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Punjab News: पंजाब ने सरकारी मेडिकल कॉलेज में पहली बार सफल किडनी ट्रांसप्लांट कर रचा इतिहास

स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए, भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने सरकारी मेडिकल कॉलेज (जी.एम.सी.), पटियाला में अपना पहला सफल किडनी ट्रांसप्लांट कर इतिहास रच दिया है।

Punjab News: पंजाब ने सरकारी मेडिकल कॉलेज में पहली बार सफल किडनी ट्रांसप्लांट कर रचा इतिहास
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डेली संवाद, चंडीगढ़। Punjab News: स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए, भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने सरकारी मेडिकल कॉलेज (जी.एम.सी.), पटियाला में अपना पहला सफल किडनी ट्रांसप्लांट कर इतिहास रच दिया है। इसके साथ ही यह सफल किडनी ट्रांसप्लांट करने वाला पंजाब का पहला सरकारी मेडिकल कॉलेज बन गया है।

यह मील का पत्थर पंजाब इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज (पी.आई.एल.बी.एस.), मोहाली (Mohali) में हुए सफल लिवर ट्रांसप्लांट के बाद हासिल हुआ है। पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने आज यहां पंजाब भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बताया कि यह जटिल सर्जरी 10 सितंबर, 2026 को की गई थी।

8 लाख से 12 लाख रुपये तक का खर्च आता

डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि यह पूरा इलाज और सर्जरी ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ (एमएमएसवाई) के तहत बिल्कुल मुफ्त की गई है, जिसके तहत परिवार का एक भी पैसा खर्च नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि निजी अस्पतालों में इस इलाज पर 8 लाख से 12 लाख रुपये तक का खर्च आता है।

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उन्होंने कहा, "यह पंजाब के सरकारी चिकित्सा इतिहास में एक नया अध्याय है, जिससे आम लोगों तक अंग प्रत्यारोपण जैसी उन्नत और जीवनरक्षक सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित हुई है।"

डॉक्टरों की निगरानी में स्वास्थ्य लाभ कर रहे

स्वास्थ्य मंत्री ने आगे बताया कि रोमाणा पत्ती, नामोल, जिला संगरूर का रहने वाला 37 वर्षीय व्यक्ति मेम्ब्रेनोप्रोलिफेरेटिव ग्लोमेरुलोनेफ्राइटिस (एमपीजीएन) के कारण किडनी फेल होने की समस्या से पीड़ित था और दिसंबर 2025 से सप्ताह में तीन बार डायलिसिस करवा रहा था।

उन्होंने बताया कि चिकित्सकीय जांच के बाद उसकी 29 वर्षीय पत्नी अपनी किडनी दान करने के लिए आगे आई। उन्होंने आगे बताया कि दोनों पति-पत्नी अब ठीक हैं और ट्रांसप्लांट आईसीयू में डॉक्टरों की निगरानी में स्वास्थ्य लाभ कर रहे हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डॉ. बलबीर सिंह ने वीडियो कॉल के माध्यम से मरीज और उसकी पत्नी से बातचीत कर उनका हालचाल जाना।

इस उपलब्धि के लिए बधाई दी

इसके साथ ही उन्होंने प्रो. सरबप्रीत सिंह के नेतृत्व वाली सर्जिकल टीम, जिसमें प्रो. एच.बी.एस. संधू और डॉ. सुपर्ण शर्मा शामिल थे, डॉ. ठाकुरवीर कोहली के नेतृत्व वाली नेफ्रोलॉजी टीम, डॉ. तनवीर कुंद्रा के नेतृत्व वाली एनेस्थीसिया टीम तथा डायरेक्टर प्रिंसिपल और मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ. आर.पी.एस. सिबिया को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी।

स्वास्थ्य मंत्री ने जी.एम.सी. पटियाला में किडनी ट्रांसप्लांट के लिए मार्गदर्शन, प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता और मौके पर सर्जिकल निगरानी प्रदान करने के लिए पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (पीजीआईएमईआर), चंडीगढ़, विशेष रूप से निदेशक प्रो. विवेक लाल, रीनल ट्रांसप्लांट सर्जरी और रोटो-नॉर्थ के प्रमुख प्रो. आशीष शर्मा तथा पीजीआई चंडीगढ़ के इम्यूनोपैथोलॉजी विभाग का धन्यवाद किया।