक और सीबीएसई की खराब कार्यप्रणाली के खिलाफ कांग्रेस का राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन
नीट पेपर लीक और सीबीएसई की खराब कार्यप्रणाली के खिलाफ कांग्रेस का राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन
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डेली संवाद, चंडीगढ़। Punjab News: पंजाब भर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आज नीट के प्रश्नपत्रों के बार-बार लीक होने और सीबीएसई में व्याप्त गंभीर अव्यवस्थाओं के खिलाफ विरोध मार्च और धरने दिए गए। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के पुतले भी फूंके तथा बार-बार की विफलताओं के लिए प्रधान को मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने की मांग की। सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी संख्या में विद्यार्थियों और युवाओं ने भी राज्य के विभिन्न हिस्सों, जिनमें लुधियाना, जालंधर, अमृतसर, पटियाला, बठिंडा तथा अन्य शहर और कस्बे शामिल थे, में आयोजित इन विरोध प्रदर्शनों में भाग लिया।

22 लाख विद्यार्थियों ने दी नीट परीक्षा

चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत करते हुए, पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग (Amrinder Singh Raja Warring) ने कहा कि देशभर के लगभग 22 लाख विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा दी थी, लेकिन बाद में उन्हें पता चला कि परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक हो गया था।

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उन्होंने कहा कि यह दूसरी बार है, जब नीट का पेपर लीक हुआ है और इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि जरा उन विद्यार्थियों की स्थिति की कल्पना कीजिए, जिन्होंने वर्षों तक कड़ी मेहनत की हो और बाद में पता चले कि प्रश्नपत्र लीक हो गया था, परीक्षा रद्द कर दी गई है और अब उन्हें दोबारा परीक्षा देनी पड़ेगी। वड़िंग ने विद्यार्थियों के प्रति प्रधानमंत्री की उदासीनता और असंवेदनशील रवैये की आलोचना करते हुए, सवाल किया कि वह धर्मेंद्र प्रधान जैसे अयोग्य और अक्षम मंत्री को क्यों बचा रहे हैं। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता ने मांग की कि बार-बार नीट परीक्षा आयोजित करने में विफल रही नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) को भंग किया जाए और नीट जैसी परीक्षाओं के लिए पूरी तरह विश्वसनीय एवं पारदर्शी व्यवस्था बनाई जाए, क्योंकि इससे देश के लाखों विद्यार्थियों के भविष्य का प्रश्न जुड़ा हुआ है। उन्होंने सीबीएसई की ऑनलाइन स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) प्रणाली में पाई गई गंभीर खामियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह प्रणाली दोषपूर्ण और अविश्वसनीय साबित हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसका कारण यह है कि जिस कंपनी कोएमप्ट एडुटेक को यह ठेका दिया गया है, उसके पास इस प्रकार की परीक्षाओं के संचालन का आवश्यक अनुभव और विशेषज्ञता नहीं है।

कोएमप्ट एडुटेक को विशेष रियायतें दी

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि कोएमप्ट एडुटेक को विशेष रियायतें दी गईं और नियमों में बदलाव करके उसे लाभ पहुंचाया गया। उन्होंने कहा कि इस कंपनी को पहले तेलंगाना सरकार द्वारा ब्लैकलिस्ट किया जा चुका था, फिर भी सीबीएसई ने उसे ठेका दे दिया, जिसके कारणों की जानकारी वही बेहतर दे सकती है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर कोएमप्ट एडुटेक को यह विशेष छूट क्यों दी गई, जबकि यह कंपनी विद्यार्थियों के जीवन और करियर के साथ खिलवाड़ कर रही है।