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Jalandhar News: ED ने पंजाब के पूर्व प्रमुख सचिव को फिर भेजा समन, जानिए क्या है पूरा मामला

एजेंसी ने उन्हें 7 सितंबर को जालंधर स्थित अपने जोनल कार्यालय में पूछताछ के लिए पेश होने को कहा है। इससे पहले वर्मा को 31 अगस्त को पूछताछ के लिए बुलाया गया था, लेकिन वह ED के सामने पेश नहीं हो सके थे।

Jalandhar News: ED ने पंजाब के पूर्व प्रमुख सचिव को फिर भेजा समन, जानिए क्या है पूरा मामला
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डेली संवाद, जालंधर। Jalandhar News: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पंजाब के पूर्व मुख्य सचिव अनुराग वर्मा को एक बार फिर समन जारी किया है। एजेंसी ने उन्हें 7 सितंबर को जालंधर स्थित अपने जोनल कार्यालय में पूछताछ के लिए पेश होने को कहा है। इससे पहले वर्मा को 31 अगस्त को पूछताछ के लिए बुलाया गया था, लेकिन वह ED के सामने पेश नहीं हो सके थे।

अनुराग वर्मा ने जांच एजेंसी से पेशी के लिए अतिरिक्त समय मांगा था। उनका कहना था कि पूछताछ से संबंधित जरूरी दस्तावेज जुटाने के लिए उन्हें कुछ और समय की जरूरत है। इसके बाद ED ने उन्हें नई तारीख देते हुए 7 सितंबर को पेश होने का निर्देश दिया है।

इसी मामले में IAS अधिकारी कंवलप्रीत बराड़ को भी ED की ओर से दोबारा समन जारी किया जा चुका है। उन्हें 27 अगस्त को बुलाया गया था। इससे पहले वह 18 अगस्त को जांच एजेंसी के सामने पेश होकर पूछताछ में शामिल हो चुकी हैं।

सनटेक सिटी प्रोजेक्ट से जुड़ा है मामला

ED की जांच मोहाली स्थित सनटेक सिटी और एल्टस स्पेस बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े कथित वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं पर केंद्रित है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि परियोजना से जुड़े मामलों में नियमों का पालन हुआ था या नहीं और क्या किसी निजी बिल्डर को अनुचित लाभ पहुंचाया गया।

जांच के दायरे में उस समय लिए गए फैसले भी हैं, जब अनुराग वर्मा हाउसिंग एवं अर्बन डेवलपमेंट विभाग के प्रमुख पद पर थे। वर्तमान में वह अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व) के पद पर कार्यरत हैं।

CLU और लेआउट से जुड़े फैसलों की जांच

ED यह भी जांच कर रही है कि जमीन के चेंज ऑफ लैंड यूज (CLU) और कथित अवैध लेआउट से जुड़े मामलों में नियमों को दरकिनार तो नहीं किया गया। एजेंसी अधिकारियों की भूमिका और उस दौरान लिए गए प्रशासनिक फैसलों की भी जांच कर रही है।

सनटेक सिटी मामले में यह आरोप भी सामने आया है कि पंजाब रीजनल एंड टाउन प्लानिंग एंड डेवलपमेंट एक्ट की धारा 90 के तहत की जाने वाली कार्रवाई के बजाय धारा 85 के तहत कार्रवाई की गई। आरोप है कि इस प्रक्रिया से बिल्डर को राहत मिली। अब ED यह पता लगाने में जुटी है कि इस फैसले के पीछे क्या परिस्थितियां थीं और इसमें संबंधित अधिकारियों की कोई भूमिका थी या नहीं।

आने वाली 7 सितंबर की पेशी के दौरान ED अनुराग वर्मा से इसी मामले से जुड़े दस्तावेजों और विभागीय फैसलों को लेकर पूछताछ कर सकती है।