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India-US Trade Deal: भारत-अमेरिका ट्रेड डील में कृषि या डेयरी पर कोई समझौता नहीं, किसानों के हितों की पूरी तरह रक्षा की जाएगी- शिवराज सिंह चौहान

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डेली संवाद, नई दिल्ली। India-US Trade Deal News: भारत-अमेरिका व्यापार समझौतों और कृषि आयात को लेकर फैल रही अटकलों के बीच कृषि मंत्रालय ने स्थिति को स्पष्ट करते हुए कहा है कि सरकार ने किसानों के हितों से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने साफ शब्दों में कहा कि देश के संवेदनशील कृषि क्षेत्र पूरी तरह सुरक्षित हैं और घरेलू बाजार को विदेशी आयात के लिए नहीं खोला गया है। [caption id="attachment_101602" align="aligncenter" width="1200"] india us trade deal india us trade deal[/caption]

अफवाहों पर ध्यान न दें

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने विशेष रूप से बताया कि डेयरी क्षेत्र, मुख्य अनाज जैसे चावल और गेहूं, बाजरा और फल पूरी तरह संरक्षित हैं। इन क्षेत्रों को लेकर जो आशंकाएं और अफवाहें फैलाई जा रही हैं, उनमें कोई सच्चाई नहीं है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने कहा कि सरकार “अन्नदाता” के हितों को सर्वोपरि मानते हुए हर निर्णय ले रही है और भारतीय कृषि पर किसी भी प्रकार के अंतरराष्ट्रीय दबाव को स्वीकार नहीं किया जाएगा। [caption id="attachment_101603" align="aligncenter" width="1200"] india us trade deal News india us trade deal News[/caption]

भारत के निर्यात को बड़ा फायदा

कृषि मंत्रालय की प्रेस विज्ञप्ति में यह भी बताया गया कि अमेरिका द्वारा कुछ भारतीय उत्पादों पर टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत किए जाने से भारत के निर्यात को बड़ा फायदा होगा। विशेष रूप से चावल, मसालों और टेक्सटाइल उत्पादों के निर्यात में भारी उछाल आने की संभावना है। इससे न केवल देश की विदेशी मुद्रा आय बढ़ेगी, बल्कि किसानों और निर्यातकों को भी सीधा लाभ मिलेगा।

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टेक्सटाइल निर्यात में वृद्धि का सीधा असर कपास किसानों पर पड़ेगा। मंत्रालय के अनुसार, कपड़ा उद्योग की मांग बढ़ने से देश में कपास की खपत में इजाफा होगा, जिससे कपास उत्पादक किसानों को बेहतर कीमत मिलने की संभावना है। यह कदम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और किसानों की आय बढ़ाने में सहायक साबित हो सकता है। [caption id="attachment_101604" align="aligncenter" width="1200"] shivraj singh chouhan shivraj singh chouhan[/caption]

अफवाहों का भी खंडन किया

मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उन अफवाहों का भी खंडन किया, जिनमें कहा जा रहा है कि सरकार ने अमेरिकी दबाव में आकर भारतीय कृषि बाजार को खोल दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी अधिकारियों के कुछ बयानों को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है। वास्तविकता यह है कि सरकार ने ऐसा कोई भी कदम नहीं उठाया है जिससे घरेलू किसानों या बाजार को नुकसान पहुंचे। कृषि मंत्रालय ने भरोसा दिलाया कि भविष्य में भी किसी भी व्यापार समझौते या नीति निर्णय से पहले किसानों के हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। सरकार का उद्देश्य कृषि क्षेत्र को कमजोर करना नहीं, बल्कि निर्यात के अवसर बढ़ाकर किसानों को वैश्विक बाजार से जोड़ना है, वह भी बिना घरेलू सुरक्षा से समझौता किए। [caption id="attachment_73746" align="aligncenter" width="1200"] Farmers Farmers[/caption]

किसानों के हित सर्वोपरि

  • केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट किया कि डेयरी, मुख्य अनाज (चावल और गेहूं), बाजरा और फल पूरी तरह से सुरक्षित हैं। इनके बाजार को विदेशी आयात के लिए नहीं खोला गया है।
  • उन्होंने कहा कि सरकार ने "अन्नदाता" के हितों से कोई समझौता नहीं किया है। भारतीय कृषि पर किसी भी दबाव को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
  • अमेरिका द्वारा टैरिफ (शुल्क) घटाकर 18% करने से भारत से चावल, मसालों और टेक्सटाइल का निर्यात बढ़ेगा। टेक्सटाइल (कपड़ा) निर्यात बढ़ने से देश के कपास उत्पादक किसानों को सीधा फायदा होगा और उनकी फसलों की मांग बढ़ेगी।
  • मंत्रालय ने कहा कि अमेरिकी अधिकारियों के कुछ बयानों से भ्रम फैलाया जा रहा है, जबकि सच्चाई यह है कि घरेलू बाजार को नुकसान पहुंचाने वाला कोई कदम नहीं उठाया गया है।
कृषि मंत्रालय ने जनता और किसानों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।