डेली संवाद, होशियारपुर। Punjab News: पंजाब के होशियारपुर जिले में माइनिंग विभाग का अधिकारी बनकर वाहन चालकों से कथित तौर पर अवैध वसूली करने का मामला सामने आया है। हाजीपुर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और अवैध वसूली के आरोप में केस दर्ज किया है।
चालकों को कार्रवाई का डर दिखाते
आरोपियों की पहचान चौहान गांव के रहने वाले रविंदर सिंह और हरप्रीत सिंह के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, दोनों आरोपी एक ब्रेजा कार में घूमते थे और मुकेरियां-तलवाड़ा रोड तथा हाजीपुर-दसूहा मार्ग पर माइनिंग सामग्री से भरे टिपर और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को रोकते थे। वे खुद को माइनिंग विभाग का अधिकारी बताकर चालकों को कार्रवाई का डर दिखाते और उनसे 1,000 से 2,000 रुपये तक की रकम वसूलते थे।
टिपर यूनियन के प्रधान बलराज सिंह ने बताया कि आरोपियों द्वारा वसूली के बाद 'चौहान टैक्सी' के नाम से रसीद भी दी जाती थी। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद यूनियन ने 29 जुलाई को माइनिंग विभाग के अधिकारियों को पूरे मामले की लिखित शिकायत सौंपी।
माइनिंग विभाग की टीम ने जाल बिछाया
शिकायत के आधार पर माइनिंग विभाग की टीम ने वाहन चालकों के सहयोग से जाल बिछाया और देर रात दोनों आरोपियों को उनकी ब्रेजा कार समेत पकड़ लिया। इसके बाद उन्हें आगे की कार्रवाई के लिए हाजीपुर पुलिस के हवाले कर दिया गया।
थाना प्रभारी हरप्रेम सिंह ने बताया कि आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। जांच के दौरान इस्तेमाल की गई ब्रेजा कार और 'चौहान टैक्सी' के नाम से जारी ऑनलाइन भुगतान की रसीदें भी जब्त कर ली गई हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस तरह की वसूली का यह नेटवर्क कब से चल रहा था और इसमें कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है या नहीं।