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Jalandhar News: दो बार समय मांगने के बाद ED के सामने पहुंचे अनुराग वर्मा, इस मामले में होगी पूछताछ

पंजाब के पूर्व मुख्य सचिव अनुराग वर्मा बुधवार को सनटेक सिटी मामले में पूछताछ के लिए जालंधर स्थित ED दफ्तर पहुंचे। ईडी CLU, कथित अवैध लेआउट और बिल्डर को फायदा पहुंचाने के लिए नियमों की अनदेखी से जुड़े आरोपों की जांच कर रही है।

Jalandhar News: दो बार समय मांगने के बाद ED के सामने पहुंचे अनुराग वर्मा, इस मामले में होगी पूछताछ
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डेली संवाद, जालंधर। Jalandhar News: पंजाब के पूर्व मुख्य सचिव और मौजूदा एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (राजस्व) अनुराग वर्मा बुधवार को जालंधर स्थित प्रवर्तन निदेशालय (ED) के दफ्तर में पेश हुए। ईडी ने उन्हें मोहाली के सनटेक सिटी और एल्टस स्पेस बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े मामले में पूछताछ के लिए बुलाया है।

अनुराग वर्मा सुबह करीब 11:07 बजे अपनी गाड़ी से ईडी कार्यालय पहुंचे। उनके हाथ में दस्तावेजों की फाइल थी। गाड़ी से उतरने के बाद वह सीधे ईडी कार्यालय के अंदर दाखिल हो गए।

दो बार समन के बाद ED के सामने पेश हुए अनुराग वर्मा

जानकारी के मुताबिक, ईडी ने अनुराग वर्मा को इससे पहले भी दो बार पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन दोनों मौकों पर उन्होंने जरूरी दस्तावेज जुटाने के लिए समय मांगा था। अब वह बुधवार को ईडी के सामने पेश हुए हैं।

ईडी की जांच सनटेक सिटी और एल्टस स्पेस बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं और नियमों के उल्लंघन के आरोपों पर केंद्रित है।

जिस समय की जांच, तब Housing और Urban Development विभाग संभाल रहे थे

अनुराग वर्मा वर्तमान में पंजाब सरकार में अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व) के पद पर हैं। हालांकि, जिन कथित अनियमितताओं की जांच की जा रही है, उस अवधि के दौरान वह हाउसिंग और अर्बन डेवलपमेंट विभाग के प्रमुख के तौर पर जिम्मेदारी संभाल रहे थे।

इसी मामले में IAS अधिकारी कंवलप्रीत बराड़ भी इससे पहले ईडी के सामने दो बार पेश हो चुकी हैं।

निजी बिल्डरों को फायदा पहुंचाने के आरोपों की जांच

ईडी की जांच का एक प्रमुख पहलू यह है कि क्या निजी बिल्डरों को कथित तौर पर फायदा पहुंचाने के लिए नियमों में बदलाव या उनकी अनदेखी की गई थी।

जांच में चेंज ऑफ लैंड यूज (CLU) और कथित अवैध लेआउट से जुड़े मामलों को भी देखा जा रहा है। ईडी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन मामलों में निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं का पालन हुआ था या नहीं।

धारा 90 की जगह धारा 85 के तहत कार्रवाई का आरोप

सनटेक सिटी मामले में आरोप है कि Punjab Regional and Town Planning and Development Act की धारा 90 के तहत की जाने वाली कार्रवाई को नजरअंदाज करते हुए केवल धारा 85 के तहत कार्रवाई की गई।

जांच एजेंसी यह भी देख रही है कि इस प्रक्रिया से क्या संबंधित बिल्डर को कथित तौर पर राहत मिली और इसमें अधिकारियों की कोई भूमिका थी या नहीं।

ED जांच में अधिकारियों की भूमिका पर फोकस

सनटेक सिटी मामले में ईडी कथित वित्तीय अनियमितताओं के साथ-साथ संबंधित सरकारी अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। अनुराग वर्मा की बुधवार की पेशी के दौरान किन बिंदुओं पर पूछताछ हुई, इसकी विस्तृत जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।