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Punjab News: पंजाब सरकार का सख्त संदेश, टैक्स चोरों पर शिकंजा, ईमानदार कारोबारियों को मिलेगा संरक्षण

ओटीएस-2025 को मिला शानदार प्रतिसाद; अब तक 167.23 करोड़ रुपये जमा और 534.54 करोड़ रुपये की राहत प्रदान की गई

Punjab News: पंजाब सरकार का सख्त संदेश, टैक्स चोरों पर शिकंजा, ईमानदार कारोबारियों को मिलेगा संरक्षण
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डेली संवाद, चंडीगढ़। Punjab News: पंजाब के वित्त, आबकारी एवं कराधान मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा (Harpal Singh Cheema) ने शुक्रवार को घोषणा की कि जीएसटी (GST) से पूर्व के कर बकायों के निपटारे के लिए शुरू की गई पंजाब एकमुश्त निपटान (ओटीएस-2025) योजना को करदाताओं से अत्यंत उत्साहजनक प्रतिसाद मिला है। योजना के अंतर्गत अब तक करदाताओं द्वारा 167.23 करोड़ रुपये जमा कराए जा चुके हैं, जबकि सरकार ने कर, ब्याज और जुर्माने में 534.54 करोड़ रुपये की राहत प्रदान की है।

करदाताओं की मांग को ध्यान में रखते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार पात्र करदाताओं को लंबे समय से लंबित कर विवादों का समाधान करने तथा व्यापक कानूनी राहत प्राप्त करने का एक अंतिम अवसर दे रही है। इसी उद्देश्य से ओटीएस-2025 की अवधि 31 जुलाई 2026 से बढ़ाकर 30 सितंबर 2026 कर दी गई है।

करदाताओं ने 167.23 करोड़ रुपये जमा किए

जारी प्रेस बयान में योजना की प्रगति की जानकारी देते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि 30 जुलाई 2026 तक आबकारी एवं कराधान विभाग को 9,782 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें 437.51 करोड़ रुपये की कुल कर मांग शामिल है। इन आवेदनों के विरुद्ध करदाताओं ने 167.23 करोड़ रुपये जमा किए हैं, जबकि राज्य सरकार ने 534.54 करोड़ रुपये की कर राहत प्रदान की है।

उन्होंने कहा कि ये आंकड़े राज्य सरकार की पारदर्शी, उद्योग-अनुकूल और व्यापार समर्थक नीतियों में करदाताओं के बढ़ते विश्वास को दर्शाते हैं। सरकार का उद्देश्य पुराने कर विवादों का समाधान कर स्थानीय उद्योगों एवं व्यापारियों को नई शुरुआत का अवसर प्रदान करना है।

कुर्की और नीलामी की कार्रवाई तेज कर दी

आबकारी एवं कराधान मंत्री ने कहा कि जहां राज्य सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए संसाधन जुटाने हेतु प्रतिबद्ध है, वहीं लगातार कर बकाया रखने वालों के विरुद्ध भी समान रूप से कठोर रुख अपनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि विभाग ने वैट के पुराने बकायेदारों के विरुद्ध संपत्तियों की कुर्की और नीलामी की कार्रवाई तेज कर दी है।

इन सख्त कार्रवाइयों के परिणामस्वरूप 12.39 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि कई करदाताओं ने अपने विरुद्ध कार्रवाई या नीलामी शुरू होते ही ओटीएस योजना के तहत अपने बकायों का निपटारा करना उचित समझा।

करदाताओं से अपील की

शेष रहते 9,386 पात्र करदाताओं से अपील करते हुए मंत्री ने कहा कि वे 30 सितंबर 2026 से पहले योजना का लाभ अवश्य उठाएं ताकि उन्हें ब्याज और जुर्माने पर 100 प्रतिशत छूट के साथ-साथ अपनी निर्धारित स्लैब के अनुसार मूल कर में भी पर्याप्त राहत प्राप्त हो सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वैच्छिक कर निपटान कारोबारियों के लिए सबसे किफायती और लाभकारी विकल्प है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि योजना की अवधि में किया गया यह विस्तार अंतिम है और इसके बाद किसी प्रकार की अतिरिक्त मोहलत नहीं दी जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद विभाग कर कानूनों तथा पंजाब भूमि राजस्व अधिनियम के अंतर्गत बैंक खाते सील करने, संपत्तियों की कुर्की एवं नीलामी जैसी कठोर वसूली कार्रवाइयों को तेज करेगा।

‘समाधान’ अभियान से भी सक्रिय रूप से जुड़ा हुआ

मंत्री ने बताया कि विभाग ने अगस्त 2026 के दौरान लगभग 48.48 करोड़ रुपये के बकाया की वसूली के लिए 13 नीलामी प्रक्रियाएं निर्धारित की हैं। संबंधित करदाताओं को सलाह दी गई है कि वे नीलामी की तिथि से पहले ओटीएस योजना के तहत अपने मामलों का निपटारा कर लें।

वित्त मंत्री ने आगे कहा कि विभाग माननीय सर्वोच्च न्यायालय के ‘समाधान’ अभियान से भी सक्रिय रूप से जुड़ा हुआ है। इसके अंतर्गत अब तक 12 बड़े कर विवादों का सौहार्दपूर्ण समाधान किया जा चुका है तथा चार अन्य विवाद भी समाधान के अंतिम चरण में हैं।

उन्होंने कहा कि स्वैच्छिक विवाद निपटान और कठोर प्रवर्तन कार्रवाई की यह दोहरी नीति पंजाब सरकार की व्यापार-अनुकूल वातावरण, उत्तरदायी प्रशासन और राज्य के राजस्व की सुरक्षा के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती है।