डेली संवाद, लुधियाना। Canada News: पंजाब के अहमदगढ़ की रहने वाली 29 वर्षीय युवती प्रतिभा गुप्ता की कनाडा (Canada) के ब्रैम्पटन शहर में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उसका शव उसके किराए के घर की सीढ़ियों के पास मिला, जिससे पूरे परिवार और इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। घटना के बाद से ही मौत के कारणों को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं, क्योंकि अब तक किसी भी तरह की स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
परिजनों के अनुसार, प्रतिभा करीब साढ़े तीन साल पहले बेहतर भविष्य की तलाश में कनाडा गई थी। वह वहां एक निजी ट्रांसपोर्ट कंपनी में काम कर रही थी और अपने करियर को लेकर काफी उत्साहित थी। परिवार ने बताया कि घटना वाले दिन शनिवार दोपहर को प्रतिभा ने अपने माता-पिता संजीव कुमार और इंदु जिंदल से लंबी बातचीत की थी। बातचीत के दौरान वह खुश और संतुष्ट नजर आ रही थी, जिससे किसी अनहोनी की आशंका नहीं थी।

सीढ़ियों के पास शव बरामद किया
हालांकि, शाम होते-होते स्थिति अचानक बदल गई। जब परिजनों ने उसे कई बार फोन किया, तो उसकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला। चिंतित होकर परिवार ने उसके कार्यस्थल पर संपर्क किया। इसके बाद कंपनी के अधिकारियों ने तुरंत कनाडा पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और घर की सीढ़ियों के पास प्रतिभा का शव बरामद किया।
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अहमदगढ़ के सामाजिक कार्यकर्ता राकेश कुमार शर्मा ने बताया कि प्रतिभा के शरीर पर किसी भी तरह के बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं, जिससे मामला और अधिक रहस्यमय हो गया है। जिस समय यह घटना हुई, उस घर में मकान मालिक का परिवार मौजूद था, लेकिन मकान मालिक खुद अमेरिका गया हुआ था। ऐसे में समय पर सहायता न मिलने की भी बात सामने आ रही है।

कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही
घटना की सूचना मिलते ही कनाडा (Canada) की ब्रैम्पटन पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस टीम मृतका की दिनचर्या, उसके संपर्कों और हालिया गतिविधियों की गहन पड़ताल कर रही है। साथ ही, आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है और संभावित गवाहों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। हालांकि, पुलिस ने अभी तक मौत के कारणों को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। उनका कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। प्रतिभा गुप्ता पढ़ाई में बेहद मेधावी थी।
उसने एमएससी मैथ्स में गोल्ड मेडल हासिल किया था और विदेश जाने से पहले पंजाब में एक अध्यापिका के रूप में कार्य कर रही थी। कनाडा जाने के बाद वह अपने परिवार का सहारा बनी हुई थी, हालांकि उसे अभी तक स्थायी निवास (PR) नहीं मिला था। इकलौती बेटी की मौत से परिवार पूरी तरह टूट चुका है। माता-पिता अब अपनी बेटी का पार्थिव शरीर भारत लाने के लिए सरकार से मदद की गुहार लगा रहे हैं। उन्होंने फतेहगढ़ साहिब के सांसद अमर सिंह से संपर्क किया है। सांसद ने भी इस दुखद घटना पर शोक व्यक्त करते हुए विदेश मंत्रालय से हस्तक्षेप की मांग की है, ताकि जल्द से जल्द शव को भारत लाकर अंतिम संस्कार किया जा सके।










