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Mohan Bhagwat: चंडीगढ़ में 9 मार्च को ‘भारतीय शिक्षा दृष्टि’ के पंजाबी संस्करण का होगा विमोचन

Mohan Bhagwat: चंडीगढ़ में 9 मार्च को ‘भारतीय शिक्षा दृष्टि’ के पंजाबी संस्करण का होगा विमोचन
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डेली संवाद, चंडीगढ़। Mohan Bhagwat: चंडीगढ़ (Chandigarh) में 9 मार्च को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर ‘भारतीय शिक्षा दृष्टि’ पुस्तक के पंजाबी संस्करण का विमोचन किया जाएगा। यह कार्यक्रम दोपहर 3 बजे आयोजित होगा, जिसमें शिक्षा और समाज जीवन से जुड़े अनेक प्रमुख व्यक्तित्व शामिल होंगे। यह पुस्तक RSS के चीफ मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) द्वारा वर्ष 2010 से 2020 के बीच शिक्षा के क्षेत्र में दिए गए विभिन्न संबोधनों और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (Rashtriya Swayamsevak Sangh) की अखिल भारतीय प्रतिनिध सभा (Akhil Bharatiya Pratinidhi Sabha) में पारित शिक्षा संबंधी प्रस्तावों का संग्रह है। अब इस महत्वपूर्ण सामग्री को पंजाबी भाषा में प्रस्तुत किया जा रहा है, ताकि क्षेत्र के अधिक से अधिक लोग भारतीय शिक्षा दृष्टि और विचारों को समझ सकें। [caption id="attachment_102064" align="aligncenter" width="1200"] Banbir ji Book Banbir ji Book[/caption]

विजय नड्डा भी रहेंगे मौजूद

पुस्तक के पंजाबी संस्करण का औपचारिक विमोचन आरएसएस के क्षेत्र प्रचारक प्रमुख बनवीर सिंह (Banvir Singh) द्वारा किया जाएगा। कार्यक्रम में विशेष रूप से विद्या भारती (Vidya Bharati) उत्तर क्षेत्र के संगठन मंत्री विजय नड्डा (Vijay Nadda) भी मौजूद रहेंगे।

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आयोजकों के अनुसार, इस कार्यक्रम में शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कई शिक्षाविद, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि भी भाग लेंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय शिक्षा के मूल्यों, दृष्टिकोण और सांस्कृतिक आधार को समाज के व्यापक वर्ग तक पहुंचाना है। [caption id="attachment_102242" align="aligncenter" width="1200"] Vijay Nadda Vijay Nadda[/caption]

भारतीय शिक्षा दर्शन को समझने का नया अवसर

बताया जा रहा है कि ‘भारतीय शिक्षा दृष्टि’ पुस्तक में भारतीय परंपरा, संस्कृति और राष्ट्रीय मूल्यों पर आधारित शिक्षा व्यवस्था के महत्व को रेखांकित किया गया है। इसके साथ ही शिक्षा के माध्यम से समाज निर्माण और राष्ट्र निर्माण की दिशा में विचार भी प्रस्तुत किए गए हैं। आयोजकों का मानना है कि पंजाबी भाषा में इस पुस्तक के प्रकाशन से क्षेत्र के शिक्षकों, विद्यार्थियों और शिक्षा से जुड़े लोगों को भारतीय शिक्षा दर्शन को समझने का नया अवसर मिलेगा। कार्यक्रम को लेकर शिक्षा जगत में खासा उत्साह देखा जा रहा है।