डेली संवाद, जालंधर। Jalandhar News: जालंधर में कूड़ा प्रबंधन को लेकर एक बड़ा घोटाला सामने आया है, जिसमें नगर निगम के ठेकेदारों पर गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब मेयर विनीत धीर ने खुद मौके पर पहुंचकर जांच की। इसके बाद मेयर वनीत धीर ने कमिश्नर को कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, जालंधर (Jalandhar) के मेयर विनीत (Vaneet Dhir) धीर सुबह तड़के शहर के एक कूड़ा डंपिंग स्थल पर पहुंच गए और वहां खड़े होकर आने वाली गाड़ियों की निगरानी करने लगे। इसी दौरान एक टिप्पर कूड़ा लेकर डंपिंग साइट पर पहुंचा। मेयर को शक हुआ तो उन्होंने तुरंत टिप्पर को दोबारा खाली करवाने के निर्देश दिए। जब टिप्पर खाली किया गया, तो उसमें घरेलू कूड़े की बजाय मकान का मलबा—जैसे ईंट और पत्थर—भरा हुआ मिला।
टिप्पर मालिक को कड़ी फटकार
इस खुलासे के बाद मेयर वनीत धीर ने मौके पर ही टिप्पर मालिक को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट किया कि नगर निगम द्वारा कूड़े की गाड़ियों को तौलकर भुगतान किया जाता है, और ठेकेदारों ने वजन बढ़ाने के लिए जानबूझकर मलबा मिलाया था। यह धोखाधड़ी लंबे समय से चल रही थी, जिससे नगर निगम को आर्थिक नुकसान हो रहा था।
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मेयर वनीत धीर ने तुरंत निगम कमिश्नर संदीप ऋषि को निर्देश दिए कि संबंधित ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। बताया जा रहा है कि इस ठेकेदार पर पहले भी दो बार 2-2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद सुधार नहीं हुआ। अब नगर निगम इस मामले को गंभीरता से लेते हुए ठेकेदार का कॉन्ट्रैक्ट रद्द करने की तैयारी में है।
एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया
इसके साथ ही, उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की भी प्रक्रिया शुरू की जा रही है। मेयर विनीत धीर ने कहा कि शहर में कूड़ा प्रबंधन व्यवस्था को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जरूरी है। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में किसी भी तरह की लापरवाही या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।








