डेली संवाद, नई दिल्ली। Chandra Grahan 2026: साल 2026 का पहला पूर्ण चंद्र ग्रहण 3 मार्च को पड़ेगा और यह भारत में भी दिखाई देगा। उज्जैन स्थित शासकीय जीवाजी वेधशाला ने इस खगोलीय घटना को लेकर विस्तृत जानकारी जारी की है।
वेधशाला के अधीक्षक डॉ. राजेंद्र प्रकाश गुप्ता के अनुसार, पूर्णिमा के दिन चंद्र ग्रहण दोपहर 3 बजकर 19 मिनट 7 सेकंड पर शुरू होगा। इसका मध्यकाल शाम 5 बजकर 03 मिनट 7 सेकंड पर रहेगा, जबकि मोक्ष सायं 6 बजकर 47 मिनट 6 सेकंड पर होगा। इस तरह ग्रहण की कुल अवधि लगभग 3 घंटे 28 मिनट रहेगी।

कुल अवधि लगभग 3 घंटे 28 मिनट रहेगी
विशेषज्ञों के मुताबिक, यह पूर्ण चंद्र ग्रहण भारत के पूर्वी हिस्सों में स्पष्ट रूप से देखा जा सकेगा, क्योंकि वहां सूर्यास्त अपेक्षाकृत जल्दी होता है। देश के अन्य भागों में आंशिक दृश्यता संभव है।
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भारत के अलावा यह खगोलीय घटना पूर्वी एशिया, ऑस्ट्रेलिया, प्रशांत महासागर क्षेत्र और अमेरिका के कई हिस्सों में भी दिखाई देगी। खगोल विज्ञान के शौकीनों के लिए यह एक महत्वपूर्ण अवसर होगा। वैज्ञानिकों ने बताया कि चंद्र ग्रहण को नंगी आंखों से सुरक्षित रूप से देखा जा सकता है और इसके लिए किसी विशेष उपकरण की आवश्यकता नहीं होती।







