डेली संवाद, विक्टोरिया। Australia News: ऑस्ट्रेलिया (Australia) में वीजा (VISA) खत्म होने के बाद अवैध रूप से रह रहे एक पंजाबी (Punjabi) युवक को बड़े पैमाने पर चोरी के मामलों में गिरफ्तार किया गया है। विक्टोरिया पुलिस के अनुसार 39 वर्षीय यह युवक पिछले छह महीनों से लगातार सुपरमार्केट्स को निशाना बना रहा था और अब तक 68 चोरी तथा 19 चोरी के प्रयास के मामलों में शामिल पाया गया है। कुल मिलाकर उसके खिलाफ 87 केस दर्ज किए गए हैं।
ऑस्ट्रेलिया (Australia) की विक्टोरिया पुलिस (Victoria Police) ने बताया कि आरोपी भारत से स्टडी वीजा (Study Visa) पर ऑस्ट्रेलिया (Australia) आया था, लेकिन वीजा एक्सपायर होने के बाद वह वापस लौटने के बजाय वहीं छिपकर रहने लगा। वह दिन के समय खुद को छुपाए रखता और रात में चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। चोरी के बाद वह सामान अपने ठिकाने पर जमा करता और बाद में उसे ब्लैक मार्केट में बेच देता था।
संगठित चोर गिरोह से जुड़ा
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी एक संगठित चोरी गिरोह से जुड़ा हुआ था। इस गैंग का काम सुपरमार्केट्स से महंगे सामान चुराकर उन्हें अवैध बाजार में बेचना था। युवक मुख्य रूप से इलेक्ट्रिक टूथब्रश, रेजर, विटामिन और स्किनकेयर प्रोडक्ट्स चुराता था, जिनकी बाजार में अच्छी कीमत मिलती है।
यह भी पढ़ें: Japnoor Travels के सतनाम सिंह पर 45 लाख रुपए ठगी का आरोप, किसानों ने दफ्तर घेरा
इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश विक्टोरिया पुलिस (Victoria Police) के एक बड़े ऑपरेशन के तहत हुआ, जिसे ‘ऑपरेशन सुपरनोवा’ नाम दिया गया है। पुलिस के अनुसार यह चोरी के मामलों को लेकर चलाया गया अब तक का सबसे बड़ा अभियान माना जा रहा है। इस ऑपरेशन के दौरान पहले ही 30 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका था। उनसे पूछताछ के बाद इस पंजाबी युवक की पहचान हुई।

मेलबर्न में छापा मारकर काबू
18 अप्रैल को पुलिस ने मेलबर्न (Melbourne) के सनशाइन वेस्ट इलाके में एक घर पर छापा मारा, जहां से आरोपी को गिरफ्तार किया गया। मौके से चोरी का सामान भी बरामद किया गया। पुलिस के मुताबिक यह गिरोह का 31वां सदस्य है जिसे गिरफ्तार किया गया है। कुछ आरोपियों को पहले ही जेल भेजा जा चुका है, जबकि 10 के खिलाफ कोर्ट में सुनवाई जारी है।
पुलिस ने बताया कि यह नेटवर्क पिछले एक साल से सक्रिय था और इसके सदस्य मेलबर्न, बैलारेट और जीलोंग जैसे शहरों में वारदातों को अंजाम दे रहे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी की पहचान फिलहाल सार्वजनिक नहीं की गई है, क्योंकि मामला अदालत में विचाराधीन है। विक्टोरिया पुलिस ने कहा कि इस तरह के संगठित अपराधों पर सख्ती से कार्रवाई जारी रहेगी और इसमें शामिल सभी लोगों को कानून के दायरे में लाया जाएगा।









