डेली संवाद, जालंधर/लुधियाना। GST Fake Billing Case: केंद्र और पंजाब सरकार द्वारा बोग्स बिलिंग पर नियंत्रण के लिए जीएसटी व्यवस्था लागू किए जाने के बावजूद फर्जी बिलिंग के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ऐसा ही एक मामला लुधियाना-जालंधर और मंडी गोबिंदगढ़ में चल रहा है। पिछले करीब 12 वर्षों से बोग्स बिलिंग का खेल चल रहा है, जिससे सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाया गया।
कारोबारी रविंदर सिंह का आरोप है कि इस पूरे मामले में एक गिरोह सक्रिय रहा और कई लोगों के नाम पर फर्जी फर्मों व बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया। उनका दावा है कि संबंधित बैंक खातों और वित्तीय ट्रांजेक्शन की गहन जांच होने पर बड़े खुलासे हो सकते हैं।
डीजीजीआई की कार्रवाई के बाद बढ़ी चर्चा
रिपोर्ट के अनुसार, हाल ही में डीजीजीआई द्वारा पकड़े गए एक मामले में 200 करोड़ रुपये से अधिक की बिलिंग के आरोप सामने आए हैं। इसके बाद लुधियाना और मंडी गोबिंदगढ़ में बोग्स बिलिंग नेटवर्क को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
रविंदर सिंह का आरोप है कि कई कारोबारी इस कथित नेटवर्क का शिकार हुए और कुछ लोगों को अपना कारोबार तक बंद करना पड़ा।
कई नामी कंपनियों से मिलते-जुलते नाम रखने का आरोप
मामले में आरोप लगाया गया है कि कुछ फर्मों के नाम शहर की नामी कंपनियों से मिलते-जुलते रखे गए। इनमें कथित तौर पर शोभनित इंडस्ट्रीज, बीजी ब्रदर्स, एचएस कंपनी, श्रीराम एग्रो, मोहित स्टील, हरी ओम इस्पात, महेश आयरन, सक्षम स्टील, भवानी फाउंड्री एंड इंजीनियर्स और गौतम ट्रेडिंग कंपनी जैसे नाम शामिल बताए गए हैं।
रिश्तेदारों और करीबियों की भूमिका की भी जांच की मांग
रविंदर सिंह का आरोप है कि उन्होंने कई साल पहले मामले की शिकायत जांच एजेंसियों को दी थी। उनका कहना है कि मामले में कुछ रिश्तेदारों और करीबियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।
हालांकि, जिन लोगों के नाम आरोपों में सामने आए हैं, उनके खिलाफ इन आरोपों की आधिकारिक जांच और निष्कर्ष सामने आना बाकी है।
बैंक खातों और ट्रांजेक्शन की जांच की मांग
रविंदर सिंह ने मांग की है कि संबंधित फर्मों और बैंक खातों की विस्तृत जांच की जाए। उनका दावा है कि बोग्स बिलिंग और पेमेंट ट्रांजेक्शन की जांच से कथित नेटवर्क से जुड़े कई लोगों और फर्मों के बारे में जानकारी सामने आ सकती है।
उन्होंने इस संबंध में विभिन्न केंद्रीय और राज्य जांच एजेंसियों को शिकायतें देने का भी दावा किया है।