डेली संवाद, जालंधर। Jalandhar News: जिला प्रशासन द्वारा मौजूदा हालात को देखते हुए गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी रोकने के लिए जहां उच्च अधिकारियों की कमेटी गठित की गई है और बड़े स्तर पर टीमों द्वारा गैस एजेंसियों की चेकिंग की जा रही है, वहीं अब डिप्टी कमिश्नर डा. हिमांशु अग्रवाल द्वारा एक और अहम कदम उठाते हुए व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर 9646222555 जारी किया गया है, ताकि गैस सिलेंडरों की सुचारू सप्लाई सुनिश्चित बनाने के साथ-साथ कालाबाजारी पर निगरानी रखी जा सके।
इस हेल्पलाइन नंबर पर आम लोग अगर कहीं गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी का मामला सामने आता है तो मैसेज के जरिए सूचना सांझा कर सकते हैं। डिप्टी कमिश्नर डा. हिमांशु अग्रवाल (DC Himanshu Aggarwal) ने अधिक जानकारी देते हुए बताया कि इस उदेश्य के लिए बाकायदा जरूरी स्टाफ तैनात किया जा रहा है, जो प्राप्त होने वाली शिकायतों और सूचनाओं को तुरंत कार्रवाई के लिए अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (जनरल) के नेतृत्व में गठित कमेटी को भेजना सुनिश्चित बनाएगा।

लोगों से अपील की
उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि अगर उन्हें कहीं भी गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी के बारे में कोई जानकारी मिलती है, तो तुरंत उक्त हेल्पलाइन नंबर के जरिए साझा की जाए, ताकि जिला प्रशासन द्वारा तुरंत बनती कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा सके।
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डा. अग्रवाल ने कहा कि मौजूदा बने हालात को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा सारी स्थिति पर बारीकी से नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि सिलेंडरों की कालाबाजारी और गैर-कानूनी जमाखोरी को रोकने के लिए अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (जनरल) की अध्यक्षता के तहत एक विशेष कमेटी का गठन किया गया है। इसके अलावा घरेलू गैस सिलेंडरों की सुचारू सप्लाई और वितरण सुनिश्चित बनाने के लिए गैस एजेंसियों और उनके गोदामों पर निगरानी के लिए जिला प्रशासन की टीमों द्वारा लगातार चेकिंग की जा रही है।
अफवाहों से सतर्क रहने की अपील
डिप्टी कमिश्नर ने लोगों से अफवाहों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि किल्लत के बारे में अफवाहें फैलाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जनता से घबराहट में आकर गैस सिलेंडरों की बेलौड़ी खरीद करने से गुरेज करने की अपील भी की। कालाबाजारी और गैर-कानूनी जमाखोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी देते हुए डा. अग्रवाल ने कहा कि अगर कोई ऐसा मामला सामने आता है तो जरूरी वस्तुएं अधिनियम-1955 के तहत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।








