डेली संवाद, चंडीगढ़। Punjab News: पंजाब के वित्त, योजना, आबकारी और कराधान मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा (Harpal Singh Cheema) ने आज यहां पंजाब सरकार के सभी प्रशासनिक सचिवों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए पूंजी सृजन और राजस्व बढ़ाने के प्रयास तेज करने की आवश्यकता पर बल दिया।
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उन्होंने कहा कि राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में वृद्धि को और अधिक गति देने के लिए रणनीतिक कदम उठाना समय की मांग है। पंजाब भवन में आयोजित इस बैठक के दौरान आईएएस अधिकारी कृष्ण कुमार को वित्त आयुक्त (कराधान) के रूप में उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया।

दिए ये निर्देश
बैठक में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने अधिकारियों को अपने-अपने विभागों में पूंजी सृजन के संभावित क्षेत्रों की पहचान करने का निर्देश दिया। उन्होंने विशेष रूप से ऐसे उपेक्षित क्षेत्रों की पहचान करने पर जोर दिया, जहां से राज्य सरकार राजस्व उत्पन्न कर सकती है। वित्त मंत्री ने विकास परियोजनाओं के लिए आवंटित धनराशि का समय पर उपयोग सुनिश्चित करने और फंड लैप्स न होने देने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए।
इस अवसर पर पंजाब के मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा (KAP Sinha) और प्रमुख सचिव वित्त अजोय कुमार सिन्हा ने प्रशासनिक सचिवों के साथ विचार-विमर्श किया। उन्होंने उन क्षेत्रों पर चर्चा की जहां पूंजी सृजन और राजस्व उत्पन्न करने के प्रयास किए जा सकते हैं। उन्होंने विशेष रूप से शिक्षा और सड़क नेटवर्क जैसे क्षेत्रों में विकास निधियों के प्रभावी उपयोग के लिए उपाय करने का सुझाव दिया।
करोड़ों रुपये रिकॉर्ड दर्ज
वित्त आयुक्त (कर) कृष्ण कुमार को सम्मानित करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि यह सम्मान राज्य के प्रशासनिक अधिकारियों की मेहनत और समर्पण का प्रमाण है।
वित्त मंत्री ने पिछले महीने के दौरान जीएसटी संग्रह में 62.93 प्रतिशत की शानदार वृद्धि के लिए कृष्ण कुमार और उनकी टीम की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि के परिणामस्वरूप, इस वर्ष नवंबर में 2,477.37 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड शुद्ध जीएसटी संग्रह दर्ज किया गया है।


