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Punjab: पंजाब में फर्जी कैबिनेट मंत्री गिरफ्तार, अधिकारी को सस्पैंड करने की दी थी धमकी

Punjab: पंजाब में फर्जी कैबिनेट मंत्री गिरफ्तार, अधिकारी को सस्पैंड करने की दी थी धमकी
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डेली संवाद, चंडीगढ़/अमृतसर। Punjab News: पंजाब में अनोखा मामला सामने आया है। यहां पुलिस ने एक फर्जी कैबिनेट मंत्री को गिरफ्तार किया है। उक्त कैबिनेट मंत्री ने एक अफसर को सस्पैंड करने की फोन पर धमकी दी थी। पुलिस ने जांच में पाया कि उक्त कैबिनेट मंत्री फर्जी है, जो खुद को पंजाब (Punjab) का स्वास्थ्य मंत्री बता रहा था। पंजाब (Punjab) के अमृतसर (Amritsar) में उक्त फर्जी स्वास्थ्य मंत्री (Fake Health Minister) को गिरफ्तार किया गया है। जानकारी के मुताबिक सिविल अस्पताल अमृतसर (Civil Hospital Amritsar) में तैनात मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. रजनीश को स्वास्थ्य मंत्री बनकर फोन पर धमकाने और सरकारी कामकाज में हस्तक्षेप करने के मामले में पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। [caption id="attachment_82623" align="aligncenter" width="1200"] Arrested Arrested[/caption]

आरोपी पांचवी पास

आरोपी की पहचान हरजीत सिंह के रूप में हुई है, जो पांचवीं पास है और खुद को कभी स्वास्थ्य मंत्री तो कभी मंत्री कार्यालय का कर्मचारी बताकर अधिकारियों पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा था। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी के खिलाफ पहले से ही धोखाधड़ी के 6 मामले दर्ज हैं। यह मामला सीएमओ डॉ. रजनीश की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया है। शिकायत में बताया गया कि उनके मोबाइल फोन पर एक कॉल आई। फोन करने वाले व्यक्ति ने खुद को स्वास्थ्य मंत्री बताते हुए सिविल अस्पताल में कथित कुप्रबंधन के आरोप लगाए और बातचीत के दौरान डराने-धमकाने लगा। [caption id="attachment_73600" align="aligncenter" width="1200"] Suspend Suspend[/caption]

स्टाफ को सस्पैंड करने के धमकी

आरोपी ने अस्पताल प्रशासन को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं और सरकारी कामकाज में दखल देते हुए कई अवैध निर्देश देने की कोशिश की। इसके साथ ही सीएमओ और स्टाफ को सस्पैंड करने के धमकी दी। डॉ. रजनीश के अनुसार, आरोपी ने अस्पताल स्टाफ के खिलाफ भी अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया और सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग जैसे गंभीर आरोप लगाए।

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उसने दावा किया कि अस्पताल प्रशासन ने एक कर्मचारी को बिना किसी ठोस कारण के नौकरी से निकाल दिया है, जो पूरी तरह अनुचित है। जब सीएमओ ने फोन करने वाले व्यक्ति से उसकी पहचान और पद को लेकर स्पष्ट जानकारी मांगी, तो उसने अपना बयान बदलते हुए खुद को मंत्री कार्यालय से “गुरजीत सिंह” बताना शुरू कर दिया।

पुलिस में शिकायत

शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपी बार-बार झूठा अधिकार जताकर मानसिक दबाव बनाने की कोशिश कर रहा था। इस पूरी घटना के बाद सीएमओ डॉ. रजनीश ने मामले की जानकारी सिविल सर्जन अमृतसर को दी। सिविल सर्जन ने तत्काल स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह से संपर्क किया। स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट रूप से इस तरह की किसी भी कॉल या निर्देश से इनकार किया और पूरे मामले में कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि आरोपी ने सरकारी अधिकारियों को प्रभावित करने के लिए फर्जी पहचान का इस्तेमाल किया, आपराधिक धमकी दी और अपने अधिकारों का दुरुपयोग करने का प्रयास किया।

आरोपी 57 साल का है

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान हरजीत सिंह के रूप में हुई है। वह 57 वर्ष का है और अमृतसर के गुरबख्श नगर क्षेत्र का रहने वाला है। पुलिस ने उसे गेट हकीमां इलाके से गिरफ्तार किया। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पेशे से एक निजी गोताखोर (प्राइवेट डाइवर) है और उसका सरकारी सेवा या स्वास्थ्य विभाग से कोई लेना-देना नहीं है। [caption id="attachment_75610" align="aligncenter" width="1200"] FIR FIR[/caption] मामले की तह तक जाने पर एक और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया। आरोपी का बेटा सिविल अस्पताल अमृतसर में एक सुरक्षा कंपनी के माध्यम से तैनात था। भर्ती के दौरान उसने खुद को पूर्व सैनिक बताया था, लेकिन दस्तावेजों की जांच में यह दावा गलत पाया गया। नियमों के अनुसार कंपनी ने उसे नौकरी से हटा दिया था। पुलिस का मानना है कि इसी रंजिश के चलते आरोपी ने अस्पताल प्रशासन पर दबाव बनाने और बदनाम करने की नीयत से यह पूरा षड्यंत्र रचा।

पहले से 6 मामले दर्ज

डीसीपी विजय आलम ने बताया कि आरोपी के खिलाफ पहले भी धोखाधड़ी से जुड़े 6 मामले दर्ज हैं। फिलहाल पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने पहले भी इस तरह से किसी अन्य अधिकारी को गुमराह या धमकाने की कोशिश की है या नहीं। पुलिस ने कहा कि मामले की जांच जारी है और दोषी पाए जाने पर आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।