डेली संवाद, जालंधर। Jalandhar News: जालंधर के पॉश इलाके जालंधर हाइट्स-2 के D-ब्लॉक की 14वीं मंजिल से संदिग्ध परिस्थितियों में गिरी 24 वर्षीय युवती जैसमीन कौर चहल की मौत के मामले में मंगलवार (15 सितंबर) को पोस्टमॉर्टम पूरा हो गया। पुलिस के अनुसार, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही मौत की सही वजह स्पष्ट हो सकेगी।
जैसमीन कौर चहल पंजाब पुलिस (Punjab Police) अधिकारी कर्मवीर सिंह चहल की बेटी थी। पढ़ाई में होनहार जैसमीन ने ICSE बोर्ड की 10वीं परीक्षा में 99.2 प्रतिशत अंक हासिल कर ऑल इंडिया सेकेंड रैंक प्राप्त की थी। इसके बाद उसने पॉलिटिकल साइंस में मास्टर्स की पढ़ाई भी पूरी की थी।
कमरे से मिली पर्ची, लिखे थे ये शब्द
पुलिस सूत्रों के अनुसार, घटनास्थल की जांच के दौरान जैसमीन के कमरे से हाथ से लिखी एक पर्ची मिली है। इसमें कथित तौर पर लिखा था— “I was wrong, I am sorry” यानी “मैं गलत थी, मुझे माफ कर दो।”
हालांकि, पुलिस ने इस पर्ची को सुसाइड नोट मानने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। थाना सदर के SHO बलकरण सिंह ने कहा कि पर्ची की हैंडराइटिंग और उससे जुड़ी परिस्थितियों की जांच की जाएगी।
पुलिस को डिप्रेशन की बात सामने आई
थाना सदर के SHO बलकरण सिंह के मुताबिक, शुरुआती पूछताछ में युवती के मानसिक तनाव और डिप्रेशन में होने की बात सामने आई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि जैसमीन किस वजह से परेशान थी और घटना से पहले उसके साथ क्या परिस्थितियां थीं।
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SHO ने बताया कि पोस्टमॉर्टम डॉक्टरों के बोर्ड ने किया है और रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।
परिवार की बेटी थी बेहद प्रतिभाशाली
पुलिस के अनुसार, जैसमीन पढ़ाई में बेहद तेज थी। उसने वर्ष 2018 में ICSE की 10वीं परीक्षा में 99.2 प्रतिशत अंक हासिल कर देशभर में दूसरा स्थान प्राप्त किया था।
बाद में उसने पॉलिटिकल साइंस में मास्टर्स की डिग्री भी पूरी की। युवती की अचानक मौत के बाद परिवार और जालंधर हाइट्स-2 में रहने वाले लोगों में शोक और चिंता का माहौल है।
BNSS की धारा 194 के तहत कार्रवाई
थाना सदर पुलिस ने मामले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 194 के तहत कार्रवाई की है। पुलिस परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज कर रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक साक्ष्यों और जांच के अन्य पहलुओं के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
6 महीने में तीसरी घटना ने उठाए सुरक्षा पर सवाल
जालंधर हाइट्स में पिछले करीब 6 महीनों में युवतियों के ऊंचाई से गिरने की यह तीसरी घटना बताई जा रही है। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने सोसायटी की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं।
निवासियों में इन घटनाओं को लेकर चिंता है। हालांकि, इन घटनाओं के बीच किसी साझा कारण या सुरक्षा चूक की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
पहले भी हो चुकी हैं दो घटनाएं
23 अगस्त 2026: 21 वर्षीय महकप्रीत कौर, जो BA फाइनल ईयर की छात्रा थी, जालंधर हाइट्स की 10वीं मंजिल से गिर गई थी। अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी।
14 मार्च 2026: 14 वर्षीय भुविका सिंघल की जालंधर हाइट्स की एक बहुमंजिला इमारत की छठी मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई थी। पुलिस को एक कथित सुसाइड नोट मिला था, जिसमें पढ़ाई के तनाव का जिक्र बताया गया था। हालांकि, परिजनों ने शुरुआत में हत्या की आशंका जताई थी।